मान लो मैं किसी जंगल में हूँ अथव�� मैं कंगाल हूँ , गरीब हूँ और श्राद्ध के दिन हैं तो अब मैं क्या करूं ? जो कुछ कंद मूल हैं राम जी की नाईं… राम जी ने कंद मूलों से श्राद्ध किया था। अयोध्या में आए तब व्यवस्थित श्राद्ध किया था लेकिन कंद मूल भी नहीं हैं तो हमारा धर्म कहता ��ै चिंता ना करो! पानी का एक लोटा सूर्यनारायण को चढ़ा दो और दोनों हाथ ऊंचे कर दो, आपकी बगल दिखे ऐसे हाथ ऊंचे कर दो, आप हार मान लो कि मेरे पास देने के लिए श्राद्ध की सामग्री नहीं है। देने के लिए मेरे पास अन्न, धन, दक्षिणा नहीं है। फिर भी सूर्य नारायण की साक्षी में हे यमराज! मेरे पिता फलाने भाई, फलाने भाई और उनका यह गोत्र है, आप उनको सुख दीजिए, उनको शांति दीजिए और उनका आशीर्वाद मुझे मिले। आप इतना भी करते हैं तो आपकी प्रार्थना से आपके पितरों को संतोष होता है।
#AsharamjiBapu
मान लो मैं किसी जंगल में हूँ अथवा मैं कंगाल हूँ , गरीब हूँ और श्राद्ध के दिन हैं तो अब मैं क्या करूं ? जो कुछ कंद मूल हैं राम जी की नाईं… राम जी ने कंद मूलों से श्राद्ध किया था। अयोध्या में आए तब व्यवस्थित श्राद्ध किया था लेकिन कंद मूल भी नहीं हैं तो हमारा धर्म क���ता है चिंता ना करो! पानी का एक लोटा सूर्यनारायण को चढ़ा दो और दोनों हाथ ऊंचे कर दो, आपकी बगल दिखे ऐसे हाथ ऊंचे कर दो, आप हार मान लो कि मेरे पास देने के लिए श्राद्ध की सामग्री नहीं है। देने के लिए मेरे पास अन्न, धन, दक्षिणा नहीं है। फिर भी सूर्य नारायण की साक्षी में हे यमराज! मेरे पिता फलाने भाई, फलाने भाई और उनका यह गोत्र है, आप उनको सुख दीजिए, उनको शांति दीजिए और उनका आशीर्वाद मुझे मिले। आप इतना भी क��ते हैं तो आपकी प्रार्थना से आपके पितरों को संतोष होता है।
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@Asharamjibapu__ पितृ श्रद्धा में सामग्री नहीं, भावना प्रधान है।
यदि अन्न, धन या दक्षिणा का सामर्थ्य न हो, तो भी निराश न हों। सूर्यनारायण को जल अर्पित कर, सच्चे हृदय से अपने पितरों ���ा स्मरण करें और उनकी शांति व आशीर्वाद की प्रार्थना करें।🌹
#AsharamjiBapu #PitruPaksha #Shraddh
जिस विद्या से तुम्हारे चित्त में विश्रांति नहीं, जिस विद्या से तुम्हें भीतर का रस नहीं आ रहा वह विद्या नहीं, सूचनाएँ हैं । दुःख में डूबना, विरोध में डूबना या भगवान की स्मृति करके निर्लेप रहना यह अपने हाथ की बात है ।
#AsharamjiBapuQuotes
जिस विद्या से तुम्हारे चित्त में विश्रांति नहीं, जिस विद्या से तुम्हें भीतर का रस नहीं आ रहा वह विद्या नहीं, सूचनाएँ हैं । दुःख में डूबना, विरोध में डूबना या भगवान की स्मृ���ि करके निर्लेप रहना यह अपने हाथ की बात है ।
#AsharamjiBapuQuotes
आदमी मर जाने के बाद सवा मुहूर्त, सवा दो घंटा, मरा हुआ जीव मूर्छा में रहता है, सूक्ष्म शरीर में। फिर वो जागता है। फिर सोचता है कि क्या हुआ ? कैसे हुआ ? फिर वो मरा हुआ, ये शरीर मरा है और खुद सूक्ष्म शरीर से अपने शरीर को देखता है। घर वाले रोते हैं तो देखता है ,कि कौन आया ? कौन गया ? तीसरा होता है तो कुटुंबी आ जाते हैं, दूर दूर के आ जाते हैं, फलाना कैसे मरा ? ऐसा हो गया सिर में दर्द था, ऐसा हुआ, फलाना हुआ, जो भी निमित हुआ, हार्ट अटैक हो गया, ये हो गया, वो भाई आदमी तो अच्छे थे, भले थे, चलो भगवान उसकी सद्गति करें। वो सब अपने संबंध की जो तातें हैं, वो तोड़ के चले जाते हैं , ताकि ये कहीं भटके नहीं, आगे जाए! उसमें भी रह जाए तो फिर बारहवां किया जाता है। उसमें भी कहीं उसका रह जा��� तो बारह महीने में एक दिन उसका श्राद्ध कर देते । ये हिंदू धर्म की बहुत सुंद��� व्यवस्था।
#AsharamjiBapu
आदमी मर जाने के बाद सवा मुहूर्त, सवा दो घंटा, मरा हुआ जीव मूर्छा में रहता है, सूक्ष्म शरीर में। फिर वो जागता है। फिर सोचता है कि क्या हुआ ? कैसे हुआ ? फिर वो मरा हुआ, ये शरीर मरा है और खुद सूक्ष्म शरीर से अपने शरीर को देखता है। घर वाले रोते हैं तो देखता है ,कि कौन आया ? कौन गया ? तीसरा होता है तो कुटुंबी आ जाते हैं, दूर दूर के आ जाते हैं, फलाना कैसे मरा ? ऐसा हो गया सिर में दर्द था, ऐसा हुआ, फलाना हुआ, जो भी निमित हुआ, हार्ट अटैक हो गया, ये हो गया, वो भाई आदमी तो अच्छे थे, भले थे, चलो भगवान उसकी सद्गति करें। वो सब अपने संबंध की जो तातें हैं, वो तोड़ के चले जाते हैं , ताकि ये कहीं भटके नहीं, आगे जाए! उसमें भी रह जाए तो फिर बारहवां किया जाता है। उसमें भी कहीं उसका रह जाए तो बारह महीने में एक दिन उसका श्राद्ध कर देते । ये हिंदू धर्म की बहुत सुंदर व्यवस्था।
