नई जिम्मेदारी, नई ऊर्जा और नई उम्मीदें।
AICC महासचिव आदरणीय श्री सचिन पायलट जी को पंजाब प्रभारी बनाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आपका अनुभव, संघर्ष और संगठनात्मक कौशल निश्चित रूप से पंजाब में कांग्रेस को नई मजबूती देगा और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
आपके सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
@SachinPilot@INCIndia
#NirmalChoudhary
ये किसी नेता की रैली नही है ये पर्यावरण प्रेमी हैं जो अपने बुजुर्गों द्वारा पनपाये गये पेड़ों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पूरी दुनिया में सरकार की कितनी किरकिरी होती होगी जब दुनिया ये देखती होगी कि ये कैसी भारत की सरकार है जो ग्रीन एनर्जी के लिए ग्रीनरी को कटा रही है।
बन गये विश्व गुरु 😡
कंपनी आयी थी जो गुलाम बना गई थी ये देश अब भी कंपनियों का गुलाम है।
सब बिके बैठे हैं इतना मुनाफा लेकर ये गेंडे जैसे कंपनियों के बेटे क्या सुखी हैं।
प्रकृति, पर्यावरण और भविष्य की रक्षा हेतु वीर धरा राजस्थान के बीकानेर में विशाल जन आंदोलन — खेजड़ी बचाओ, पर्यावरण बचाओ साधु संतों के सानिध्य में किया जा रहा है।
सर्दी के इस दौर में खुले आसमान के नीचे बड़े-बुजर्गों से लेकर मातृ शक्ति और युवा साथी प्रकृति की रक्षार्थ मजबूती से संघर्ष कर रहे हैं। बुलंद हौसले के साथ प्रकृति संरक्षण की लड़ाई लड़ रहे सभी योध्दाओं को सलाम करता हूँ।
इस विशाल जन आंदोलन को मेरा पूरा समर्थन है। हम सबके भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लोकसभा में प्रमुखता से उठाने का काम करेंगे।
बड़ी विडम्बना की बात है कि देश और प्रदेश की सरकारों के लिये पर्यावरण संरक्षण का विषय प्रमुखता में ही नहीं है। हमने कई बार इस विषय को उठाया भी है कि सोलर एनर्जी के नाम पर खेजड़ी और अन्य पेड़ों को ना काटा जाए, लेकिन सरकारों की नाक के नीचे अंधाधुंध कटाई हो रही है।
दो दिन से खेजड़ी बचाओ- प्रकृति बचाओ जन आंदोलन चल रहा है। आज साधु-संत और लाखों लोग आंखों पर पट्टी बांधे अनशन पर बैठे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की नींद नहीं खुल पा रही।
लोकसभा और राजस्थान विधानसभा दोनों के सत्र चल रहे हैं। अत: देश और प्रदेश की सरकारें इस संवेदनशील मुद्दे को प्रमुखता में लें और खेजड़ी सहित अन्य पेड़-पौधों की कटाई पर तत्काल रोक लगाकर पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रभावी नीति लागू करें।
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव #खेजड़ी_बचाओ @PMOIndia@byadavbjp@RajCMO
रात 11:00 बजे बीकानेर 📍
यह उस नैतिक ऊर्जा का प्रमाण है, जो अक्सर रेगिस्तान की खामोशी में दबा दी जाती है, लेकिन मिटती नहीं। आज उसी खामोशी को सामने लाने के लिए पर्यावरण प्रहरी बैठे है।
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव
आज बीकानेर में #खेजड़ी_बचाओ_आंदोलन को लेकर आमजन द्वारा महापड़ाव आयोजित किया गया है। यह महापड़ाव केवल एक विरोध नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए उठी सामूहिक चेतना की आवाज़ है।
खेजड़ी थार की आत्मा है। इसी ने मरुस्थल को जीवन दिया, पशुपालकों को सहारा दिया और पीढ़ियों से पर्यावरण का संतुलन बनाए रखा। हमारे पूर्वजों ने इसे केवल उगाया नहीं, बल्कि अपनी आस्था और बलिदान से सींचा है। जब खेजड़ी पर संकट आया, तब मां अमृता देवी और उनके साथियों ने इसे बचाने के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए। उनका बलिदान आज भी हमें याद दिलाता है कि खेजड़ी हमारे लिए संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार रही है।
