छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। अब छात्रों की मांगों के संबंध में निर्णय लिया गया है कि इस बार की TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं।
राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए अनुशंसाएँ देने हेतु “परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति” का गठन किया है। माननीय पटना उच्च न्याया��य के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी।
सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए “विद्यार्थी सहयोग पोर्टल” एवं “विद्यार्थी सहयोग शिविर” की शुरुआत की है। इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है।
सरकार छात्रों के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सद���व प्रतिबद्ध है।
TRE-4: गर्दनीबाग पहुंचे AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान, छात्रों का बढ़ाया हौसला,उन्होंने कहा, “जिस तरह 56 इंच वाले को माफी मांगनी पड़ी थी, उसी तरह बिहार सरकार को भी माफी मांगनी पड़ेगी। छात्र मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं, यह बिहार की आन-बान की लड़ाई है।”
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सरकार से अनुरोध है
वीडियो पूरा देखे सुने और इस पर विचार करे
ऐसा क्यों हो रहा हम computer science teacher के साथ
क्योंकि सर आपकी अधिकार सिर्फ चुनाव के समय वादे करना है उस वादा को पूरा कौन करेगा ।
हम कंप्यूटर टीचर की तैयार कर रहे है
हमें अपने घर के पेरेंट्स जब देना होता है
@BiharSMunch बिल्कुल सही बोले सर
हम कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट्स है other subjects क्यों पढ़े ।
Mains में तो 40 marks के लिए पढ़ाई कर ही रहे है
टी��र बना है कंप्यूटर साइंस का कंप्यूटर साइंस को ही न details पढ़ाई करेंगे
अचानक PT-Mains क्यों?
पुराने TRE पैटर्न के अनुसार तैयारी करने वाले छात्रों पर नया नियम क्यों लागू किया जा रहा है?
दो साल की मेहनत का क्या?
लंबे इंतजार और तैयारी का मूल्य क्या है?
छात्रों की बात सुनी जाए।
प्रदर्शन रोकने के बजाय सरकार उनकी मांगों पर संवाद करे।
अचानक PT-Mains क्यों?
पुराने TRE पैटर्न के अनुसार तैयारी करने वाले छात्रों पर नया नियम क्यों लागू किया जा रहा है?
दो साल की मेहनत का क्या?
लंबे इंतजार और तैयारी का मूल्य क्या है?
छात्रों की बात सुनी जाए।
प्रदर्शन रोक���े के बजाय सरकार उनकी मांगों पर संवाद करे।
बिहार सरकार जानबूझकर टीआरई 4 की बहाली को लटकाने में लगी है,
TRE-4 भर्ती कम,नियमों का बोझ ज्यादा लग रहा है,
सीधी शिक्षक बहाली को इतना उलझाने की जरूरत आखिर क्यों?
#TRE4#Bihar
आज इंटरनेशनल डे ऑफ पर्सन्स विद डिसएबिलिटी है। कहने को तो यह शारीरिक अक्षमता से जुड़े मुद्दों पर समर्थन जुटाने का दिन है, पर हमारे आ��पास ऐसे कई उदाहरण हैं, जिन्होंने इस कमजोरी को ही ताकत बना न सिर्फ नायाब कीर्तिमान रचे बल्कि अक्षमता की परिभाषा ही बदल डाली।