5 ज़रूरी होम्योपैथिक दवाएँ जो हर घर में होनी चाहिए
(घर के छोटे-मोटे रोगों का प्राकृतिक समाधान)
1. Arnica Montana 200 – चोट और थकान की पहली राहत
इसे “होम्योपैथी का Painkiller” कहा जाता है।
अगर गिरने, चोट लगने, या मांसपेशियों में दर्द हो — बस Arnica दे दीजिए।
फायदे:
चोट या मोच में सूजन कम करे
थकावट और शरीर दर्द में राहत
नींद न पूरी होने से होने वाले दर्द में भी असरदार
2-3 बूंदें पानी में मिलाकर दिन में 2 बार पर्याप्त हैं।
2. Nux Vomica 30 – पेट के सभी झंझटों का अंत
अगर खा-पीकर पेट में गड़बड़ हो जाए या गैस, एसिडिटी सताए — यही रामबाण है!
फायदे:
गैस, पेट दर्द, कब्ज़ में राहत
देर रात जागने या ओवरईटिंग से होने वाली तकलीफ़ में असरदार
चिड़चिड़ापन और तनाव से भी राहत देता है
दिन में 1-2 बार 5 बूंद लें।
3. Belladonna 30 – अचानक बुखार और सिरदर्द का तारणहार
अगर तापमान अचानक बढ़ जाए, चेहरा लाल हो जाए, सिर में तेज़ दर्द — तो Belladonna है जवाब।
फायदे:
अचानक बुखार, वायरल, या गले के दर्द में उपयोगी
सिरदर्द, चक्कर और तेज़ धड़कन में राहत
हर 3 घंटे में 5 बूंद जब तक आराम न मिले।
4. Rhus Toxicodendron 30 – जोड़ों के दर्द और ठंड से जकड़न में अमृत
सर्द मौसम में जब शरीर अकड़ जाए, उठने-बैठने में दर्द हो — यह चमत्कारी दवा काम करती है।
फायदे:
गठिया, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की अकड़न में असरदार
बारिश या ठंड से बढ़ने वाले दर्द में राहत
दिन में 2 बार 5 बूंदें पानी में लें।
5. Aconite Napellus 30 – ठंड से हुए अचानक बुखार में वरदान
ठंडी हवा या अचानक मौसम बदलने से सर्दी-बुखार हो जाए तो यह सबसे पहली दवा है।
फायदे:
अचानक बुखार, गले में खराश, जुकाम में राहत
डर, घबराहट और बेचैनी भी शांत करे
हर 2 घंटे में 5 बूंद जब तक आराम न मिले।
सुझाव:
इन 5 दवाओं को अपने “Natural First Aid Box” में ज़रूर रखें।
ये छोटी दिखती हैं, पर काम बड़ी दवाओं जैसा करती हैं —
बिना साइड इफेक्ट्स, बिना नुकसान, बस प्रकृति की शक्ति से आरोग्य।
बोलो तो प्रमोशन कर दूँ आज...🚩
एकदम जबरदस्त वाला... सबके कम से कम 200 नए भाई बहन जोड़ने वाला....
क्या कहते हो..?
अगले 10 मिनट में 100 कमैंट्स का मतलब YES माना जायेगा ✊
तो शुरू हो जाइये ✍️
नोएडा सेक्टर-63 में NimbusITes के सेंटर के उद्घाटन के साथ विकास, नवाचार और रोजगार के नए अवसरों की शुरुआत हुई। यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री @narendramodi जी के @_DigitalIndia के विज़न और माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। #NimbusITes परिवार को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। #MLAJewar #Noida #DigitalIndia #UttarPradesh
आयुर्वेदिक दवाइयां और उनके इस्तेमाल :
1. Ashwagandha (अश्वगंधा) → ताकत बढ़ाने और तनाव कम करने में
2. Shatavari (शतावरी) → महिलाओं की सेहत के लिए
3. Triphala (त्रिफला) → पाचन और कब्ज में
4. Chyawanprash (च्यवनप्राश) → इम्युनिटी बढ़ाने में
5. Giloy (गिलोय) → बुखार और रोग प्रतिरोधक क्षमता
6. Amla (आंवला) → विटामिन C और बालों के लिए
7. Brahmi (ब्राह्मी) → याददाश्त बढ़ाने में
8. Shilajit (शिलाजीत) → ताकत और ऊर्जा के लिए
9. Guggul (गुग्गुल) → कोलेस्ट्रॉल कम करने में
10. Neem (नीम) → त्वचा रोगों में
11. Tulsi (तुलसी) → सर्दी-खांसी में
12. Haritaki (हरड़) → पाचन के लिए