आज उसी खेजड़ी का विकास के नाम पर कटना मन को आहत करता है। विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास जो प्रकृति को घायल कर दे और इतिहास की जड़ों को काट दे, वह भविष्य नहीं रच सकता। खेजड़ी बचेगी, तभी राजस्थान बचेगा—और तभी आने वाली पीढ़ियाँ सुरक्षित रहेंगी।
सरकार से निवेदन करता हूं कि खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्षों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सशक्त और प्रभावी क़ानून बनाए जाएं |अवैध कटाई के विरुद्ध बिना किसी दबाव या भेदभाव के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी हमारी प्राकृतिक विरासत से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
@RajCMO@BhajanlalBjp@narendramodi #govtofindia #MinistryofEnvironmentandForest
“विकास के नाम पर विनाश मंज़ूर नहीं।
जीवन के वृक्ष पर कुल्हाड़ी बर्दाश्त नहीं।”
कल बीकानेर की धरती ने जो दृश्य देखा, वह सिर्फ़ एक महापड़ाव नहीं था—
वह जन-जन की चेतना, प्रकृति के प्रति संकल्प और खेजड़ी के सम्मान का महासागर था।
यह भीड़ नहीं थी यह उन आवाज़ों का उफान था
जो सदियों से खेजड़ी की छाया में पली-बढ़ी हैं।
लाखों कदम, एक ही दिशा में—
आसमान तक उठती रोशनी, धरती पर उमड़ा जनसैलाब, और हर दिल में एक ही संकल्प—
🌱 खेजड़ी बचाओ!
🌱 जीवन बचाओ!
🌱 भविष्य बचाओ!
बीकानेर की धरती ने साफ़ कह दिया है कि
खेजड़ी पर वार, राजस्थान के स्वाभिमान पर वार है।
खेजड़ी हमारी आस्था है, पहचान है, प्राण है।
यह लड़ाई रुकेगी नहीं—
क्योंकि यह पेड़ों की नहीं, भविष्य की लड़ाई है।
#खेजड़ी_बचाओ_आंदोलन #खेजड़ी_बचाओ
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव
#खेजड़ी_बचाओ_पर्यावरण_बचाओ
#NirmalChoudhary
“सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण"
खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है। जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहाँ खेजड़ी की पूजा की जाती हैं। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूँ। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है।
राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूँ।
#Bikaner #Orans #Jaisalmer
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव | बीकानेर
आज बीकानेर महापड़ाव स्थल पर 29 संत, 1 साध्वी तथा 68 मातृशक्ति व 439 पुरुषों के साथ कुल 537 लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं।
अन्य हज़ारों लोग साथ में महापड़ाव पर है।
दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई वार्ता या संवाद नहीं हुआ है।
सरकार के समक्ष हमारी दो स्पष्ट माँगें हैं।
१. सरकार खेजड़ी सुरक्षा अधिनियम लागू करने की निश्चित तिथि घोषित करे।
२.जब तक कानून विचाराधीन है, तब तक मुख्य सचिव द्वारा तत्काल सर्कुलर जारी कर यह निर्देश दिया जाए कि राज्य में खेजड़ी व अन्य हरे वृक्ष नहीं काटे जाएंगे।
यदि हमारी न्यायसंगत माँगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया और अनशनकारियों के साथ कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
कल आप सभी अधिक से अधिक संख्या में बीकानेर महापड़ाव पहुँचें।
जो बंधु घर पर हैं, वे एक दिन का व्रत रखकर सोशल मीडिया पर सक्रिय समर्थन देकर आंदोलन को सशक्त करें। यह आंदोलन एक जन आन्दोलन है । सभी की इसमें भागीदारी होनी चाहिये । @RajCMO@BhajanlalBjp@IgpBikaner