@Mayawati बहनजी का पीड़ितों के प्रति अपनापन और चिंता साफ दिखाई देती है। जरूरत पड़ने पर खुद प्रभावित इलाकों का दौरा करने की बात कहना और पार्टी के लोगों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार धन व श्रम से पीड़ितों की मदद करने की अपील करना उनकी संवेदनशीलता और सक्रियता को दिखाता है। #bsp@Mayawati
अमित शाह कह रहे हैं सपा बसपा का शासन था तो यूपी में अपराध की इंडस्ट्री चल रही थी।
राजनीतिक आलोचना अलग बात है मगर सच्चाई ये है कि जब बहनजी @Mayawati की सरकार थी अपराध की इंडस्ट्री छोड़ो, उस इंडस्ट्री के माफ़िया शाह की भी हिम्मत नहीं थी कोई दंगा करवा सकें।
माननीय गृहमंत्री जी आपने अपने व्यक्तव्य में कहा उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार में उत्तर प्रदेश अपराध की इंडस्ट्री,कट्टा और तमंचा की इंडस्ट्री लगती थी.वाहन चुराने का कुटीर उद्योग लगता था .चैन स्नेचिंग का उद्योग था. माननीय गृहमंत्री जी जिस पद को आप सुशोभित कर रहे हैं उसे पद पर बिना तथ्यों के बिना बात करना आपकी छवि को धूमिल करता है. आपकी जानकारी हेतु बताना चाहता हूँ .उत्तर प्रदेश में आदरणीय बहन जी की चार बार की सरकार में उत्तर प्रदेश में गुंडाराज माफिया राज और डाकुओं का राज खत्म किया. गुंडा टैक्स बंद कर कराया गया। कहीं कोई दंगा फसाद नहीं हुआ। हर वर्ग में अमन चैन स्थापित हुआ।गरीब और अमीर पूरी तरह खुश थे। गरीब परिवारों को जमीनों का मालिकाना हक दिया गया जहाँ पर वह रहते थे। भूमिहीनों को दो से तीन तीन एकड़ के जमीन के पट्टे दिये गये।लेकिन आपकी सरकार ने उनको बुलडोजर से बेघर कर दिया आज भी यूपी के गरीब लोग दर-दर भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। और आपकी जानकारी में बताना चाहता हूँ 2017 से लेकर 2024 की यूपी में आपकी बीजेपी सरकार में पेपर लीक का उद्योग चरम पर पहुंच गया है ।जिसके तहत नए-नए कीर्तिमान स्थापित हुए 2017 में यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा रद्द 2018 में (uppcl) उत्तर प्रदेश में पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड परीक्षा रद्द, 2018 में यूपी पुलिस कांस्टेबल नलकूप चालक भर्ती परीक्षा रद्द ,2021 में UPTET परीक्षा पेपर वापस रद्द ,2022 में लेखपाल भर्ती परीक्षा पेपर लीक रद्द ,2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक और रद्द जिसमें 48 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए, 2024 में यूपी में RO/ARO समीक्षा अधिकारी परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द, 2022 में यूपी बोर्ड के इंग्लिश पेपर 12 जिलों में परीक्षा पेपर लीक हुआ जिसकी वजह से आपको पेपर रद्द करना पड़ा था ।आपकी बीजेपी सरकार में उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाला की तरह ही पेपर लीक उद्योग स्थापित हुआ ।जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं और तमाम छात्रों का भविष्य अंधकार मय हुआ है।उसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की है। साथ ही मैं कुछ आंकड़ों को आप को बताना चाहता हूँ 2017 से अब तक 26000 ज्यादा उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्कूल बंद किए गए शिक्षा का पूरा हाल हुआ। आज उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से सात लाख से अधिक बच्चे आउट ऑफ स्कूल हैं उनको पढ़ने के अवसर ही नहीं मिल रहा है।