13. Baheda (बहेड़ा) → गले और पाचन में
14. Arjun Chaal (अर्जुन छाल) → हृदय के लिए
15. Punarnava (पुनर्नवा) → सूजन और किडनी के लिए
16. Safed Musli (सफेद मूसली) → ताकत बढ़ाने में
17. Kaunch Beej (कौंच बीज) → कमजोरी में
18. Vasaka (वासा) → खांसी और दमा में
19. Guduchi (गुडूची) → इम्युनिटी बढ़ाने में
20. Kutki (कुटकी) → लिवर के लिए
21. Kalmegh (कालमेघ) → लिवर और बुखार में
22. Bhringraj (भृंगराज) → बालों के लिए
23. Jatamansi (जटामांसी) → तनाव और नींद के लिए
24. Tagar (टगर) → अनिद्रा में
25. Gokshura (गोक्षुर) → किडनी और मूत्र रोगों में
26. Shankhpushpi (शंखपुष्पी) → याददाश्त के लिए
27. Pippali (पिप्पली) → खांसी और पाचन में
28. Dalchini (दालचीनी) → शुगर कंट्रोल में
29. Elaichi (इलायची) → पाचन के लिए
30. Laung (लौंग) → दांत दर्द में
31. Haldi (हल्दी) → सूजन और इम्युनिटी में
32. Aloe Vera (एलोवेरा) → त्वचा और पाचन में
33. Manjistha (मंजिष्ठा) → खून साफ करने में
34. Lodhra (लोध्र) → महिलाओं की समस्या में
35. Vidanga (विदंग) → पेट के कीड़ों में
36. Nagarmotha (नागरमोथा) → पाचन के लिए
37. Chitrak (चित्रक) → भूख बढ़ाने में
38. Devdaru (देवदारु) → सूजन में
39. Bala (बला) → कमजोरी में
40. Atibala (अतिबला) → ताकत बढ़ाने में
41. Erand (एरंड) → कब्ज में
42. Isabgol (इसबगोल) → कब्ज में
43. Chirayata (चिरायता) → बुखार में
44. Bakuchi (बकुची) → त्वचा रोग में
45. Kantakari (कंटकारी) → खांसी में
46. Agnimantha (अग्निमंथ) → पाचन के लिए
47. Dashmool (दशमूल) → सूजन और दर्द में
48. Rasna (रासना) → जोड़ों के दर्द में
49. Gudmar (गुड़मार) → डायबिटीज में
50. Apamarg (अपामार्ग) → त्वचा और पाचन में...see more
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपके पास एयरलाइन कन्फर्म टिकट हो और फिर भी एयरलाइन कह दे सीट नहीं है तो आपके पास क्या अधिकार होते हैं
ज़्यादातर लोग बस अगली फ्लाइट का इंतज़ार करते हैं लेकिन DGCA के नियम कुछ और कहते हैं
अगर एयरलाइन ओवरबुकिंग की वजह से आपको बोर्डिंग से रोकती है जिसे Involuntary Denied Boarding कहा जाता है तो मामला सिर्फ़ रिफंड तक सीमित नहीं रहता है
DGCA के Passenger Rights के अनुसार एयरलाइन को पहले आपके लिए अल्टरनेटिव फ्लाइट ढूंढनी होती है और ज़रूरत पड़े तो खाना ठहरने की व्यवस्था भी करनी होती है
अब बात आती है मुआवज़े Compensation की अगर आपको अल्टरनेटिव फ्लाइट 1 घंटे के भीतर मिल जाती है तो आमतौर पर अलग से मुआवज़ा नहीं मिलता है लेकिन सुविधाएँ दी जाती हैं
अगर नई फ्लाइट 1 घंटे से ज़्यादा लेकिन 24 घंटे के अंदर मिलती है तो आप ₹10,000 तक या basic fare + fuel charge का 100%,जो कम हो के हकदार हो सकते हैं
अगर फ्लाइट 24 घंटे से ज़्यादा देर से मिले या आप अल्टरनेटिव फ्लाइट लेने से मना कर दें तो मुआवज़ा ₹20,000 तक या basic fare + fuel charge का 400% जो कम हो सकता है
इसके अलावा आप हमेशा फुल रिफंड भी मांग सकते हैं
यह नियम भारत से शुरू होने वाली डोमेस्टिक फ्लाइट्स पर लागू होते हैं और 2019 से लगातार प्रभाव में हैं
असल दिक्कत यही है कि ज़्यादातर यात्री इस मुआवज़े के बारे में जानते ही नहीं है
अगली बार अगर एयरलाइन कन्फर्म टिकट के बावजूद बोर्डिंग से रोके तो याद रखिए आप सिर्फ़ इंतज़ार करने वाले यात्री नहीं बल्कि कानूनी अधिकार रखने वाले पैसेंजर हैं