अखिलेश जी, जांच पूरी होने से पहले ही नैरेटिव गढ़ लेना आपकी पुरानी आदत है। रायबरेली के इस मामले में एसडीएम जांच में लेखपाल पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद और झूठे पाए गए हैं। रिपोर्ट आ गई, क्लीन चिट मिल गई, फिर भी आप उसी अधूरी खबर को नारी सम्मान का मुद्दा बनाकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं।
जो दल खुद सत्ता में रहते हुए गुंडागर्दी, भूमि कब्जा और कमजोरों के शोषण का रिकॉर्ड रखता हो, वह आज नैतिकता का पाठ पढ़ाने निकला है। नारी वंदन का नारा लगाने वाले आप ही हैं या वो प्रशासन जो शिकायत आते ही जांच बैठा देता है और झूठ निकलने पर सच्चाई सामने रख देता है?
पहले तथ्य देखिए, फिर ट्वीट कीजिए। वरना जनता अब अच्छी तरह समझती है कि कौन विकास और सुरक्षा की बात करता है और कौन हर छोटी घटना को राजनीतिक हथियार बनाता है।
नेपाल में हर दृश्य दिल दहला देने वाला है। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ के बीच फंसे घर, पानी के भंवर में घूमते वाहन, ढहते घरों के साथ मरते लोग और जान बचाने के लिए छतों-बालकनियों पर खड़े लोग… यह मंजर आज के इस आधुनिक युग में भी कुदरत के आगे इंसान की बेबसी बयां कर रहा है।
इंसान चाहे कितनी भी कोशिश कर ले,
प्रकृति और ईश्वरीय शक्ति के आगे सब कुछ छोटा पड़ जाता है। हे ईश्वर, इस भयावह आपदा में सबकी रक्षा करना। 🙏
नेपाल में बाढ़ के सबसे अधिक भयावह दृश्य नेपाल- चीन बॉर्डर पर है। ये साजिशन तो नहीं किया गया?
वीडियो नेपाल-चीन सीमा पर रसुआगढ़ी बॉर्डर की है। इसके ठीक सामने चीन है।