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@Asharamjibapu__ हिंदू धर्म की परंपराएँ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धा और उसके आगे के मार्ग के लिए शुभकामना की सुंदर व्यवस्था हैं। श्राद्ध और तर्पण इसी भाव को प्रकट करते हैं।🙏🌹
#AsharamjiBapu#PitruPaksha#Shraddh
#PitruPaksha begins on 26/09/2026. Sant Shri Asharamji Bapu has explained Shraddh Mahima & its benefits in His discourses helping millions seek blessings from their own ancestors. As per Garud Puran, performing Shraddh & Tarpan is must for everyone to honor departed ancestors.
#PitruPaksha begins on 26/09/2026. Sant Shri Asharamji Bapu has explained Shraddh Mahima & its benefits in His discourses helping millions seek blessings from their own ancestors. As per Garud Puran, performing Shraddh & Tarpan is must for everyone to honor departed ancestors.
@AmdAshram पितृ पक्ष केवल परंपरा नहीं, बल्कि अपने दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। संत श्री आशारामजी बापू के सत्संगों में श्राद्ध एवं तर्पण की महिमा बताई गई है। 🙏
#PitruPaksha#ShraddhMahima#AsharamjiBapuQuotes
बाली, सुग्रीव और हनुमान जैसे पात्रों में पशु-सदृश, मानवीय और दिव्य तत्व मिल��े हैं। अंजना का अप्सरा से वानरी रूप पाना और कामरूपिणी होना बताता है कि ��हां रूप स्थायी नहीं, कथा का तत्व महत्वपूर्ण है। पूरी पोस्ट पढ़े 👉🏻
https://t.co/8oNbOOJXYw
#Ramayan #Hanuman #SanatanDharma
बाली, सुग्रीव और हनुमान जैसे पात्रों में पशु-सदृश, मानवीय और दिव्य तत्व मिलते हैं। अंजना का अप्सरा से वानरी रूप पाना और कामरूपिणी होना बताता है कि यहां रूप स्थायी नहीं, कथा का तत्व महत्वपूर्ण है। पूरी पोस्ट पढ़े 👉🏻
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#Ramayan#Hanuman#SanatanDharma
@AzaadBharatOrg रामायण के पात्र केवल बाहरी रूप से नहीं, बल्कि अपने गुण, कर्म और दिव्य तत्वों से पहचाने जाते हैं। बाली, सुग्रीव और हनुमान में पशु-सदृश, मानवीय और दिव्य तत्वों का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। यही रामायण की कथा को गहराई और रहस्य प्रदान करता है।🙏
#Ramayan#Hanuman#SanatanDharma
स्वधा देवी पितरों को तृप्त करने में समर्थ है, तो उसका मैं मंत्र बताऊंगा। उस मंत्र का उच्चारण आज करोगे और कोई श्राद्ध के निमित्त सूर्य को जल दे देगा और ��े प्रार्थना करेगा, तब भी उनके पितर तर जाएंगे। कर्मकांडी शुद्ध ब्राह्मणों को खोजने का जमाना आज कम है, जो व्यसन ना करता हो, पान मसाला ना खाता हो। मैं मंत्र बोलता हूँ, लिखना चाहो तो लिख लेना।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा।
स्वधा नाम की देवी है, जो पितरों को तृप्त करने में सक्षम है।
#AsharamjiBapu
स्वधा देवी पितरों को तृप्त करने में समर्थ है, तो उसका मैं मंत्र बताऊंगा। उस मंत्र का उच्चारण आज करोगे और कोई श्राद्ध के निमित्त सूर्य को जल दे देगा और ये प्रार्थना करेगा, तब भी उनके पितर तर जाएंगे। कर्मकांडी शुद्ध ब्राह्मणों को खोजने का जमाना आज कम है, जो व्यसन ना करता हो, पान मसाला ना खाता हो। मैं मंत्र बोलता हूँ, लिखना चाहो तो लिख लेना।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव��यै स्वाहा।
स्वधा नाम की देवी है, जो पितरों को तृप्त करने में सक्षम है।
#AsharamjiBapu
@Asharamjibapu__ 🌹 पितरों की तृप्ति के लिए श्रद्धा और प्रार्थना का विशेष महत्व बताया गया है। स्वधा देवी को पितरों को तृप्त करने वाली शक्ति माना गया है।
🙏 ॐ ह्रीं श्र���ं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा।🙏
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