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OpenAI fired this 23-year-old from their Superalignment team.
But he turned his insider knowledge into a $1.5B fund that's outperforming Wall Street by 700% this year.
He says maybe ~200 people in SF understand what's *actually* happening in AI right now.
Here's his thesis: 🧵
Acharya Prashant becomes most followed spiritual leader globally: covered by https://t.co/3XQTSuxgBV
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Acharya Prashant's YouTube channel has surpassed 50 million subscribers, making him YouTube's most followed spiritual leader globally. He leads a Bhagavad Gita Teaching Program with 30,000+ global participants and recently announced the conclusion of world's largest online Gita-based spiritual exam.
To know more: https://t.co/XItI3XXK7Q
30,000+ साथी आचार्य प्रशांत के साथ लाइव ऑनलाइन सत्रों में जुड़ चुके हैं। आप कब जुड़ रहे हैं? 😇
लाइव सत्रों में शामिल होने के लिए कृपया नीचे दिए गए फ़ॉर्म को भरें:
https://t.co/Vax3GthxLm
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आचार्य प्रशांत संग लाइव ऑनलाइन गीता सत्रों से शीतल जी की सीख। उनके शब्दों में:
मैं पिछले एक महीने से लाइव आनलाइन गीता सत्रों से जुड़ी हुई हूँ, और आचार्य जी के वीडियो मैं काफ़ी समय से देख रही हूँ।
जिससे मेरे जीवन में कई बदलाव आए हैं। मेरे रोज़ मर्रा के कामों में काफ़ी तीक्ष्णता आई है और मेरे रिश्तों में बहुत सहजता आई है।
किसी भी स्तिथि में न घबराने की आचार्य जी की सीख पर अमल करने की कोशिश कर रही हूँ।
आज के सत्र में आचार्य जी ने हमें प्रेम और कामना ��े बारे में समझाया। आज उन्होंने बताया कि तर्क और बुद्धि, अहं की कामना के गुलाम होते हैं। हमारी बुद्धि कभी भी हमारी कामनाओं पर प्रतिप्र्श्न नहीं करती, उसका उपयोग बस अहम् की कामनापूर्ति के लिए होता है। अध्यात्म से उपजने वाला बोध से हम अपनी कामनाओं पर तीक्ष्ण प्रश्न उठा सकते हैं जैसे कि "क्या इस कामना से मुझे चैन मिलेगा, या सिर्फ समय व्यर्थ होगा?"।
शीतल जी द्वारा साझा किया, संत कबीर जी का दोहा:
यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान।
शीश दिए जो गुरु मिले, तो भी सस्ता जान।।
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पूरा वीडियो आप सभी के लिए ...
https://t.co/vxDk3Dm93Q
30,000+ साथी आचार्य प्रशांत के साथ लाइव ऑनलाइन सत्रों में जुड़ चुके हैं। आप कब जुड़ रहे हैं? 😇
लाइव सत्रों में शामिल होने के लिए कृपया नीचे दिए गए फ़ॉर्म को भरें:
https://t.co/Vax3GthxLm
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आचार्य प्रशांत संग लाइव ऑनलाइन गीता सत्रों से सरिता जी की सीख। उनके शब्दों में :
यहाँ प्रस्तुत सभी योद्धाओं को मेरा अभिनन्दन। मैं सरिता एक सेवानिवृत्त प्राचार्या हूँ और 35 वर्षों तक सरकारी कार्यक्रमों की उद्घोषणा करती रही हूँ।
