Chandrashekhar Azad killed himself at Alfred park, before Britishers could capture him. Bhagat singh was smiling before he was hanged. People sometimes choose death over dishonour. Swara is taking up this issue only because the women committing Jauhar are making her peaceful invaders look bad.
We always said, you have freedom to criticize RSS, BJP or Govt. but don't abuse our nation.
ध्यान से सुनें.. हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह तुम्हें बहुत ज़्यादा महंगा पड़ेगा।
By now, most people would have seen this video & know who Tinkle Gongo from Itanagar is.
Almost every media outlet has covered her story.
But her spirited pushback against an insult & her confident assertion-“Hum bhi India hai”-are reason enough for her to still be my inspiration for starting the week off well.
Thank you, Tinkle.
You are the essence of India…
#MondayMotivation
समस्या ये नहीं है कि तुम किसी को सपोर्ट कर रहे हो,
समस्या ये है कि सपोर्ट करने के चक्कर में कुछ भी डिफेंड कर रहे हो ,
>अंधभक्त दोनों तरफ हैं,
>दोनों गालीबाज हैं,
>दोनों पढ़ते लिखते नहीं
>दोनों देश से ज्यादा नेता और पार्टी को को प्यार करते
>दोनों तरफ वाले झूठ और फेक प्रोपेगैंडा फैलाते
>दोनों का अपना अपना पेड मीडिया ,सोशल मीडिया और पत्रकार हैं
>दोनों एक दूसरे को बिना किसी हाँथ पैर के ट्रोल करते
>नेता अगर गलती से आम को चुकंदर कह दे तो इनका पूरा दिन आम को चुकंदर साबित करने में निकलता
>इनके नेता आपस में प्रेम से मिलते, सरकार आने पर एक दूसरे को जेल नहीं भेजते, लेकिन समर्थकों ने आपसी रिश्तों में जहर घोल रखा
>ये कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज़म के बजाय डिस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज़म करने में भरोसा रखते हैं
>लोगों के मुद्दों से इनको कोई मतलब नहीं,
>जनता को इनके ट्वीट पर भरोसा करने के बजाय खुद से चीजों का वेरिफिकेशन जरूर करना चाहिए
लखनऊ की एक दुखद घटना में ICICI बैंक की दिव्या मिश्रा को उनके पति मानस बाजपेई ने खत्म कर दिया और उसके बस अपनी मानसिक बीमार बहन को खत्म कर खुद को भी खत्म कर लिया।
दुखद घटना था।
ये दिव्या मिश्रा पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की सगी बहन थीं।
पर मुझे एक चीज बहुत अखरी।
अगर किसी के भाई या बहन के साथ ऐसी घटना हुई हो तो वो अपने शुभचिंतकों परिवार जनों मित्रों को फोन करके बुलाएगा। जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंचने का प्रयास करेगा।
उसके पास ट्विटर फेसबुक सोशल मीडिया का टाइम नहीं होगा।
हम ये कैसा समाज बनते चले जा रहे हैं कि सगी बहन के साथ ऐसी घटना होने पर भी पहले इसे सोशल मीडिया पर अपडेट करने की जल्दी हो। बाद में कुछ और।
भले आप मुझे कुछ भी कहें पर मुझे ये वाकई बहुत भद्दी चीज लगी।
>न्यूज चैनल का नाम है न्यूज लॉन्ड्री
>13 अगस्त को न्यूज लॉन्ड्री ने झारखंड के बच्चों पर एक खबर छापी
>इन्होंने एक carousel बना कर इंस्टाग्राम पर झारखंड इशू पर कई बातें लिखी,
>इन्होंने एक बात लिखी की बच्चों की बरसते पानी में भीगने वाली तस्वीर AI से बनायी गयी थी
>खास बात है कि न्यूज लॉन्ड्री ने बिना कोई इमेज प्रूफ दिए ये बात बोली है ,
>झारखंड प्रोटेस्ट में बच्चों के भीगने की सैकड़ों फोटो और वीडियो वायरल हुए हैं
