@SonOfBharat7 क्या शर्मा जी पाव- पाव तो अमरीकी धमकी के सामने घुटने टेक दिए !
इसी लिए बोला जाता है कि 56” का सीना सिर्फ़ बोलने के लिए है । असली 56 इंदिरा थी ।
ये सत्य है कि आतंकियों ने धर्म पूछ कर मारा।
मगर ये भी सत्य है कि फौज नहीं थी वहां और बचाने वालों ने धर्म देखकर नहीं बचाया, कोई कंधे पर लेकर भागा तो कोई घोड़े से।।
ये सत्य है कि आतंकियों ने कलमा पढ़वाया।
मगर ये भी सत्य है कि आदिल हुसैन ने लोगों को बचाने के लिए आतंकियों की बंदूक छीनने की कोशिश की और उसे 3 गोली मारी गई।।
ये सत्य है कि कपड़े उतरवा लोगों को अलग कर मारा गया।
मगर ये भी सत्य है की अनंतनाग के GMC अस्पताल में डॉ रुकसाना की टीम 3 दिन से अस्पताल छोड़कर घर नहीं गईं, सभी घायलों को जान लगाकर ज़िंदा बचाया।।
मारने वालों ने नफरत चुनी,बचाने वालों ने इंसानियत।
पाकिस्तान चाहता है कि हिंदुस्तान में नफरत बढ़े और देश का नुक़सान हो। आपको चुनना है कि उसे कामयाब करना है या नाकाम। जय हिंद,जय हिंद की सेना।