महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान सहायक कर्मचारी संघ (एकीकृत) के अध्यक्ष श्री नरपत सिंह जी द्वारा सामुदायिक भवनों जैसे विद्यालय भवनों एवं चिकित्सालय भवनों की साफ-सफाई का कार्य ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं एवं नगर निगमों के माध्यम से करवाए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र प्रस्तुत किया गया है।
नियमानुसार विद्यालयों एवं चिकित्सालयों की साफ-सफाई व्यवस्था के लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अलग से बजट का प्रावधान किया जाता है। इस बजट के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा अधिकृत संवेदकों/ठेकेदारों के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया अपनाकर साफ-सफाई का कार्य करवाया जाना चाहिए।
हमारा प्रयास है कि इस व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करवाया जाए, ताकि विद्यालय परिसर की नियमित एवं उचित साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके। विद्यालय प्रबंधन द्वारा ग्राम पंचायत के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदारी दिए जाने की व्यवस्था भी की जाये ।
वर्तमान में कुछ स्थानों पर नवचयनित सहायक कर्मचारियों पर साफ-सफाई का कार्य करने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने या उनसे पैसे लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसी स्थिति पूर्णतः अनुचित है और हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं।
कोई भी सहायक कर्मचारी अन्याय और अनुचित दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। हम सभी सहायक कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार एवं उचित कार्य-व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक एवं नियमसम्मत तरीके से लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
हमारा उद्देश्य किसी संस्था प्रधान का विरोध करना नहीं, बल्कि नियमों के अनुसार सहायक कर्मचारियों को उनका उचित कार्यक्षेत्र एवं सम्मान दिलाना है।
🙏 एकता ही हमारी ताकत है। अधिकारों के लिए संगठित रहें। 🙏
— प्रवेश शर्मा
प्रिय चतुर्थ श्रेणी साथियों ✍️
आपके भाई @HANUMANKISAN आपके मुद्दे पर Full मुंड में आपके साथ हैं ✍️
उनका भी यहीं कहना हैं कि आपने सहायक कर्मचारी बनाए हैं या सफ़ाई कर्मचारी 🤔🤔
जल्द ही मांग को @BhajanlalBjp
जी तक पहुंचाएंगे✍️
#हनुमान_किसान_मतलब_भरोसा
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माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
राजस्थान सरकार, जयपुर
विषय: राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में कैडर आवंटन, पद निर्धारण एवं कार्य आवंटन में अनियमितताओं की जांच तथा नियुक्त अभ्यर्थियों को नियमसम्मत पद पर कार्य कराने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम, 1999 के अंतर्गत हुई है तथा भर्ती विज्ञापन में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है। अतः नियुक्त अभ्यर्थियों के पद एवं कैडर का निर्धारण उक्त नियमों के अनुसार होना चाहिए।
इस संबंध में दो प्रमुख तथ्य महत्वपूर्ण हैं—
1. राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम, 1999:
इन नियमों में चतुर्थ श्रेणी के विभिन्न पद/कैडर पृथक हैं। Peon/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, Sweeper तथा Watchman/Chowkidar को एक ही कैडर मानकर कर्मचारी को मनमाने ढंग से किसी दूसरे पद पर लगाना नियमसम्मत नहीं हो सकता।
2. वित्त विभाग की पद पहचान:
वित्त विभाग के संबंधित आदेशों/अभिलेखों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को Peon के रूप में माना गया है तथा अन्य कार्य-विशिष्ट पद अलग हैं। वित्त विभाग की अनुशंसा के आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को Pay Level-2 भी निर्धारित किया गया है। अतः वर्तमान भर्ती में नियुक्त अभ्यर्थियों का वास्तविक नियुक्ति पद स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
भर्ती के बाद सामने आई प्रमुख अनियमितताएँ
1. शिक्षा विभाग के विभिन्न जिलों में एक ही भर्ती से नियुक्त अभ्यर्थियों को कहीं “सहायक कर्मचारी” तो कहीं “चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी” के पद पर कार्यग्रहण करवाया गया, जिससे पद/कैडर निर्धारण की एकरूपता पर प्रश्न उठता है।
2. कुछ प्रधानाचार्यों द्वारा बिना स्पष्ट सक्षम विभागीय आदेश के Job Chart/AI-generated Job Chart कर्मचारियों को भेजकर उसके आधार पर कार्य निर्धारित किए जा रहे हैं।
3. कुछ स्थानों पर प्रधानाचार्यों द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अपनी इच्छा से Watchman/Chowkidar का कार्य कराया जा रहा है, जबकि यह पृथक पद/कैडर होने की स्थिति में गंभीर सेवा नियम संबंधी प्रश्न है। साथ ही कुछ स्थानों पर 12 घंटे की ड्यूटी भी कराई जा रही है।
4. IFMS में “Designation at the First Appointment” के अंतर्गत Fourth Grade/Watchman जैसे अलग-अलग विकल्प दिखाई दे रहे हैं। इस भर्ती के लिए एक समान एवं अधिकृत पदनाम/कोड निर्धारित न होने से भविष्य में सेवा अभिलेख, वरिष्ठता एवं अन्य सेवा लाभों में विवाद की संभावना है।