>लेकिन किसी फोटो या वीडियो पर फर्जी होने का आरोप नहीं लगा है
>ऐसे में बिना किसी इमेज का प्रूफ दिए ऐसा बोलना तो भ्रामक है,
>मैं @newslaundry से अनुरोध करता हूँ कृपया वो तस्वीर या वीडियो दिखाइए जिसको आपने AI जेनरेटेड बताया है
>आन्दोलन की शुरुआत से लेकर आजतक कई दिन वहाँ पानी बरसा है और डेली बच्चे भीगे हैं
>शुरुआत के दिनों का संघर्ष तो बहुत ज्यादा था,
>जरा हम भी तो देखें कौन सी फर्जी इमेज थी,
>रीप्लाई का इंतजार रहेगा
झारखंड सरकार ने 'वही' किया जो उनको नहीं करना चाहिए था, और जो मोदी सरकार को जंतर मंतर पर करना चाहिए था। @HemantSorenJMM ने सोच-समझकर रैंडम ग्रुप को लेजिटिमेसी दी जब कि अराजनैतिक छात्र-छात्राएँ कहीं और हैं। @JPNadda ने मूर्खतावश उन्हें लेजिटिमेसी दी जिन्हें छात्र-संबंधित विषयों से कोई लेना-देना नहीं था।
कहते हैं अनुभव से ऐसे निर्णय लिए जाते हैं, यहाँ @BJP4India के सलाहकार कौन थे मुझे उनका नाम जानना है।
Finished #OperationSafedSagar with a deep sense of gratitude. The Golden Arrows were young, originally a photo recce squad, yet they rose to fly combat missions above 30,000 ft. Ajay Ahuja’s sacrifice while trying to save a fellow pilot stays with you long after the series ends.
A moving reminder of the courage of our @IAF_MCC warriors and the families who waited for them. Made with the support of the Indian Air Force, this is a story that deserves to be remembered. @NetflixIndia
>नाम नेहा बोरा
>काम आंदोलन चोरी
>असली काम छात्र आंदोलन का अभिनय करना
>झारखंड के असली छात्रों ने विधानसभा मार्च की तारीख 10 अगस्त रखी है
>मैडम ने झारखंड आंदोलन पर शुरुआत से कुछ नहीं बोला
>जब देश भर के कैमरे झारखंड आंदोलन की तरफ घूमे तो मैडम को कैमरों की याद सताने लगी
>मैडम ने छात्रों के विधानसभा मार्च को भटकाने के लिए और कैमरों का रुख खुद की तरफ मोड़ने के लिए 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान कर दिया
>मैडम चाहती तो 10 अगस्त वाले आंदोलन को मजबूती और समर्थन दे सकती थीं
>लेकिन फिर कैमरे मैडम के अभिनय को कैसे कैद करते
>जरूरी नहीं हर आंदोलन को पहली पंक्ति से ही लीड किया जाये और कैमरे का फोकस खाया जाये,
>ये सब लोग झारखंड आंदोलन को दीमक की तरह खाकर और क्रेडिट लेकर ढपली की धुन पर नाचने वाली रील बनाना चाहते हैं
>मुझे उम्मीद है कि झारखंड के छात्र सचेत रहेंगे
>ब्रो का नाम योगेन्द्र यादव है
>ब्रो का काम आंदोलन के तवे पर रोटी सेकना है
>ब्रो आंदोलन खाता है, आंदोलन पीता है, आंदोलन से नहाता है, आंदोलन से साँस लेता है
>ब्रो केवल दिल्ली वाले आंदोलन पर फोकस करता है
>जैसे ही कोई आंदोलन का ऐलान करता ब्रो फेयर एंड लवली लगाकर तैयार हो जाता है
>जैसे ही लोग दिल्ली की तरह आंदोलन करने बढ़ते हैं ब्रो उनकी बस में कन्डक्टर की तरह लटक लेता है
>ब्रो पूरा आंदोलन कैपचर करके फुल मीठी आवाज में मीडिया बाइट देता है
>आज झारखंड में बच्चे आंदोलन कर रहे लेकिन आंदोलन जीवी चैन की नींद सो रहा
>ब्रो सिलेक्टिव है, ब्रो सोंच समझ के आंदोलन करता है,
>छात्रों को ऐसे लोगों को याद रखना चाहिए, जब मदद मांगे कभी मत खड़े होना
So this girl, Ruchika Singh, who used vulgar language against our Prime Minister Narendra Modi and Giorgia Meloni, is just 15 years old.
