भारत में न्याय व्यवस्था कैसे चलती है, उसका एक नमूना देखिए। गुरु नानक डेयरी एंड स्वीट्स में हाइजीन के इश्यू पर कार्रवाई हुई।
36 में से 35 मानकों का पालन कर लिया, फिर भी लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा, 98 परसेंट तो फॉलो कर दिए, FDA पाँच लाख का हर्जाना भरे!
मिठाई में कॉकरोच मिले तो निकालकर फेंक दीजिए, दुकान क्यों बंद करनी?
जिन लोगों को मंदिर में भी आरक्षण चाहिए तो हमसे संपर्क करें।
हमारे गांव का प्रमुख मंदिर जो कि लगभग 80-85 वर्ष पुराना है उसमें काम करने के लिए योग्य पुजारी चाहिए।
शर्तें निम्नलिखित हैं :-
1. वेतन - 3000/महीना
2. रहने और खाने का सामग्री उपलब्ध करवा दिया जाएगा लेकिन भोग प्रसाद और अपना खाना खुद बनाना होगा
3. यज्ञ व आरती सेवा का परम ज्ञान होना चाहिए
4. मंदिर प्रांगण की साफ सफाई आपकी जिम्मेवारी होगी
5. मंदिर के प्रांगण में एक बोरवेल और नलकूप है जो कि सिर्फ और सिर्फ मंदिर के प्रयोग के लिए है । अतः उसकी देखभाल और मरम्मत आपकी जिम्मेवारी होगी।
6. 24/7 मंदिर के प्रांगण में हीं उपलब्ध रहना होगा ।
7. पुजारी होने के पहले यज्ञोपवीत संस्कार धारण करना होगा ।
8. शुद्ध शाकाहारी एवं सभी व्यसन से मुक्त होना चाहिए
नोट :- जाति कोई भी हो उससे मतलब नहीं है बस ऊपर के शर्तों में खरा उतरना है।
आरक्षण चाहने वाले संपर्क करें।
•अनिल मिश्रा:- उसके जैसा "नालायक प्रधानमंत्री" स्वतंत्रता के बाद आजतक नहीं हुआ.. झूठा व नौटंकीबाज
•पत्रकार:- अबकी बार मोदी सरकार के नारे तो आप भी लगा रहे थे
•अनिल मिश्रा:- हमने नहीं लगाए; हम औकात जानते थे कि यह आदमी ये करेगा
•ऐसा तो नहीं होगा न की अनिल मिश्रा के इस बयान के बाद दुग्गल साहब इनके पीछे ही पड़ जाएं
श्रीमान @MVVNLHQ@UPPCLLKO@UppclChairman @EnergyMinUp
ग्राम बैजलपुर खास नवाबगंज, गोंडा में मेरे संयोजन सं. 4570949000 की लाइन को 16-08-2026 को विपक्षी देवेन्द्र पाण्डेय व प्राइवेट लाइनमेन रामबालक ने अवैध रूप से कटवा दिया। अब रामबालक पुनः लाइन जोड़ने के एवज में ₹500 की अवैध मांग
कर रहा है।
पूरा परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर है। कृपया कटी हुई लाइन को तत्काल जुड़वाने एवं अवैध वसूली करने वाले पर सख्त विभागीय कार्रवाई करने की कृपा करें।
मोबाइल सं.: 7800800061
स्थान: पॉवर हाउस शिवदयाल गंज, नवाबगंज, गोंडा
श्रीमान @gondapolice@uppolice @MadhyanchalUp @UPPCLLKO
ग्राम बैजलपुर खास नवाबगंज,गोंडा में विपक्षी देवेन्द्र पाण्डेय व प्रा0 लाइनमेन रामबालक ने विद्युत संयोजन सं. 4570949000 का तार कटवा दिया और जोड़ने के नाम पर ₹500 रंगदारी मांगी। विरोध करने पर धमकी दी जा रही है।
मोदी जी और उनका हिंदू राष्ट्र प्रेम ⬇️
👉 SC/ST मुआवज़ा 40% बढ़ाने का प्रस्ताव
👉 चुपचाप जातीय जनगणना
👉 UGC पर नया कानून
👉 NJAC लाने की कोशिश
👉 OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा
👉 SC/ST एक्ट और मजबूत
👉 महिला आरक्षण लागू
👉 राज्यों को OBC बनाने का अधिकार
👉 OBC बजट में बढ़ोतरी
👉 सैनिक स्कूलों में आरक्षण
👉 UPSC फ्री कोचिंग में सामान्य वर्ग बाहर
👉 दिलीप मंडल को सलाहकार बनाया
👉 DU से मनुस्मृति हटाई (प्रस्ताव)
और आप अभी भी हिंदू राष्ट्र की उम्मीद में बैठे हैं ? 🤷🏻♂️
एससी-एसटी के लिए मोदी सरकार मुआवजा राशि 40% बढ़ाने की तैयारी कर रही है। स्पेशल थानों के लिए ₹5 लाख का अनुदान दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की दलील है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार महंगाई बढ़ गई है, इसलिए मुआवजा भी बढ़ना चाहिए। अभी अपराध की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर एससी-एसटी वर्ग है। प्रस्तावित बदलाव के बाद न्यूनतम मुआवजा ₹1 लाख और अधिकतम ₹12 लाख हो सकता है।
