दोस्तों आप हमें एक बात कहें मशविरा दिजिए
आज से अगले महीने अक्टूबर लास्ट तक छुट्टी पर रहेंगे कम्पनी पैसा देगा मगर काम पर नहीं जाना होगा तो रुम में बैठ बैठ कर तंग हो जाएंगे यानी 35 से 38 दिन गुजारना है “ऐसे में हम किया करे जो फायदा हो टाइम बर्बाद ना हो” ट्वीटर रहा नहीं जो मेहनत करते बा��ी सोशल मीडिया पर जाऊं या कोई दूसरा तीसरा ओप्शन बताओ घर भी नहीं जाना है...
यह अरमान मलिक बिल्कुल भी अच्छा इंसान नहीं है
दूसरी पत्नी कृतिका को सिर पर बैठा रखा है
और पहली पत्नी प���यल को सरेआम जलील कर रहा है 😡
बेचारी ठीक से रो भी नहीं पा रही... और अरमान-कृतिका अपनी ही दुनिया में मस्त हैं...
Up लखनऊ के रहने वाले इस गरीब मजदूर ने इसी 2 मंजिला मकान में लगभग 1 महीने ₹15000 रुपए का काम किया था���
काम पूरा हो जाने के बाद मकान मालिक ने मजदूर को सिर्फ ₹5000 खर्चा /पानी के दे दिए, बाकी ₹10000 रुपए बकाया रख दिए।
2 दिन पहले व्यक्ति को पैसों की जरूरत पड़ी तो मकान मालिक ने सीधा मना कर दिया, बोला 10 दिन इंतजार करो।
मजदूर गुस्से से हथोड़ा लेकर मकान की tiles तोड़ दी, ऐसा मकान मालिक किसी गरीब की मजबूरी नहीं समझते, मालिक को 10 हजार देने चाहिए, उसके मेहनत के पैसे हैं।
मछली है या प्लास्टिक काटने व���ली मशीन
मछली का दांत इतना तेज़ कि प्लास्टिक की बोतल को एक सेकंड में काट दे रही है
सोचो अगर इस पर इंसान की उंगली पड़े तो क्या हाल होगा ।
दोस्तों आप हमें एक बात कहें मशविरा दिजिए
आज से अगले महीने अक्टूबर लास्ट तक छुट्टी पर रहेंगे कम्पनी पैसा देगा मगर काम पर नहीं जाना होगा तो रुम में बैठ बैठ कर तंग हो जाएंगे यानी 35 से 38 दिन गुजारना है “ऐसे में हम किया करे जो फायदा हो टाइम बर्बाद ना हो” ट्वीटर रहा नहीं जो मेहनत करते बाकी सोशल मीडिया पर जाऊं या कोई दूसरा तीसरा ओप्शन बताओ घर भी नहीं जाना है...
हुकूमत ने एक बार फिर आमदनी का मौका गंवा दिया, इसीलिए कहते हैं अपनी ईजाद का पेटेंट करा लेना चाहिए।
दरअसल, सड़क पर कीलें गाड़ने की भारतीय टेक्नोलॉजी को पाकिस्तानी फ़ौज ने चुरा लिया है, जिसका इस्तेमाल इमरान खान की रिहाई के लिए उनकी पार्टी के लॉन्ग मार्च को रोकने के लिए किया जा रहा।
नापाक फ़ौज KPK से आने वाले रास्ते पर पड़ने वाले
अटक पुल पर यह टेक्नोलॉजी नसब कर रही है।
Me: वैसे इतना सब करने की क्या ज़रूरत थी दोनों पुल पर मिसाइल गिरा देनी चाहिए थी वह क्रॉस ही नहीं कर पाते..🫣
अगर ज्ञानेश कुमार कोई वोट चोरी नहीं किए होते, चुनाव आयोग में कोई गड़बड़ी नहीं होती तो ऐसा ���हने वाले जेल में होते 👇
क्योंकि बिना सबूत के चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर इल्जाम लगाने वालों पर कार्रवाई हो रही होती।
आरोप चुनाव आयोग पर लग रहे है , आरोपी मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाये गए है , लेकिन भाजपा वाले फैक्ट चेक कर रहे है , जबकि किसी एक महिला के कह देने ��े फैक्ट चेक होता ही नहीं ,
बात फॉर्म 6 की नहीं बल्कि 2 अन्य चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा दी गयी 14 आपत्ति पर है ,
क्या चुनाव आयोग ही भाजपा है ?
हर बार अपनी सफाई देना ज़रूरी नहीं होता
कभी कभी ख़ामोश रहकर आगे बढ़ जाना ही बेहतर होता है क्योंकि जो आपको स��झना चाहता है वो आपकी ख़ामोशी भी समझ लेगा
अपनी शांति बचा कर रखिये क्योंकि हर बहस जीतना ज़रूरी नहीं होता
कल Original Content Rewards का पहला pay out आना था
कुछ लोगों को उम्मीद थी कि शायद म��रा $1000 आएगा लेकिन
मुझे ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी
पर $98 की भी उम्मीद नहीं थी क्योंकि यह ओरिजिनल कंटेंट के हिसाब से बहुत कम दिया है
इससे पहले 180k verified impression पर $561 दिया था
लेकिन इस बार Original Content होने के बाद भी 155k verified impression पर $98 मिला है
कई लोग जो Grouping करते हैं या फिर Read More का इस्तेमाल करते हैं
उनका $1000 के करीब भी आया है
मतलब x के नियम के अनुसार चलने पर यह इतना पैसा नहीं देगा लेकिन जब आप उसके नियम के खिलाफ जाओगे तो पैसा ��च्छा देगा
मैंने तो सोच रखा था कि अगर Pay Out कम आता है तो कंटेंट को पूरी तरह से बदल दूंगा
अब आप बताओ मुझे कंटेंट बदलना चाह��ए कि नहीं?
दूध निकालना जरूरी है....बस तरीका कुछ नया प्रतीत होता है😶
बकरी जब बच्चों को जन्म देती है तो अचानक से दूध निकलता
नहीं है उसके लिए पारंपरिक तरीके अपनाए जाते हैं तरीका तो
यह नया लग रहा है लेकिन शाय��� पारंपरिक तरीका कुछ और है
क्या आपने कभी इस प्रकार का तरीका अपनाया है या फिर देख
है तरीका अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन काम जरूरी होता है