Just look at her dressing style and language. It's vulgar at any age. Feminism is a cancer that is even affecting all age groups now. Stop saying - Don't judge women based on their attire. Stop hyping women as empowered just because they use vulgar language.
Enough is enough, man. Differentiate between how men can dress and how women can dress, and also how men should be masculine and women should be feminine. Stop with this equality.
झारखंड के छात्र एकदम टोपा हैं
>अभी दिल्ली जैसा पॉलिटिक्स यहाँ खेल रहे होते
>धर्म और जातिसूचक शब्द इस्तेमाल कर रहे होते
>मुख्यमंत्री के लिए अपशब्द इस्तेमाल कर रहे होते
>बेरिकेड की रेल बना के उसपर घूम रहे होते
तो देश का सोया भांड मीडिया वहाँ क्लिकबेट बाइटें लेने वहाँ पहुँच जाता।
>ब्रो का नाम कुमार विश्वास है
>ब्रो अपना एकदम चैड कवि है
>ब्रो ने अपना सिस्टम बेहतरीन कर रखा है
>ब्रो के भाई एवं ब्रो की एवं धर्म पत्नी की नियुक्ति का हमने खुलासा किया
>ब्रो ने वैसे तो पहले दूसरों की कविताएँ चुरा चुरा के खूब सुर्खियां बटोरीं
>ब्रो ने अमिताभ बच्चन के स्ट्राइक मारने पर खूब भोंगा पसारा
>ब्रो ने अब हमारे दो वीडियोज पर स्ट्राइक मार के वीडियो हटवा दिया
>ब्रो को डर है कि असलियत सामने आ जाएगी
>ब्रो के पास जब जवाब नहीं होता तो ब्रो ऐसा ही करता है
लेकिन हम ब्रो के साथ हैं ब्रो का किया धरा सब आपके सामने रखेंगे।
बने रहें खुरपेंच के साथ!!
Video from Devprayag.
As the Bhagirathi flowed with a strong current, a helpless cow was being swept away.
Most people would have watched from the bank, hoping for a miracle.
Lakhpat Singh Mahar, a local businessman from Devprayag, chose to become that miracle.
Without thinking about his own safety, he stepped in and, after a determined effort, managed to rescue the animal from the river.
In a time when viral videos are often filled with conflict and outrage, this is a reminder that humanity still exists. Compassion isn’t measured by who or what you save. It’s measured by the willingness to help when someone else is in danger.
Sometimes, the biggest acts of courage are the ones that expect nothing in return. Kudos to Lakhpat Singh Mahar for reminding us of that.
>हर जाति वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस बराबर रखी जाये,
>या तो सबके लिए शून्य की जाये या फिर सबसे बराबर पैसे लिए जाएँ,
>जब आरक्षण जाति के आधार पर होता है तो फीस जाति देखकर क्यूँ ली जाती है?
>अब आंदोलन ट्विटर तक सीमित नहीं रहेगा ,अब हर छात्र की आवाजें सड़कों से गूंजेगी
>ब्रो का नाम राम निवास है
>ब्रो पन्ना मध्य प्रदेश में SDM है
>ब्रो ने फ्लिपकार्ट से दो मोबाइल कवर मंगाये
>ब्रो ने डिलीवरी वाले से पार्सल खुलवाया
>पार्सल में सिर्फ एक कवर निकला
>ब्रो डिलीवरी वाले से रीफंड माँगने लगा
>डिलिवरी वाले ने पूरा प्रोसेस समझाया और कहा कंपनी से रीफ़ंड मांगिये
>ब्रो नाराज हो गया
>ब्रो ने पुलिस बुलाकर डिलिवरी वाले को BNS 151 के अंतर्गत गिरफ़्तार करवा दिया