दलितों का एंकाउंटर हो तो “नक्सली था मारा गया”,
मुसलमान का एंकाउं��र हो तो “आतंकवादी था मारा गया”,
ऐसा कहने वाले लोग ही भरत तिवारी के एंकाउंटर पर सवाल उठा रहें हैं…
पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आ��िर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहाँ से आया?
किन लोगों के शह पर इस आपराधिक वारदात पर राजनीति हो रही है?
देश संविधान से चलेगा या फिर अवैध पिस्टल की नोक से?
भरत तिवारी को कोई क्रांतिकारी नहीं था जिनका जातिवादी मानसिकता के लोग समर्थन कर रहें हैं,पुर्व में भी अपराधिक मामले को लेकर इनकी गिरफ़्तारी हो चुकी थी।
वैसे चित्रा त्रिपाठी जी जैसे कुछ लोगों के लिए ये लाईन सटीक है…
लश्कर भी तुम्हारा है स��दार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है…
🚨ब्रेकिंग : याद है जब शाहरुख खान ने अंजना ओम कश्यप और गोदी मीडिया को उनके चेहरे पर उड़ा दिया था
अंजना लगभग रोने ही वाली थीं। अंजना ओम कश्यप को आईना दिखा गए किंग खान ने🗿🔥
NDA सरकार का संकल्प है कि कोई भी वंचित छात्र संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहे। इसी दिशा में माननीय मुख्यमंत्री श्री @samrat4bjp जी ने SC/ST छात्रों के लिए छात्रावास अनुदान को दोगुना कर दिया है।
#NDA4bihar#SamratSarkar
आरक्षण पर एक ब्राह्मण समाज के प्रगतिशील युवा के इस तर्क को पूरे देश को सुनना चाहिए।
ऐसे तर्कशील युवा ही इस देश की पुरातन कुप्रथा को खत्म कर सकते है!
जब तक हम बीमारी को कबूल नहीं करेंगे तब तक उसका इलाज मुश्किल है!