@AGehlotPhirSe ये जो अंतरराष्ट्रीय नेता के समर्थक लोग सोशल मीडिया पर माहौल बना रहे है उनको बोलो गरीब और भूमिहीन जनता से जाकर पूछो। उनके दिल में सिर्फ एक ही नाम और वो है जननायक गहलोत जी
@AG310717 ये बात सही है लेकिन कुछ लोग ये बात स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि उनके अनुसार तो सिर्फ एक ही अंतरराष्ट्रीय नेता ही जीत दिलवा सकते हैं। यद्यपि उनके बिना भी कांग्रेस ने पहले भी सरकार बनाई थी लेकिन उनके आने के बाद गुटबाज़ी चरम पर है
@Rajkaj33@AmitYaddav नौकरी भी पिताजी शहीद होने पर शहीद कोटे से लगी है इनका संघर्ष सिर्फ इतना है कि इन्होंने कनिष्ठ सहायक के स्थान पर पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड 3 की नौकरी प्राप्त कर ली है