5. भर्ती विज्ञापन, सेवा नियमों एवं वित्त विभागीय आदेशों के बावजूद नियुक्त अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों पर कार्य कराने की स्थिति उत्पन्न होना पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच का विषय है।
मुख्य निवेदन
एक कर्मचारी की नियुक्ति जिस पद/कैडर पर होती है, उसके सेवा अभिलेख में उसी पद की स्पष्ट पहचान होनी चाहिए। एक ही कर्मचारी को बिना विधिवत पद परिवर्तन/कैडर निर्धारण के Peon, Sweeper अथवा Watchman के रूप में अलग-अलग नहीं माना जाना चाहिए।
अतः निवेदन है कि—
1. भर्ती-2024 में नियुक्त अभ्यर्थियों का मूल नियुक्ति पद एवं कैडर आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया जाए।
2. सभी जिलों में कार्यग्रहण आदेश एवं IFMS में एक समान, नियमसम्मत पदनाम दर्ज करवाया जाए।
3. अनधिकृत Job Chart/Office Manual तथा 12 घंटे की ड्यूटी के संबंध में जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
महोदय, यह विषय हजारों चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पद, कैडर, सेवा अभिलेख एवं भविष्य के सेवा लाभों से संबंधित है। अतः निष्पक्ष जांच करवाकर स्पष्ट एवं लिखित आदेश जारी करवाने की कृपा करें।
संलग्नक: भर्ती विज्ञापन, राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम-1999, वित्त विभागीय आदेश, कार्यग्रहण आदेश (सोशल मीडिया और लोकल मीडिया से) , IFMS स्क्रीनशॉट (यूट्यूब वीडियो से)
भवदीय,
एक चयनित अभ्यर्थी
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 ।।
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी अधिकारी भर्ती का विस्तृत जाॅब चार्ट जारी करना चाहिए ताकि स्कूल मे प्रिसिंपल या अधिकारी अपनी मनमर्जी से 4th Grade से कार्य न करा सके।
कुछ स्टूडेंट बोल रहे हमसे रसोई मे चाय,टीचर के लिए खाना बनाने का बोल रहे है।
स्कूल मे 4th Grade का काम है केवल घंटी बजाना,कमरे खोलने और छुट्टी के बाद पंखे लाईट बंद करके रूम लाॅक करना,स्कूल का मेन गेट बंद करके घर जाना।
बाकि प्रिसिंपल कहे तो पढ़ा भी सकते हो...क्योंकि यह सब टैलेंट स्टूडेंट है।
राजस्थान शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की दो टूक माँग:
🔹 योग्यता व परीक्षा: हम परीक्षा पास करके आए हैं, स्कूलों में झाड़ू-पोछा लगाने नहीं!
🔹 बेहतर कार्य: हमसे ऑफ़िस वर्क और कंप्यूटर का काम लिया जाए, न कि साफ़-सफ़ाई।
🔹 सम्मानजनक Job Chart: साफ़-सफ़ाई को कार्यसूची से पूरी तरह हटाया जाए।
यह हमारा हक़ है, कोई भीख नहीं! अगर यह सुधार नहीं हो सकता, तो अपने पदों से तुरंत इस्तीफ़ा दीजिए।
@madandilawar@rajeduofficial@RajCMO@DiprRajasthan
📌 #शिक्षा_विभाग_कार्य_विभाजन_चतुर्थ_श्रेणी
📌 #शिक्षा_विभाग_चतुर्थ_श्रेणी_कर्मचारी
📌 #Fair_Work_Distribution_Fourth_Grade
📌 #Education_Department_Fourth_Grade
📌 #चतुर्थ_श्रेणी_जॉब_चार्ट_जारी_करो
विषय: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जॉब चार्ट में संशोधन कर साफ-सफाई के कार्य को पूर्णतः हटाने एवं योग्यता अनुसार कार्य आवंटन के संबंध में।
महोदय,
शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी (4th Grade) पद पर चयन होने के बाद सभी युवाओं में एक नई उम्मीद और खुशी थी। परंतु जब से यह संज्ञान में आया है कि स्कूलों में हमसे साफ-सफाई और झाड़ू-पोछे का कार्य करवाया जाएगा, तब से यह चयन मानसिक पीड़ा और घोर निराशा का कारण बन चुका है। लाखों अभ्यर्थियों की भीड़ में दिन-रात पढ़ाई करके परीक्षा पास करने के बाद इस प्रकार का कार्य सौंपना पढ़े-लिखे युवाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाता है। यदि हमें पहले से पता होता कि इस परीक्षा का परिणाम यह होगा, तो हम कभी यह फॉर्म ही नहीं भरते।
यह स्थिति सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि चयनित हुए अधिकांश अभ्यर्थियों की है। हम में से अधिकांश युवा उच्च शिक्षित हैं और कंप्यूटर सहित तकनीकी कार्यों का अच्छा ज्ञान रखते हैं।
हमारा विभाग से विनम्र अनुरोध है कि:
स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति के दौरान हम बच्चों की कक्षाएं लेकर अध्यापन कार्य में सहयोग कर सकते हैं।
शिक्षकों पर आने वाले गैर-शैक्षणिक (Non-educational) कार्यों और कार्यालयी (Office) कार्यों की जिम्मेदारी हमें सौंपी जा सकती है, जिससे विद्यालय का प्रबंधन बेहतर होगा।
साफ-सफाई के कार्य को चतुर्थ श्रेणी के नए जॉब चार्ट से पूरी तरह विलोपित (Remove) किया जाए और इसके लिए SMC के माध्यम से स्वीपर की पृथक व्यवस्था की जाए।
अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि युवाओं की इस जायज और संवेदनशील मांग को सरकार तक पहुँचाकर हमें मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाएं।
भवदीय,
समस्त नवनियुक्त चतुर्थ श्रेणी अभ्यर्थी, राजस्थान।
🙏🙏🙏🙏🙏
साथियों प्रोबेशन में पूरे वेतन को लेकर किए जा रहे संघर्ष में आप सभी द्वारा शानदार सहयोग किया जा रहा हैं। पूरा वेतन दिए जाने की मांग को लेकर आज 10:00 से 1:00 बजे तक X ट्रेंड में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अभियान का हिस्सा बने।
#प्रोबेशन_में_पूरा_वेतन_@JATbera1@Radhemahwa