नॉयड उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण सहर जो दिल्ली का बॉर्डर भी हैं। उद्योग की दृष्टी से भी एक स्थान बनाए हुए है। किंतु यह विडंबना ही कही जाएगी की यहां भी बिजली बेवस्था दम तोड रही है। आखिर ऐसी इस्थिति के पीछे कारण क्या है? विद्युत कर्मचारी या सरकार,
नेशनल हाईवे पर फास्ट टैग में पैसा होने के बावजूद , मैनुअल पेमेंट लेकर जनता को लूटने का नया नियम, मेरे साथ ऐसा हुआ ,आपके साथ भी हो सकता है,आखिर आम जनता क्या करे?
बिजली और गांव ऐसालगता हैजैसे दोनो का एकदूसरे से कोई नाता ही नहीं,लाइटतो ऐसे आती है जैसेहवा का झोंका,आते हीसब दौड़ने लगते हैंखुशी के मारे,पलभर मेंही खुशियों का अंतभी हो जाताहै।बदलता भारत,गावोंका देश भारत,क्या दोष है भारतीय ग्रामीणजनता का जो बिजली केनाम पर आजभी संतोष करके जी रही है
@pnbindia PNB की शाखा फाजिलनगर कुशीनगर उत्तर प्रदेश, में दिव्यांगजन हेतु सुगम्यपरिसर नहीं है। मै एक 70 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति हूं, बैंक के अंदर जाने के पहले ही बहुत ऊंची दीवार है जिसे पार कर जाना मेरे लिए असंभव है। अन्य सामान्य महिला पुरुष पार कर के जाते हैं।
.@msisodia Sir, today Sh. Kuku Lakhera, TGT Maths, while entering the SBV No 2 Palam School premises for remedial classes, was brutally attacked by students. When will these attacks on teachers stop? Who is responsible for teachers' safety? @DCPCR
~ Ajay Veer Yadav
@reliancejio भारत की जनता को अच्छी सेवा देने का दावा करने वाली कंपनी की सेवाएं सबसे बेकार हैं। वो नेटवर्क हो या jio brodband, Noida जैसे सहर में ये अपनी सेवा बेहतर नहीं कर पा रहे, बस पैसे समय से चाहिए, मैं खुद भुगत रहा हूं।
सर नमस्कार
प्रत्येक वर्ग एवं प्रतिभावान व्यक्ति को प्रोत्साहित करने हेतू आपका हृदय से आभार, आपसे उम्मीद है कि अपने प्रोडक्ट में दिव्यांग जन की आवश्यकता को ध्यान में रख कुछ अलग करेंगें#AnandMahindra
@Maruti_Corp नमस्कार, मारुती सुज़ुकी की एजेंसी पर कोई विकलांग ब्यक्ति 4 व्हीलर बुक करता है तो भारत सरकार द्वारा प्रदत्त GST में छुट से सम्बंधित दिशा निर्देश के बारे एजंसियों को जानकारी नहीं होती, जिसके कारण विकलांग जन इस सेवा लाभ से वंचित रह जाते हैं।
@RNTata2000 नमस्कार, टाटा की एजेंसी पर कोई विकलांग ब्यक्ति 4 व्हीलर बुक करता है तो भारत सरकार द्वारा प्रदत्त GST में छुट से सम्बंधित दिशा निर्देश के बारे एजंसियों को जानकारी नहीं होती, जिसके कारण विकलांग जन इस सेवा लाभ से वंचित रह जाते हैं।