और वही 2007 से 2012 के बीच में आदरणीय बहन जी के शासनकाल में 5000 प्राथमिक और जूनियर स्कूल खोले गए। 2007 से 12 के बीच में आदरणीय बहन जी की सरकार में 572 राजकीय हाई स्कूल माध्यमिक विद्यालय खोले गए, साथी 100 से अधिक डिग्री कॉलेज और 6 विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय,5 इंजीनियरिंग कॉलेज, 7 मेडिकल कॉलेज भी खोले गए ,विशेष रूप से दलित और पिछड़े बहुल ग्रामीण क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए इन विद्यालयों का निर्माण कराया गया। और इस कार्य में आपकी बीजेपी सरकार ने 10 सालों में जीरो का कीर्तिमान स्थापित किया है। गरीब परिवारों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर्स बनाने के लिए छह कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलने का काम किया उदाहरण स्वरूप लखनऊ के गोमतीनगर स्थापित भागीदारी भवन है आप यहाँ जाकर विजिट कर सकते हैं।उसके साथ ही में आपको या भी बताना चाहता हूं 2007 से पहले उद्योग प्रदेश डाकुओं के नाम से जाना जाता था चारों तरफ दहशत का माहौल था उस माहौल को खत्म करके उत्तर प्रदेश को भय मुक्त प्रदेश बनाया। आज यूपी में जातिवाद ऊँच नीच की भावना चरम पर हेयर बहन जी के शासनकाल में इस तरह का कोई माहौल नहीं था। सभी लोग भाई चारे के साथ अमन और चैन से रहते थे। पिछले 10 सालों में हत्या बलात्कार जबरन कब्जा आदि घटनाएं चरम पर हैं। उत्तर प्रदेश में नकली दवाइयां का उद्योग भी चरम पर है जिसकी वजह से कई बच्चों की जान चली गई लेकिन दोषियों और नकली दवाई उद्योग को बुलडोजर चला कर ध्वस्त करने की बजाय उनको भी संरक्षण प्राप्त है।इसलिए आप इस तरह की बातें करना कहीं ना कहीं से आपका और आपके पद को शोभा नहीं देता है।धन्यवाद
जय भीम जय भारत
1. आज मेरा पुनः पार्टी के लोगों से यही कहना है कि मेरे ख़ुद के अनुभव को मद्देनज़र रखते हुये यदि इनको राजनीति में कामयाब होना है और समाज के लिए कुछ करना है तो उन्हें मेरी तरह अपने भाई-बहिनों व नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि के मोह से ऊपर उठकर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करना है,
* इसीलिए बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी ने राजनीति में आने के बाद, फिर अपने सभी नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि को राजनीतिक लाभ देने से हमेशा दूर रखा है। उन्हें केवल निःस्वार्थ भावना से पार्टी संगठन में कार्य करने की ही इजाज़त दी है। इतना ही नहीं बल्कि इन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी, अपना ख़ुद का परिवार ना बनाकर, ’बहुजन समाज’ के हित व कल्याण के लिए ही समर्पित की है।
2. जिनसे प्रेरित होकर फिर मैंने भी उन्हीं के ही पदचिन्हों पर चलने का फैसला लिया और अपनी पूरी ज़िन्दगी ’बहुजन समाज’ के लिए समर्पित कर दी है।
* लेकिन मैं एक लड़की होने की वजह से फिर मजबूरी में मुझे अपने किसी ना किसी भाई-बहिन आदि को हमेशा अपने साथ रखना पड़ा है, जिसके तहत् ही मेरा छोटा भाई श्री आनन्द कुमार यह पिछले काफी वर्षों से मेरी सेवा में कार्यरत है।
3. और इनके विशेष आग्रह करने पर फिर इनके परिवार में से मुझे इनके बड़े बेटे श्री आकाश आनन्द को राजनीति में आगे करना पड़ा है।
