केंद्र सरकार ने एक चीफ सेक्रेटरी का रिटायरमेंट 3 महीने केवल इसलिए बढ़ाया ताकि महामारी से निपटने के प्रयास सुचारू रूप से चलते रहें।
पर मुख्यमंत्री से खुन्नस के चलते उसको ��चानक से राज्य से हटाकर केंद्र में बुला लिया।
जाहिर है केंद्र को न तो लोगों की फिक्र है न महामारी की।
जिन लोगों ने कहा कि सीमा में कोई घुसा नहीं है। जिन्होंने कहा ऑक्सीजन भरपूर है। जिन्होंने कहा कोविड को जीत लिया गया है। जिन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या मामूली है। जिन्होंने कहा वैक्सीनशन की पूरी तैयारी है।
वो ही कह रहे 2021 तक सबको वैक्सीन लग जायेगी।
दो घरेलू निर्माताओं की क्षमता, उत्पादन, प्रेषण, आपूर्ति और ग्राहकों की सूची के CAG द्वारा संचालित पूर्ण-स्कोप ऑडिट को निर्देशित करना उचित रहेगा।
टीकों की कमी पर जनता का गुस्सा सड़कों पर आने से पहले अब लापता टीकों के रहस्य को सुलझाना जरूरी है।
कॉरपोरेट्स हमें यह भी बताएं कि उन्हें टीकों की आपूर्ति कहां से मिलेगी।
राज्य सरकारें घरेलू या विदेशी किसी भी निर्माता से आपूर्ति प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं। तो, कॉरपोरेट्स को अपनी आपूर्ति कहाँ से प्राप्त होने की उम्मीद है?
मैं रिलायंस ग्रुप, HCL और अन्य द्वारा अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों, व्यापार भागीदारों आदि के टीकाकरण करने की घोषणाओं का स्वागत करता हूं और कॉरपोरेट्स को बधाई देता हूं।
हम समझते हैं कि 'क्षमता' एक चीज है और 'उत्पादन' एक अलग चीज है। हम दो घरेलू निर्माताओं द्वारा अब तक उत्पादित वास्तविक मात्रा के बारे में जानना चाहेंगे।
एक बार जब हम वास्तविक उत्पादन को जान लेते हैं, तो हमें बताया जाना चाहिए कि तारीख-वार क्या आपूर्ति की गई है और किसे?
"लापता टीके" का रहस्य हर दिन गहराता जा रहा है।
टीकों के एक बैच के उत्पादन के लिए आवश्यक 'लीड टाइम' के बारे में भारत बायोटेक के बयान ने भ्रम को और बढ़ा दिया है।
कोरोना के समय में राहुल गांधी लगातार पत्रकारों से बात कर रहे हैं।
आज भी अपने कोरोना से ठीक होने के बाद पहली प्रेस कान्फ्रेंस की। सबके सवाल लिए।
पत्रकार उनसे इस तरह कड़क कर पूछते हैं जैसे सारी जिम्मेदारी राहुल की हो।
जबकि केन्द्र सरकार के किसी मंत्री से सवाल भी नहीं पूछते!
ओडिशा की आदिवासी महिलाएं दशकों से तस्करों से जंगलों को बचाने के लिए रखवाली कर रही हैं। उनके पास हथियार के नाम पर एक छड़ी होती है। इस व्यवस्था को थेंगापल्ली कहा जाता है। @TazeenQureshy की रिपोर्ट @101Reporters#VillageCommons https://t.co/Bf0mmoAgEz
जिस व्यवस्था में देश की आबादी के एक वर्ग के लिए नफ़रत भरी होती है, जातीय और धार्मिक सर्वश्रेष्ठता का दंभ भरा होता है वो व्यवस्था जनता की सेवक नहीं रहती बल्कि हत्यारी बन जाती है।
#JusticeForFaisal#UttarPradesh
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