आज के दौर में इन तमाम गंभीर समस्याओं के बावजूद, चुनाव के समय ये हमारे मुद्दे नहीं बन पाते। जब तक ऐसा रहेगा, ये समस्याएं कभी खत्म नहीं होने वाली हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि राजनीतिक दलों का पहला और एकमात्र उद्देश्य चुनाव जीतना होता है, और वे इस काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं
एक स्वस्थ लोकतंत्र में अपना विरोध दर्ज कराने के सबसे प्रभावी तरीका क्या है?
१. विरोध और प्रदर्शन
२.डिजिटल और सोशल मीडिया
३.कानूनी मार्ग
४.असहयोग और बहिष्कार
५.सामूहिक दबाव......
नहीं लोकतंत्र मे अपना विरोध दर्ज कराने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है "मतदान का अधिकार"।१/२
और सच यह है कि हम नागरिक अपने इस अधिकार का सही इस्तेमाल सही से नहीं कर पा रहे हैं। आज हमारे सामने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और महिला सुरक्षा जैसी गंभीर समस्याएं हैं, साथ ही राजनेताओं की अयोग्यता भी एक बड़ा मुद्दा है। 2/3
आज के दौर में सवाल पूछने की क्षमता ही एक नागरिक की असली पहचान है। लेकिन दुख होता है यह देख कर कि हमने सवालों की जगह नारों को दे दी है। जब भी कोई गंभीर सवाल पूछा जाता है—चाहे वो बेरोज़गारी पर हो, स्वास्थ्य पर हो या गिरते हुए लोकतंत्र पर—तो जवाब देने के बजाय लोग 1/2
आने वाली पीढ़ियां शायद ही विश्वास करेंगी कि हाड़-मांस से बना ऐसा कोई व्यक्ति कभी इस धरती पर चला होगा--अल्बर्ट आइंस्टीन
स्वतन्त्रता आंदोलन के दौरान पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला: यूजीसी बिल पर लगा रोक।
एक ऐसे समय में जब सरकार के लिए 'आगे कुआँ, पीछे खाई' जैसी स्थिति बनी हुई थी, सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर रोक लगाने का फैसला आज के दौर में सर्वोच्च न्यायालय की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।1/2