STATE PRODUCTS HANUMAN ARMY बजरंग दल जयश्रीराम सुनिल शेखावाटी सीकर राजस्थान पूर्व छात्रसंगठन छात्रसंघ अध्यक्ष शेखावाटी सीकर राजस्थान
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It seems that democracy has come to an end in the country, and India has now become a police state. From Rajasthan to West Bengal, opposition parties are being targeted and suppressed through the police and government agencies.
In Nandigram, West Bengal, Congress candidate Milan Pradhan was arrested today in connection with a case that is around twenty years old. First, the Trinamool Congress candidate was made to withdraw his candidature, and then the Congress candidate was arrested. If a crime had actually been committed, why did the police wake up today, after twenty years?
This is not an arrest; as Shri @RahulGandhi says, this is "Election Chori."
Meanwhile, in Rajasthan, the way the BJP government misused the police during the local body elections has already gone down in history. The country has perhaps never before seen a political party misuse government power so blatantly just to get its candidates elected as chairpersons and mayors.
This is not democracy; this is a rule of fear and intimidation. The people of the country are watching everything. We are confident that when the time comes, they will give a fitting reply.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी संसद में कह रही हैं कि रुपया ठीक चल रहा है।
ऐसे ही ठीक चलता रहा, तो कुछ ही दिनों में एक डॉलर के मुकाबले 100 के पार भी चला जाएगा।
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी पांच शर्तें साफ कर दी है साथ ही एक 'दोस्त क्षेत्रीय मध्यस्थ' के जरिए भेजे गए अमेरिकी प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह अपनी रक्षा जारी रखेगा।
ये रही पांच शर्तें-
1. हमले और टारगेट किलिंग पूरी तरह बंद हो
2. ऐसी ठोस गारंटी हो कि युद्ध दोबारा नहीं होगा
3. युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई तय और सुनिश्चित हो
4. सभी मोर्चों पर और क्षेत्र के सभी सहयोगी समूहों को शामिल करते हुए युद्ध पूरी तरह खत्म हो
5. Strait of Hormuz पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता दी जाए
ईरान ने साफ कहा है कि जब तक ये शर्तें नहीं मानी जातीं, तब तक न युद्ध रुकेगा और न ही कोई बातचीत होगी। ईरान का कहना है-युद्ध कब खत्म होगा, यह हम तय करेंगे, ट्रंप नहीं।
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
@alokrajRSSB थे भी तो फौजी ही हो गुरुजी 😎😎🙏🏻बहुत बहुत बधाई हो आपको कसम से छात्रों की जान हो आलोक राज जी ❤️❤️ क्योंकि कल ही बैठे थे 200 छात्रों के बीच उनका जवाब था आलोक राज जैसा व्यक्तित्व शिक्षा के क्षेत्र में नहीं आ सकता कभी 🙏🏻🙏🏻 आपकी तारीफ के लिए निशब्द है हम 🙏🏻सादर प्रणाम 🙏🏻❤️
"मैंने Apple के CEO से कहा है कि भारत में प्लांट मत लगाना...
मैं नहीं चाहता कि Apple भारत में निर्माण करे, क्योंकि वहाँ सबसे ज्यादा टैरिफ लगते हैं...भारतीय अपना ध्यान खुद रख सकते हैं, मैं चाहता हूं कि आप अमेरिका में निर्माण करें"
– कतर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
तुर्की का बयान आया है:
"भारत-पाक संघर्ष का हमारे टूरिज़्म पर कोई असर नहीं, भारतीय पर्यटक आ सकते हैं।"
या तो तुर्की बेशर्म है,
या जानबूझकर हमें चिढ़ा रहा है।
जिस देश ने खुलेआम संघर्ष के बीच पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई किए,
जिसने पाकिस्तानी सैनिकों के हाथ में ड्रोन थमाए, और जिन ड्रोन हमलों में हमारे निर्दोष नागरिकों की जान गई-
जिस देश के हाथ भारतीयों के खून से सने हैं।
अब वही देश भारत से टूरिस्ट बुला रहा है!
एक भी हिंदुस्तानी पर्यटक को तुर्की नहीं जाना चाहिए।
#BoycottTurkey
जिस भर्ती के अंदर 60 से 70 प्रतिशत फर्जीवाड़ा हुआ हो। ओर तो ओर जिस भर्ती का टॉपर्स भी फर्जी निकले तो आप सोच सकते है उस भर्ती में किस हद तक फर्जीवाड़ा हुआ होगा। एक ही स्थान से 100 थानेदार बन जाए ऐसा उन्होंने कौनसी चक्की का आटा खाया होगा? इस सबूतों के आधार पर पता चलता है कि S.I. भर्ती में किस हद तक घोटाला करके युवा बेरोजगारों के सपनों पर पानी फेरने का काम किया है । कैसे इन पेपर माफियाओं ने युवाओं के माता पिता के सपनों के आंसू रुलाने का काम किया है । सरकार को इसको रद्द करके दुबारा पारदर्शिता से आयोजित कर तुरंत युवाओं के साथ न्याय करना चाहिए । ऐसे लोग अगर फील्ड भी चले गए तो पता नहीं कितने गरीब ,शोषित ,पीड़ित के साथ अन्याय करेंगे??
#SI_भर्ती_2021_रद्द_करो
#SI_भर्ती_2021_रद्द_करो
प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें :
-अगर भारत पर आतंकवादी हमला होता है, तो भारत आतंक की जड़ों को कहीं भी हों, वहीं जाकर सजा देगा.
-भारत अब आतंकी मास्टरमाइंड और उन्हें समर्थन देने वाली सरकारों में कोई फर्क नहीं करेगा.
-सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद अब ऑपरेशन सिंदूर भारत की घोषित नीति है -New Normal.
-भारत अब न्यूक्लियर ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं करेगा-सीधा जवाब देगा.
-जहां खून बहे, वहां पानी नहीं बह सकता.
-ऑपरेशन सिंदूर में made in India हथियारों की प्रमाणिकता भी सिद्ध हुई है.
सांबा,जम्मू के आसपास और राजस्थान के बाड़मेर में ड्रोन एक्टिविटी सोशल मीडिया पर रिपोर्ट की जा रही है.
इसका तो यही मतलब निकाला जाए कि पाकिस्तान का ड्रोन ऑपरेटर अपने मालिक के कहे में नहीं है या इन्हें अभी और इलाज करवाना है.