* जिनकी शादी होने के बाद से अब श्री आकाश आनन्द का क़दम-क़दम पर ऐसा रवैया व गतिविधियाँ आदि रही हैं कि जिसकी वजह से अभी कुछ दिन पहले फिर से इनको पार्टी से अलग भी करना पड़ा है।
* अर्थात् अब वह अपने ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ के जंजाल में पूरी तरह से फंस चुके हैं, जिसे अब पार्टी में वापिस लेना यह पार्टी के लिए बहुत बड़ा विश्वासघात ही होगा, जो मैं यह पार्टी विरोधी ग़लत कार्य कदापि नहीं कर सकती हूँ।
4. ऐसे में अब मैं श्री आनन्द कुमार के परिवार में से किसको पार्टी में आगे करूँ या ना करूँ, यह मेरे लिए पिछले कुछ समय से काफी दुविधा सी बनी हुई है, जिस पर विराम देते हुए अब मैंने हर पहलू पर काफी गम्भीरता से सोच-विचार करने के बाद यह फैसला लिया है कि इनके परिवार में से ऐसे किसी सदस्य को अब पार्टी में आगे किया जाये, जो आकाश के नक्शेकदम पर बिल्कुल भी ना चले।
5. और जहाँ तक आगे चलकर, इनकी बेटी की मदद लेने का सवाल है तो इनकी शादी होने के बाद, फिर इनका मामला भी यदि श्री आकाश आनन्द की तरह ही निकल गया तो यह भी पार्टी हित में सही नहीं होगा।
* ऐसी सम्भावना को भी ध्यान में रखकर अब पार्टी हित में यही उचित होगा कि श्री आकाश आनन्द व इनकी बहिन को भी अब पार्टी की कोई भी ज़िम्मेवारी देने से इन दोनों को एकदम दूर रखा जाये अर्थात् अब इनके इस फैसले में कोई भी फेरबदल नहीं किया जायेगा।
6. और अब इन दोनों के स्थान पर श्री आनन्द कुमार के परिवार में से केवल श्री ईशान आनन्द को ही, पार्टी में सम्मानजनक ज़िम्मेवारी देकर इनको आगे किया जायेगा, जिसका श्री आकाश आनन्द व इनकी बहिन की तरह कभी भी कोई चक्कर नहीं रहेगा। अभी तक ऐसा ही लग रहा है। आगे तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता है
7. फिर भी यदि इन्होंने पार्टी विरोधी ऐसा कोई भी गम्भीर कृत्य किया तो फिर इनको भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा, लेकिन तब ऐसी स्थिति में श्री आनन्द कुमार के परिवार में से अन्य किसी भी सदस्य को पार्टी की कोई भी छोटी-बड़ी ज़िम्मेवारी नहीं दी जायेगी।
* बल्कि इसके स्थान पर, तब फिर पार्टी में ही कार्यरत दलित वर्ग के किसी भी एक मिशनरी व वफादार कार्यकर्ता को ही आगे कर दिया जायेगा। इसलिए देश व जनहित के ज़रूरी मुद्दों के साथ-साथ इस ख़ास मुद्दे को भी लेकर अब दिनांक 23 सितम्बर की बी.एस.पी. की अत्यन्त ज़रूरी ऑल-इण्डिया की बैठक बुलाई गई है ताकि फिर पार्टी के लोग अपनी पार्टी के कार्यों में पूरे जी-जान से जुट जायें।
8. अन्त में अब मैं यही कहना चाहती हूँ कि ख़ासकर परिवार को लेकर पार्टी व मूवमेन्ट के हित में मैंने यह फैसला मान्यवर श्री कांशीराम जी से प्रेरित होकर तथा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी के भी लिखे गये एक पत्र से प्रभावित होकर लिया है, जिस पत्र का सारांश इस प्रकार से है:
9. बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने, दिनांक 23 फरवरी सन् 1956 को 26 अलीपुर रोड, सिविल लाइन्स, नई दिल्ली से बम्बई में अपने पुत्र श्री यशवन्त बी. अम्बेडकर को पत्र में लिखा है कि,
* मुझे तम्हें सूचित करना है कि श्री उपशम के कई पत्राचार मिले हैं कि तुम उन्हें बौद्ध भूषण प्रिन्टिंग प्रेस के एकाउण्टेन्ट व कैशियर के रूप में उनकी ड्यूटी नहीं करने दे रहे हो।
