@DCGumla@BannaGupta76@JharkhandCMO
सदर अस्पताल गुमला में प्रसव के बाद अत्यंत ब्लीडिंग से महिला की हुई मृत्यु और दोपहर का भोजन के बहाना बना के डॉक्टर रहे नदारद ऐसे डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर FIR और करवाई क्यों नहीं??
कोविड वैक्सीन
एस्टरज़ेनिका ने पहली बार कोर्ट में ये माना है कि उसके वैक्सीन के साइड इफ़ेक्ट से clot हो सकता है जिसके कारण स्ट्रोक और कार्डियक अरेस्ट जैसे लक्षण आ सकते हैं।
हालाँकि कंपनी ने अभी ये माना है लेकिन वैक्सीन की वजह से thrombosis with thrombocytopenia syndrome के कई मामले पहले भी दर्ज हुए थे।
पहले भी इस को लेकर मैंने सरकार को टैग कर लिखा था लेकिन कारवाई नहीं हुई।
“एक पूरी पीढ़ी है जिसे कोविड वैक्सीन अभी लगनी है,आने वाली कई नस्लें हैं जिन्हें इस वैक्सिनेशन के दौर से गुजरना है।
ये कहना कि अब जिन्हें लगना था लग चुका और जो दुष्परिणाम होने थे वो हो चुके,काफी हास्यपद है।
वैक्सीन के अध्ययन को लेकर सरकार और वैज्ञानिक वर्ग कि चुप्पी समझ से परे है” (12-1-2023)
सरकार की दुविधा जो मुझे समझ आई उस पर भी लिखा कि
“ समस्या ये है कि कोविड वैक्सीन बनाने की पूरी प्रक्रिया की वाहवाही सरकार ने लूटी।अब सरकार वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स को अपनी साख से जोड़ रही है।सच तो ये है की ना उसे बनाने में सरकार का योगदान है और ना उसके साइड इफेक्ट्स में कोई हाथ।सरकार को वैक्सीन की अनुसंधान से पीछे नहीं हटना चाहिए” (18-12-2022)
बहरहाल कुछ ज़रूरी बातें
हर चीज़ के कुछ ना कुछ साइड इफ़ेक्ट होते हैं। वैक्सीन भी इससे परे नहीं। हाँ ये ज़रूर था कि वैक्सीन की पूरी स्टडी हो पाती इसको लेकर पर्याप्त समय नहीं लिया गया।
अब ये ज़रूरी है कि इसको लेकर अच्छे से अध्ययन किया जाये।
लोगों को काफ़ी घबराने की ज़रूरत नहीं है। कोविड के कारण भी हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में काफ़ी परिवर्तन आये हैं। तो कोविड या वैक्सीन की वजह से जो भी प्रभाव होगा वो धीरे ठीक हो जाएगा ।
हमें बस तीन काम ही करने हैं।
१) स्वस्थ्य आहार लें।
२) शारीरिक गतिविधि को बढ़ायें। कम से कम हफ़्ते में 5 दिन 20 मिनटों के लिए शारीरिक व्यायाम काफ़ी ज़रूरी है
३)अगर आपको लगता है कि थोड़ी भी देर सीढ़ी चढ़ने से या तेज़ चलने से साँस फूलने लगे तो एक बार डॉ से मिल लें।
बस यही तीन काम करना है।
बाँकी सब चंगा सी…!!!
मामले की जांच आवश्यक है अगर मामला सच पाया जाता है तो परीक्षा रद्द किया जाना चाहिए और परीक्षार्थियों की जितनी भी मांग है उसमें एक और मांग शामिल किया जाना चाहिए जिसमें उपस्थित जितने भी परीक्षार्थी हैं उनको आने जाने, रहने, खाने और कम से कम तीन दिन का मजदूरी दिया जाना चाहिए l
JPSC की परीक्षा सम्पन्न हो गई लेकिन जिस तरह बरामदे में बैठकर और मैदान में बैठकर मोबाइल से देख-देखकर OMR शीट भरे जा रहे हैं वह परेशान करने वाली बात है। आखिर कैसे ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई इसकी जांच होनी आवश्यक है। बताया जा रहा है कि वह वायरल वीडियो जामताड़ा जिला का है। जामताड़ा की DC कुमुद सहाय से इस संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एक SIT का गठन किया है। जो यह पता करेगी कि यह वायरल वीडियो किस सेंटर का है।
आजकल यह देखने को मिल रहा है कि जवान व्यक्ति नाचते हुए /काम करते हुए /या जिम में अचानक से गिरकर बेहोश होते हैं और फिर उनकी जान चली जाती है I
ऐसे किस्सों में 80 से 90%केस में दिल से जुड़ी हुई बीमारिया /कारण होते है I
ऐसे केस में एक महत्वपूर्ण काम जो हम कर सकते हैं वह है सीपीआर देना,परंतु इससे पहले हमें यह सीखना होगा की सीपीआर किस केस में देते हैं और कैसे देते हैं I
इस पोस्ट (पार्ट -1)में मैं सीपीआर किस केस में देते हैं इस बात को शेयर कर रहा हूं तथा अगले पोस्ट (part-2)में सीपीआर कैसे देते हैं इसे बताऊंगा I
सीपीआर किस केस में देते हैं ?
1.व्यक्ति के अचानक गिर जाने पर यदि उसके साँसे नहीं चल रही हैं
2.बेहोश होने पर व्यक्ति को होश में लाने के लिए I
3.सांस रुक जाने या सांस में अनियमित की स्थिति में I
4.अगर किसी व्यक्ति को करंट लगा है I
5.डूबना /ड्रग्स /धुएं के संपर्क में आने पर व्यक्ति को किसी प्यार की आवश्यकता हो सकती हैं I
ऐसे ही स्वास्थ्य संबंधित जानकारी के लिए फॉलो करें @drvikas1111और इस पोस्ट को रिपोस्ट कर यह जानकारी दूसरे तक पहुचाये I
Note;यह पोस्ट कार्डियोलॉजिस्ट और अन्य डॉक्टर की टीम से विचार विमर्श करके दी गई है ,किसी भी बीमारी में डॉक्टर से जरूर संपर्क करें I
देश के हमारे महान वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत, दृढ़ता और लगन की बदौलत चंद्रयान-3 आज चंद्रमा पर उतर गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर इसरो की पूरी टीम सहित समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और जोहार।
जय हिंद!
#चंद्रयान_3@isro
जिस तरह से #झारखंड में यहां के "कुछ" #IAS सरकारी #इंजीनियर और अन्य अधिकारी पिछले कई सालों से राज्य को खोखला करने में दिन रात लगे हुए है, क्या राज्य के सभी #IAS#IPS#JPSC अधिकारियों की जांच नहीं होनी चाहिए?
एक MP,MLA हर 5 साल में बदल सकते है, लेकिन ये लोग जीवन भर लूटते रहते है
President Droupadi Murmu referred to excessive cost of litigation as a major impediment in delivery of justice. She urged the executive, judiciary and legislature to evolve an effective dispute resolution mechanism to mitigate the people’s plight.
कल गुमला के एक अनाथ युवक (परदेसिया उराँव) के बारे में जानकारी मिली, जो पढ़ना चाहता है लेकिन मजबूरी में काम कर रहा है।
मेरी पहल पर, जिला प्रशासन द्वारा उसे सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। मैंने उपायुक्त महोदय को उसकी शिक्षा का इंतजाम करने के लिए भी कहा है।