एससी-एसटी वर्ग के लिए विशेष थाने और अदालतें गठित करने के लिए राज्य सरकारों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। बाद में इन थानों पर होने वाला खर्च संबंधित राज्य सरकारें उठाएंगी।
आप ही बताइए कि हम लोग क्यों कमाते हैं? एक सड़ा हुआ लॉजिक आता है कि क्या एससी-एसटी टैक्स नहीं देते हैं? बिल्कुल देते हैं, लेकिन गरीबों का कंजम्पशन कम होता है। सड़क किनारे की सब्जी और अनब्रांडेड नमक पर हमेशा वही टैक्स नहीं होता, जो ब्रांडेड सामान पर होता है।
अगर कोई गरीब परिवार महीने में ₹2,000 खर्च करता है और हम या कोई मिडिल क्लास टैक्स-पेइंग सिटीजन ₹10,000 खर्च करता है, तो 5% के हिसाब से एक परिवार लगभग ₹100 और दूसरा ₹500 टैक्स देता है। इसके बाद इनकम टैक्स भी दिया जाता है। यानी टैक्स सब देते हैं, लेकिन ज्यादा खर्च करने वाला ज्यादा अप्रत्यक्ष टैक्स भी देता है।
उस टैक्स के पैसे से हम सरकार से मांग रहे हैं कि ईडब्ल्यूएस में जो आरक्षित वर्ग है, उसकी फीस माफ करो। उसकी हॉस्टल फीस माफ करो, कोर्स फीस माफ करो और आवेदन फॉर्म का दाम खत्म करो।
सरकार यह नहीं कर रही है। सरकार क्या कर रही है? मुआवजा 40% बढ़ा रही है। ₹85,000 कम लगता है, इसलिए ₹1 लाख कर दो और अधिकतम ₹12 लाख कर दो।
हम कमा-कमा कर, घिस-घिस कर, किराया देते-देते परेशान हैं। सीटें कम होती जा रही हैं। प्रमोशन में एससी-एसटी-ओबीसी का ओवररिप्रेजेंटेशन में हिस्सेदारी 4.5% बताई जाती है, वह 40% सीटें ले जा रही है। उसे रैशनलाइज़ करने की जगह सामान्य वर्ग से कहा जा रहा है कि तुम लोग गुस्सा क्यों हो?
कन्विक्शन रेट 4%, 5%, 3% और 1% बताए जाते हैं। एक राज्य में यह दर 14% बताई जाती है। 2018 में मोदी सरकार ने एससी-एसटी एक्ट में जो प्रावधान जोड़े, उनके बाद कोई भी व्यक्ति केस दर्ज करा सकता है। समझौता करने पर पैसे देने पड़ सकते हैं, नहीं तो दो-तीन साल तक मुकदमे में फंसे रहिए।
कुछ लोगों ने एससी-एसटी एक्ट के मामलों में 20-20 साल तक झेला है।
यह पैसा मोदी जी या भाजपा की जेब से नहीं जा रहा है। यह जनता और टैक्स देने वाले लोगों का पैसा है। सड़कें टूट रही हैं, अस्पतालों और स्कूलों की स्थिति भी दिख रही है। हम जो पैसा दे रहे हैं, वह जा कहां रहा है?
इस फैसले का कोई लॉजिकल रीजन नहीं दिखता। ऐसा लगता है कि सामान्य वर्ग से पैसा लेकर दलित, पीड़ित, वंचित और शोषित वर्ग को देने की कोशिश की जा रही है। यह केवल मैसेजिंग है।
भाजपा की लोकप्रियता और उसका नैरेटिव इस समय बहुत कमजोर है। उसे लगता है कि सवर्ण पहले से नाराज हैं, इसलिए उन्हें मनाने के बजाय एससी वर्ग को अपने साथ जोड़ना ज्यादा जरूरी है।
किसी मंदिर में किसी श्रद्धालु की जाति नहीं पूछी जाती!
हां, मंदिरों के प्रांगण को सुबह शाम धोया जरूर जाता है!
अब कोई प्रांगण धुलने से ठीक पहले जाए, और फिर धुलाई के बाद "हाय रे, मेरे साथ जातिवाद हो गया" का ड्रामा करे, तो कोई क्या ही करे??
अगर ये सच है तो ये डिबेट होनी चाहिए...हमे भी असलियत का पता चलना चाहिए...
क्योंकि आज कल तो पूरी राजनीति ही आंबेडकर G की ही चल रहीं..जिसे देखो हाथ मै संविधान उठाये घूम रहा है..
Reservation is a mindset… people will not allow its removal as it gives a sense of special privilege and no one wants to leave their special status… so its never about facilities its all about feeling special and bcz of that General’s are being discriminated…
यह संसद नहीं, इस देश का दुर्भाग्य खड़ा है। पूरा सत्र बिना प्रश्न काल के, पक्ष की मूर्खता और विपक्ष की अकड़ की बलि चढ़ गया। सत्ता पक्ष निर्लज्ज हो कर अंतिम दिन लोकसभा सत्र की अंत्येष्टि में ‘वन्दे मातरम्’ का चार स्टैंजा गा कर देश को ठग रहा है कि वो देशभक्त हैं।
@narendramodi जी, आप केवल पार्टीभक्त हैं।