* तुम्हें ऐसा लगता है कि ऐसा करके तुम प्रेस को अपने कब्जे में ले लोगे। मैं तुम्हें आगाह कर रहा हूँ कि प्रेस पब्लिक प्रापर्टी है, ना तुम्हारा है और ना मेरा, और एक पब्लिक अकाउण्ट में किसी भी प्रकार की अनियमितता की अनुमति देना संभव नहीं है।
* तुम्हारा आचरण उचित नहीं रहा है...अगर तुमने मेरी अन्तिम व फाइनल निर्देश की परवाह नहीं कि तो फिर मैं तुम्हें प्रेस से निकाल-बाहर करूंगा और इस चेतावनी के नहीं मानने पर फिर मैं आपके विरुद्ध अभियोजन (मुक़दमा) (prosecute) भी करूंगा।
10. संक्षेप में अब मैं अपने ख़ुद के बारे में भी यही कहना चाहती हूँ कि समस्त ’बहुजन समाज’ ही मेरा असली परिवार है तथा सत्ता की मास्टर चाबी के ज़रिये ही उन्हें ’शोषित से शासक वर्ग’ बनाकर उनका हित व कल्याण सुनिश्ति करना ही मेरा मिशनरी लक्ष्य व मेरी प्रतिज्ञा भी है, जिसके लिए मैं अपने भाई-बहिनों आदि के ख़िलाफ भी किसी भी हद तक जा सकती हूँ, जैसाकि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने उदाहरण पेश किया, यही मेरा भी संकल्प है।
@Mayawati बहनजी, पूरा बहुजन समाज आपके फैसलों का सम्मान करता है। अब जरूरत है कि राजनीति से दूर रहने वाले लोगों तक BSP की विचारधारा, बहुजन आंदोलन का इतिहास और मान्यवर साहब का मिशन पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर से लेकर सोशल मीडिया और फोन के जरिए एक अभियान चलाया जाए। #जयभीम#जय_बसपा
@Mayawati बहनजी ने परिवार से ज्यादा BSP के मिशन और संगठन को आगे रखा है। फैसला थोड़ा पहले होता तो अच्छा रहता, क्योंकि जमीन पर सीधी और साफ बात ही असर करती है।
अब संदेश साफ है, BSP में आगे बढ़ने का रास्ता योग्यता, संघर्ष और मिशन से है, परिवार से नहीं। #जयभीम
@nitinmeshram_ मैं खुद को इतना परिपक्व भी नहीं मानता कि निष्कर्ष दे सकूं, लेकिन इतना कहूंगा, मैं सब देख और समझ रहा हूं कि बसपा के भीतर क्या चल रहा है। जो बसपा के खिलाफ दिख रहा है और जिसका हल्ला हो रहा है, असल तस्वीर उससे काफी हद तक उलट है, और भी बहुत कुछ है, जो यहां लिखना संभव नहीं।
#GenZ बोल
@nitinmeshram_ 1. नितिन सर,
मेरी उम्र 22 वर्ष है। 2024 तक मैंने बसपा की हर नीति, हर फैसले और हर संघर्ष को एक युवा बहुजन के रूप में पूरी निष्ठा से स्वीकार किया और समर्थन दिया। लेकिन धीरे-धीरे महसूस हुआ कि पार्टी को कमजोर करने वाली ताकतें बाहर नहीं, बल्कि भीतर ही मौजूद हैं।
1. जेन-अल्फा अर्थात् सन् 2013 के बाद जन्मे बच्चे-बच्चियों में भी ख़ासकर अपने थोड़े ’अच्छे दिन’ की उम्मीद लगाये स्कूली छात्र-छात्रायें व उनके माता-पिता भी सुखी भविष्य हेतु अच्छी शिक्षा को लेकर हमेशा चिन्तित ही नहीं बल्कि उसके लिये लगातार काफी जद्दोजहद भी करते रहे हैं, किन्तु देश भर में व विशेषकर यूपी एवं उत्तर भारत के राज्यों के स्कूलों के बदतर हालत की कड़वी ज़मीनी हक़ीक़त के कारण वे लोग अति-मुखर होे गये हैं।
2. वे लोग जेन-जी अर्थात् कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देशव्यापी ’स्कूल ठीक करो’ अभियान में काफी बढ़चढ़ कर व पूरे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।
3. किन्तु यह बड़े दुख और चिन्ता की बात है कि जिन मासूम बच्चे-बच्चियों के हंसने-खेलने व पढ़ने-लिखने के दिन हैं, उन्हें अपनी प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा हेतु बुनियादी सुविधाओं के लिये भी सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