मेरी जीवन सरिता में कोई तेज़, कोई बल नहीं था, बड़ी ही शांति से बह रही थी। मगर इन प्रशांत ने मुझे अशांत कर दिया, शुरुआत में बड़े ही अपकारक प्रवृत्ति के प्रतीत हुए। सेवानिवृत्ति के बाद कोविड संक्रमण के दौरान उन्हें विस्तार से सुनने का मौका मिला। उन्हें सुनने पर भीतर से बड़ा प्रतिरोध उठता था, लगता था यह आदमी पारिवारिक संस्था को भंग कर देगा। मगर फेसबुक पर उन्हें लगातार सुनने के बाद आभास हुआ कि मैं गलत हूँ और आचार्य जी के वचन उचित हैं।
आचार्य जी के सानिध्य में मन, शरीर, धन एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। इतना कि मैंने अपने बच्चों भी उनके वीडियोस शेयर करना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने उनकी सीख नज़र अंदाज़ की लेकिन समय के साथ उनके जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आए। मेरा बेटा भजन गाता था, उसने संत कबीर के भजन गाना शुरू कर दिया। उसने मुझसे गूगल की अपनी नौकरी छोड़ आचार्य जी की संस्था से जुड़ने की इच्छा प्रकट की। ��ैंने कहा इस निर्णय में ही तुम्हारी जीत है, तुम भी अर्जुन की भांति इस युद्ध में समर्पित हो जाओ। संस्था से जुड़ने के बाद वह और भी आत्मनिर्भर हो गया है। आप सभी को मेरा धन्यवाद्।
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पूरा वीडियो आप सभी के लिए ...
https://t.co/MnK6Yo5KmZ
✨ वो कौनसा सिद्धांत है? ✨
1. भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होना युवाओं के लिए एक स्वर्णिम सपना और एक कठिन लक्ष्य होता है। कड़ी मेहनत के बाद 22 की उम्र में ही चयनित हुए इस नौजवान ने आखिर क्यों हाथ आई गद्दी ठुकरा दी?
2. आइ.आइ.एम अहमदाबाद भारत ही नहीं विश्व के शीर्ष प्रबंध स��स्थानों में से है, और इसमें प्रवेश मिलना हार्वर्ड और व्हार्टन में प्रवेश मिलने से भी ज़्यादा कठिन है। ऐसे संस्थान से डिग्री हासिल कर और 3 साल तक दुनिया के बड़े ब्रांड वाल��� कम्पनियों में ऊंची तनख्वाह पर काम करके, उस नौजवान ने क्यों कॉर्पोरेट जगत की भी चमक-दमक और पैसों को अलविदा कह दिया?
हमारा इरादा किसी एक खास व्यक्ति को महिमामण्डित करने का या आदर्श बनाने का नहीं है। हम उत्सुक हैं वो सिद्धांत समझने में जिसपर चलकर वो नौजवान आज हमारे बीच आचार्य प्रशान्त नाम से विख्यात है।
कहानियाँ 1-2 इंसानों की होती हैं, लेकिन सिद्धांत सब इंसानों पर एक समान लागू हो सकते हैं। इसीलिए हम आतुर हैं, उस नौजवान के फैसलों के पीछे का सिद्धांत समझने के लिए।
अगर आप भी जीवन में ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहाँ आप नौकरी, कैरियर, पैसे, भविष्य से सम्बंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने हैं, तो उन सिद्धांतो को समझें जिन पर उस नौजवान ने अमल करा था।
उस नौजवान ने आज इन मुद्दों पर हमारे लिए कुछ सीख सप्रेम भेंट की हैं, जो शायद आपकी ज़िंदगी के फ़ैसलों की भी दिशा बदल दें।
आचार्य प्रशांत के पिछले 10 सालों के
सबसे महत्वपूर्ण वीडियो एक साथ
आपकी संस्था की ऐप व वेबसाइट पर।
🦉 धोखे जो सब खाते हैं: https://t.co/AqTIyt7Wbw
🔥 निडर जीवन: https://t.co/bfV94VIG6n
⏱️ समय का सही उपयोग: https://t.co/BcbD9MxEVT
🏃🏻 संघर्ष अपने विरुद्ध: https://t.co/0Mo5c8uGKT
👨👩👧 सही परवरिश: https://t.co/VNyFQ3A6ob
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