भारत की आशाओं को आत्मविश्वास, संकल्पों को सिद्धि और संभावनाओं को सामर्थ्य में परिवर्तित करने वाले, राष्ट्रसेवा को जीवन का ध्येय मानकर अविराम कर्मपथ पर अग्रसर देश के प्रधानसेवक, मान. प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएँ कामनाएँ।
#HappyBdayPMModi
रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए।
स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है।
📍सूचना
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा मप्र के माननीय प्रदेशाध्यक्ष श्री @PawanPatidarBjp जी 25 अगस्त को प्रदेश कार्यालय भोपाल में कार्यकर्ताओं से भेंट हेतु उपस्थित रहेंगे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा मप्र के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, जिनके नेतृत्व में मुझे युवा मोर्चा की प्रदेश टीम में रहते हुए संगठनात्मक कार्यों को करने का अवसर मिला; ऐसे कुशल संगठनकर्ता, भाजपा मप्र के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भैया श्री @vaibhavpawarmp जी को जन्मदिन की मंगलमय शुभकामनाएँ...💐
भारतीय जनता पार्टी ने आज 22 अगस्त 2026 को वंदे मातरम् के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत की रक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया।
भारतीय जनता पार्टी 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के अपने प्रस्ताव को पुनः स्वीकार करते हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वन्दे मातरम्’ के केवल प्रथम दो पदों के गायन को सीमित करने के निर्णय की कड़ी निंदा और स्पष्ट शब्दों में विरोध करती है।
भाजपा वन्दे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र और भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक मानती है।
अतः भारतीय जनता पार्टी संकल्प करती है:
1. 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए वन्दे मातरम् के प्रथम दो पदों तक गायन सीमित करने के निर्णय की कड़ी निंदा और स्पष्ट विरोध करेगी।
2. पूर्ण वन्दे मातरम् के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय स्वरूप की रक्षा करेगी, इसे भारत का राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत मानेगी।
3. 1950 में संविधान सभा की घोषणा तथा 2026 में संसद द्वारा राष्ट्रीय गीत को जन गण मन के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान किए जाने से स्थापित स्थिति की दृढ़ता से पुष्टि करेगी।
4. राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण अथवा संकीर्ण वोट-बैंक की राजनीति के अधीन करने के हर प्रयास का विरोध करेगी।
5. कांग्रेस को स्मरण कराएगी कि उसकी कार्यसमिति का कोई प्रस्ताव भारत के संवैधानिक संस्थानों और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता। 1937 का राजनीतिक समझौता 1950 के संवैधानिक निर्णय और 2026 में संसद द्वारा बनाए गए कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
6. जनता के सामने उस ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ को उजागर करेगी, जिसमें वन्दे मातरम् के गायन को सीमित किया गया था, जिसमें मुस्लिम लीग की आपत्तियां तथा बाद में बढ़ती सांप्रदायिक और अलगाववादी मांगों की राजनीति शामिल थी।
7. महात्मा गांधी के उस ऐतिहासिक कथन को जन-जन तक पहुंचाएगी, जिसमें उन्होंने वन्दे मातरम् को “साम्राज्यवाद-विरोधी नारा” और “शुद्धतम राष्ट्रीय भावना” से जुड़ा हुआ बताया था।
8. भाजपा कार्यकर्ताओं के माध्यम से देशव्यापी अभियान चलाएगी, जिसके अंतर्गत वन्दे मातरम् का इतिहास, अर्थ, राष्ट्रीय महत्व और गौरवशाली विरासत भारत के हर कोने तक पहुंचाई जाएगी।
9. विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता का अभियान चलाया जाएगा, ताकि छह पदों वाले पूर्ण राष्ट्रीय गीत और उसके इतिहास को विस्मृति में न जाने दिया जाए तथा आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि वन्दे मातरम् के साथ भारत की स्वतंत्रता, संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र-जागरण की कितनी गहरी स्मृतियां जुड़ी हैं।
10. राजनीतिक सुविधा या तुष्टीकरण के लिए वन्दे मातरम् के सम्मान और विरासत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह केवल किसी राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है। यह भारत के सम्मान और उन असंख्य देशभक्तों की विरासत का प्रश्न है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी देशवासियों से आह्वान करती है कि वे स्मरण रखें - वन्दे मातरम् के शब्द कभी इतने शक्तिशाली थे कि एक साम्राज्य उनसे भयभीत हो उठा था। अंग्रेजों ने इन्हें दबाने का प्रयास इसलिए किया क्योंकि इन शब्दों ने प्रतिरोध की चेतना जगाई थी। पीढ़ियों के भारतीयों ने इन्हें स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्रगौरव के मंत्र के रूप में अपनाया।
इस विरासत को आज की वोट-बैंक राजनीति की गणित में सीमित नहीं किया जा सकता।
1947 में भारत की स्वतंत्रता का जयघोष 'वंदे मातरम्' था, और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 2047 के 'विकसित भारत' का महाघोष भी 'वंदे मातरम्' ही होगा।
वन्दे मातरम्।
कांग्रेस कार्यसमिति ने 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने का जो फैसला लिया है, वह न केवल देशविरोधी है, बल्कि संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना भी है।
1937 में तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने ही 'वंदे मातरम्' के दो टुकड़े किए। वहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ। 'वंदे मातरम्' के 150वें वर्ष पर मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक गलती सुधारी और पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर है।
'वंदे मातरम्' के टुकड़े करने की गलती एक बार हो चुकी और देश उसके परिणाम भुगत चुका। देशवासियों से यह अपील है कि एकजुट होकर कांग्रेस के इस तुष्टीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करें।
📍सूचना
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा मप्र के माननीय प्रदेशाध्यक्ष श्री @PawanPatidarBjp जी 18-19 अगस्त को प्रदेश कार्यालय भोपाल में कार्यकर्ताओं से भेंट हेतु उपस्थित रहेंगे।
5 अगस्त वह तारीख जिसने इतिहास बदल दिया...🇮🇳
आज ही के दिन 5 अगस्त 2019 को धारा 370 हटने के साथ “एक देश, एक विधान, एक निशान” का संकल्प साकार हुआ था।
भारत माता की जय।
#Article370Abrogation
Seven years ago, on this day, Articles 370 and 35(A) became history, marking a decisive new chapter in the journey of Jammu and Kashmir as well as Ladakh.
Since then, the lives of the people of J&K and Ladakh have witnessed wide-ranging transformation. Infrastructure has expanded, opportunities in areas such as education, healthcare, entrepreneurship and sports have grown. Be it the women or the marginalised communities, those who were denied their basic constitutional rights for decades have been empowered thanks to the full application of the Constitution of India.
5th August this year assumes even greater significance as this is the year our nation commemorates the 125th birth anniversary of Dr. Syama Prasad Mookerjee. His lifelong commitment to national unity continues to inspire generations. What he envisioned decades ago found historic fulfilment on 5th August 2019.
We reaffirm our commitment to the progress of Jammu and Kashmir as well as Ladakh and to ensure that every citizen has the opportunity to dream big, achieve and contribute to the making of a Viksit Bharat.
#Article370Abrogation