सबसे ज़्यादा जातिवाद तो ख़ुद आरक्षण लेने वाली जातियाँ कर रहीं हैं!!
तो जो लोग कहते हैं कि "आरक्षण जातिवाद की वजह से है", वो बताएं
कि सबसे ज़्यादा जातिवाद करने वालों को ही आरक्षण देकर आप कौन सा जातिवाद खत्म कर रहे हैं???
कल तक हमारी आवाज उठाने वाला कोई नहीं था,
फिर ट्विटर पर कुछ साथी सक्रिय हुए, काफिला बढ़ा और आज हमारे लोग नेशनल मीडिया पर अपना पक्ष रख रहे है,
आज आरक्षण की चर्चा शुरू हुई है,
कल आरक्षण को देश से उखाड़ फेकेंगे
The 'Creamy Layer' Debate
The ST and SC reservations both have an economic criterion. It is mentioned that economic backwardness is one of the criteria, which debunks the narrative that economic criteria cannot be used for sub-classification under SC-ST reservation: @neha_laldas
The big question is, when the reservation policy was brought with the intention, has that been fulfilled?: @dr_rkrajan tells @RoyPranesh
BREAKING: Bill tabled in Parliament making it mandatory for the President, the Prime Minister, the Chief Justice, and all their near and dear ones to be treated for their medical needs and emergencies only by doctors who obtained -40 marks out of 800 in NEET-PG medical exam.
केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि SC/ST कोटा में ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा नहीं लागू होगी क्योंकि वह केवल OBC के लिए थी। तो मोदी जी, OBC रिजर्वेशन तो पहले था ही नहीं, फिर वो क्यों आया और आपकी पार्टी ने उसका समर्थन क्यों किया था?
दूसरी बात, आपके वकील ने कहा कि ‘आय के आधार पर’ SC/ST आरक्षण बिलकुल नहीं होगा क्योंकि उसका आधार केवल ‘आर्थिक पिछड़ापन’ ही नहीं, ‘ऐतिहासिक उत्पीड़न और अन्याय’ है। ‘केवल’ आर्थिक पिछड़ापन कहाँ, आप तो इनकम को कहीं भी आधार नहीं मानते!
जिस EWS का आप ढोल पीटते हैं, उसमें न तो फॉर्म के दाम कम हैं, न हॉस्टल की फीस, न कोर्स फीस… तो ये दो कौड़ी का राजनैतिक झुनझुने का सामान्य वर्ग करे क्या? @narendramodi यह बताएँ कि सामान्य वर्ग के टैक्स के पैसों से फंड हो रही SC/ST आरक्षण सब्सिडी का लाभ, सामान्य वर्ग के EWS को ही क्यों नहीं मिलता?
कोई तर्क है इसका कि आप जिसे सर्टिफाइड गरीब मानते हैं, वो प्रमाण पत्र उससे माँगते हैं, उसे सत्यापित करते हैं और उसे नौ लाख से सोलह लाख तक का लोन ले कर पढ़ाई करनी पड़ती है। फिर आप 1000 SC और 1000 OBC जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व पर मौन हो जाते हैं कि इन जातियों का आरक्षण कहाँ है?
सत्य यह है कि आपका ‘विकसित भारत’ टूटते हायवे और निम्न गुणवत्ता के 50% लोगों से भरे कॉलेजों और विद्यालयों से कभी पूरा नहीं हो सकता। आरक्षण की समीक्षा करनी ही होगी, उसे तार्किक रूप से लाना ही होगा।
१. शून्य प्रतिनिधित्व वाली जातियों की पहचान
२. EWS की SC के स्तर की आर्थिक छूट
३. न्यूनतम अंक का विधान, GC से 10% से अधिक का कटऑफ में अंतर न हो SC/ST में
४. सक्षम लोगों को फर्जी तर्क के कारण आरक्षण न दिया जाए
५. हर श्रेणी में सबसे गरीब, पिछड़े को ही आरक्षण मिले
६. हर दस वर्ष में जातियों की समीक्षा और निष्कासन, नई जातियों को लिस्ट में जोड़ना बंद करें
गजब का संविधान है भारत का -
IAS अपने बच्चे का FEES नहीं भरेगा क्योंकि वो SC/ST है ,
चपरासी अपने बच्चे का FEES तीन गुना भरेगा क्योंकि वह सवर्ण है ,
अब तो आरक्षण को हटा के ही सांस लिया जाएगा !!
फॉर्म फीस में छूट,
उम्र में छूट,
फिजिकल में छूट,
प्री में छूट,
मेंस में छूट,
कट ऑफ में छूट,
प्रमोशन में छूट,
के बाद कहते हैं हम योग्य हैं।
#EndReservation
Every political party wants to increase reservations and wants to destroy general category. If political parties take reservations to 90 % where will general category go.