4. वैसे परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ’शिक्षित बनो’ आह्वान के कारण शिक्षा में भी ख़ासकर स्कूली शिक्षा ’बहुजन समाज’ के लोगों के लिये हमेशा विशेष चिन्ता की बात रही है, और इसी के तहत् हमारी पार्टी बी.एस.पी. ने इन दबे-कुचले व शोषित-पीड़ित समाज के लोगों की, जिनकी केन्द्र व राज्य में रही सरकारें लगातार उपेक्षा करती रहीं हैं, उनके हित व कल्याण एवं शिक्षा आदि के लिये यूपी में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की सभी चारों रही सरकारों में पूरा-पूरा ध्यान दिया गया, ताकि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा निर्मित मानवतावादी एवं कल्याणकारी भारतीय संविधान के हिसाब से उन सभी परिवार वालों को रोटी-रोजी व शिक्षा-युक्त आत्म-सम्मान का समतामूलक जीवन नसीब हो सके।
5. किन्तु यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि सरकारी स्कूल की व्यवस्था को बेहतर बनाने की तरफ समुचित ध्यान देने के बजाय सभी सरकारों ने ज़्यादातर इसकी घोर अनदेखी ही की है तथा इस पूरी शिक्षा व्यवस्था को एक प्रकार से, इन वर्गों के आरक्षण की तरह ही, काफी हद तक निष्क्रिय बनाने का कुचक्र चलाया हुआ है और इस प्रक्रिया में हज़ारों सरकारी स्कूल बंद भी किये जा रहे हैं, जिसका भी विरोध बी.एस.पी. ने लगातार किया है और अब स्कूलों के भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय व साफ-सफाई आदि जैसी बुनियादी ज़रूरतों की अत्यन्त कमी को लेकर नन्हें जेन-अल्फा स्वंय अति-मुखर होने के साथ-साथ अब आन्दोलित भी हैं।
6. अतः यूपी सहित अन्य राज्यों की भी सभी सरकारें जेन-अल्फा के मासूम बच्चे-बच्चियों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था सम्बंधी उनकी ज़रूरतों/माँगों पर पूरी सहानुभूति के साथ सही नीयत व नीति से तत्काल ध्यान देना प्रारंभ करें और उनके विरुद्ध कोई भी सरकार बल का प्रयोग करने से पूरी तरह से बचें तो यह उचित होगा।
देश व दुनिया भर में रहने वाले समस्त भारतीय नागरिकों व उनके परिवार वालों को भी आज 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनायें।
आज आज़ादी के दिन को सभी लोग जितने भी हर्ष व उल्लास से आपसी भाईचारा व मेलजोल के साथ मनायें वह कम ही होगा, जबकि उच्च संवैधानिक व क़ानूनी ओहदों पर बैठे लोग अपने दायित्वों के प्रति भी ज़्यादा सचेत रहें तो यह बेहतर, क्योंकि जनता वास्तविक देश व जनहित के प्रति उनकी सही और सच्चे उत्तरदायित्व की अपेक्षा अब ज़्यादा करने लगी है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे ख़ास मौक़ों पर लोग यह उम्मीद रखतेे हैं कि यहाँ की उच्च संस्थायें भारतीय संविधान के ’चेक एण्ड बैलेन्स’ के उद्देश्य व ज़िम्मेदारी को पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ निभायेंगी, तभी भारत के गणतंत्र होने का सही लाभ यहाँ के ख़ासकर करोड़ों दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों सहित सर्वसमाज के ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों, युवाओं व महिलाओं तथा अन्य मेहनतकश लोगों को, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार-मुक्त, ख़ुशी व खुशहाली की ज़िन्दगी के रूप में मिलेगा और यहाँ का लोकतंत्र व पवित्र संविधान सभी लोगों की उम्मीदों के अनुसार सार्थक सिद्ध होगा। यही आज के दिन का संदेश।
