Reporter: "Kaha Tak Jane ka Plan hai Neha ??"
@neha_aisa " Gyanesh Kumar ki Kursi tak jayenge phir wapas Aayenge"
Bhai the impromptu choice of words, metaphors shows the intellect she carries within 🫡
यह हैवान, यह संघी आतंकवादी रमन है
चंदन नगर बरारी में रहता है
इसका वो हाल होना चाहिए कि सात पुश्तों की रूह काँप जाये
दिल्ली पुलिस कुछ करोगे या सिर्फ़ बकलोली करनी है?
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई - RSS-BJP के असली गुंडों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है।
जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा।
@AmitShah, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए।
हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!
सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते।
संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!
शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाना कोई नेहा बोरा से सीखे.
2.11 मिनट पर पोस्ट कर के आज के प्रोटेस्ट स्थल की जानकारी दी,
कहा ठीक 2.30 बजे दिल्ली के RK Ashram में मिलते हैं SIR के खिलाफ और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर.
नेहा बोरा का जवाब नही, अगर यही वीडियो नेहा बोरा ने कल पोस्ट किया होता तो आप सब जानते हैं क्या होता ?
नेहा बोरा इसी कारण आंदोलन की रेस में सबसे आगे है. CJP की लीडरशिप को भी नेहा बोरा की तरह तपती धूप गर्मी में सड़कों पर आंदोलन करना सीखना चाहिए.
एक आंदोलनकारी बच्ची पर घूसों से निर्मम प्रहार करनेवाले इस व्यक्ति की AI से तुरंत पहचान की जाए और गिरफ़्तारी हो और ऐसा दंड दिया जाए कि अपनी बेटी के समान बच्ची पर फिर कभी कोई भाजपाई या उनके संगी-साथी या सादी वर्दी के गुर्गे हाथ न उठा सकें।
जो पुलिसकर्मी निष्क्रिय दिख रहे हैं, उनकी भी शिनाख़्त हो और गहन निष्पक्ष जाँच के पश्चात अनुशासनात्मक-दंडात्मक कार्रवाई भी।
सभ्य-लोकतांत्रिक समाज में संकीर्ण नकारात्मक मानसिकतावाले हिंसक लोगों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
नई पीढ़ी ने भाजपाइयों को ‘कैंसल’ कर दिया है।
देश कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!