@SurajKrBauddh बाबासाहेब डॉ.आंबेडकर ने हमें वोट की ताकत दी, और मान्यवर कांशीराम साहब व बहन कुमारी मायावती जी ने सिखाया कि इस ताकत से सत्ता तक कैसे पहुँचाना है।
बहुजन समाज का भविष्य सड़क पर नहीं, अपनी बहुजन सरकार बना के और सत्ता तक पहुँच के हासिल करने में है।
अनुमति मिलना लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान है।
छात्रों की मेहनत और सपनों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध है कि अपनी बात शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक तरीके से रखें।
#cocroachjantaparty#CJP#GenZ
लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं,, लेकिन पेपर लीक और प्रशासनिक विफलताएं उनके सपनों पर पानी फेर देती हैं।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए। जवाबदेही और सुधार की मांग को लेकर चल रहे
Cockroach Janta Party द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करता हूँ।
#जयभीम#जय_भारत
Landed.
Looking forward to meet you all at Jantar Mantar. Do not forget to carry a book and our Tiranga!
Offer flowers to policemen as a gesture of compassion & gratitude.
We have to lead this movement with love and peace!
6 जून को जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।
प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है।
@CJP_for_India@abhijeet_dipke
@abhijeet_dipke Welcome to India
People can target a person, but they cannot defeat the ideas of Babasaheb Ambedkar Ji and the Constitution. The Bahujan Samaj stands with every voice raised for education and social justice.
@CJP_for_India#JaiBhim 💙
@AnandAkash_BSP सरकार अपनी जवाबदेही कब निभाएगी?
महंगाई, बेरोज़गारी, गिरता रुपया और बढ़ता व्यापार घाटा,, इन सबके बीच आम नागरिक पर बोझ डालना समाधान नहीं, विफल आर्थिक नीति की स्वीकारोक्ति है।
देश को भाषण नहीं, Concrete economic roadmap चाहिए।
जनता जानना चाहती है; राहत कब मिलेगी?
@vkjatav84 सहमत।
बाबासाहब ने हमेशा सिखाया कि अधिकार दया से नहीं, संघर्ष और आत्मसम्मान से मिलते हैं।
बहुजन समाज को 'बेचारा' नहीं, 'मूल्यवान और देने वाला समाज' बनना है...
यही मान्यवर साहब और बहनजी की राजनीति का मूल संदेश है।
आत्मसम्मान ही सबसे बड़ी ताकत है।
बहनजी भाजपा से इतनी डरी होती हैं कि
-रोहित वेमुला के लिए संसद में स्मृति ईरानी से भिड़ जाती हैं।
सहारनपुर के दलितों के लिए सरकार को ललकार कर इस्तीफा दे देती हैं।
योगी शब्बीरपुर यात्रा रोकते हैं तो पैदल पहुंच जाती हैं।
समाजवादी पार्टी को समर्थन देकर फूलपुर गोरखपुर कैराना हराती हैं।
भाजपा कांग्रेस के विरोध के बावजूद, सपा RLD संग महागठबंधन करती हैं।
सबसे बड़े राज्य में सबसे बड़ी चुनौती देती हैं।
जांच एजेंसियां लगा दी गईं फिर भी भाजपा को इतनी बड़ी चुनौती पेश करती हैं कि पूरे उत्तर भारत में मात्र 18 सीट हारने वाली BJP उसमें से 15 सीट इसी गठबन्धन से हारती है।
इसलिए ऐसी ओछी बातें कोई नेता कहे तो कोई बात नहीं बयान बदलते रहते हैं मगर प्रोफेसर पत्रकार यूट्यूबर चिंतक विचारक लोगों को इन दुष्प्रचारों का खंडन करना चाहिए।
Video Credit: Arfa Khanum Sherwani Youtube Channel.