ये कठमु ल्ला क्या कह रहा है ?
ये कह रहा है कि उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी नहीं निकलने देगा
@ChouhanShivraj जी, @drnarottammisra जी...
बाबा महाकाल की सवारी को रोकने की धमकी देने वाला अभी तक खुला क्यों घूम रहा है ? इस सोच को मिट्टी में मिलाना होगा
हिंदू बेटियाँ ना कॉलेज में सुरक्षित है, ना स्कूल में सुरक्षित है और ना ही ट्यूशन क��लास में सुरक्षित है, अब्दुल और अफ़साना का धर्मांतरण एजेंडा हर जगह फैला हुआ है।
#अहमदनगर में ट्यूशन की छात्राओ पर धर्मांतरण का दबाव- कौन है इसके पीछे का मास्टरमाइंड ?
#HindusUnderAttack #HinduLivesMatter #SaveHinduDaughters
#Conversion
राजस्थान में “महिलाओं” का ये हाल है, फिर भी वह प्लेन से “मणिपुर” जा रहे हैं?
जहाँ कांग्रेस का शासन है, वहाँ ये हाल है, फिर भी कांग्रेस को शर्म नहीं आती?
उत्तरी ध्रुव पर सूर्यास्त के समय चंद्रमा सूर्य को 5 सेकंड के लिए अवरुद्ध कर देता है, और फिर तुरंत अस्त हो जाता है...
- इंटरनेट के बिना, हम अपने जीवनकाल में इस प्राकृतिक आश्चर्य को कभी नहीं देख पाते।
सावधान ‼️ मार्केट में नया फ्रॉड आया हुआ है जिसमें आपके अपनों का फोन आएगा और आपके साथ फ्रॉड हो जाएगा। सावधान हो जाइए। ये वीडियो देखिए कि कैसे होता है ये फ्रॉड और कैसे बचना है।
(वीडियो शेयर करके औरों को भी फ्रॉड से बचाएं)
*आज एक नई जानकारी यह मिली कि गुजरात में सबसे पहला टेलीफोन किसी बड़े उद्योगपति मिल मालिक के घर पर नहीं बल्कि साबरमती आश्रम में गांधीजी के टेबल पर लगा था.....
*और यह टेलीफोन अंग्रेजों ने विशेष लाइन डलवा कर लाखो रुपये खर्च करके लगवाया था ताकि अंग्रेज गांधी जी से बात कर सके.....
समझो देशवासियों...
यह कुकी महिला ऑन कैमरा स्वीकार कर रही है कि उन्होंने मैतेई घरों को आग लगाई। यह आग मणिपुर के सीमावर्ती क्षेत्र मोरे में लगाई गई है, जहां करीब 30 मैतेई घरों को जलाया गया है। यह आग 28-29 जुलाई को लगाई गई है।
DMK Congress राज में तमिलनाडु में हिंदू देवी देवताओं का अपमान करना,उनका अश्लील चित्रण करना क्या कानूनी रूप से वैध है?ये पोस्टर सरकार की सहयोगी MMK के नेता जवाहरुल्ला ने लगवाए जिनमें म���ता सीता की भद्दी तस्वीर है।खबर है कि @tnpoliceoffl ने इस पर FIR दर्ज करने से मना कर दिया है।
ईद में नंगा नाच: 42 सदस्यीय डांस ग्रुप की लड़कियों को नंगा नचाया, 800 की भीड़ ने खंजर-कुल्हाड़ी से धमकाया
मुहर्रम पर देश भर में क्या-क्या हुआ, हो रहा, सबने देखा... ईद पर क्या हुआ था, उसे भी याद रखें।
#Muharram#RadicalIslam
https://t.co/SDKiLcwIwq
विधर्मी जिहादियों द्वारा बनाया गया एक नया केक बाजार में आ गया है। ल्यूपो कंपनी के केक के अंदर एक टेबलेट है जो बच्चों को लकवाग्रस्त कर देती है, कृपया इस वीडियो क�� अपने दोस्तों को भेजें, केवल हिंदू क्षेत्र में बेचा जाता है।🔥 अपने बच्चों का ख्याल रखें और अपना ख्याल रखें
हिंदुओ सावधान
अगर आपके बच्चों के स्कूल वैन का चालक "अब्दुल" है तो सावधान हो जाइए
दिल्ली के एक स्कूल बस का ३० वर्षीय चालक "मोहम्मद अजहर" स्कूल ��ी बस में ही एक ६ वर्ष की बच्ची का पिछले १ वर्ष से यौन शौषण करता था जिसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है ...
ये पूरा वीडियो देखें उसके बाद आप खुद तय करें की ये "अब्दुल" कितने खतरनाक हैं
मणिपुर में अफीम की खेती भी मुख्य कारण....
मणिपुर में बसी एक विदेशी मूल की जाति कुकी है, जो मात्र डेढ़ सौ वर्ष पहले पहाड़ों में आ कर बसी थी। ये मूलतः मंगोल नस्ल के लोग हैं। जब अंग्रेजों ने ���ीन में अफीम की खेती को बढ़ावा दिया तो उसके कुछ दशक बाद अंग्रेजों ने ही इन मंगोलों को वर्मा के पहाड़ी इलाके से ला कर मणिपुर में अफीम की खेती में लगाया। आपको आश्चर्य होगा कि तमाम कानूनों को धत्ता बता कर ये अब भी अफीम की खेती करते हैं और कानून इनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता। इनके व्यवहार में अब भी वही मंगोली क्रूरता है, और व्यवस्था के प्रति प्रतिरोध का भाव है। मतलब नहीं मानेंगे, तो नहीं मानेंगे।
अधिकांश कुकी यहाँ अंग्रेजों द्वारा बसाए गए हैं, पर कुछ उसके पहले ही रहते थे। उन्हें वर्मा से बुला कर मैतेई राजाओं ने बसाया था। क्यों? क्योंकि तब ये सस्ते सैनिक हुआ करते थे। सस्ते मजदूर के चक्कर में अपना नाश कर लेना कोई नई बीमारी नहीं है। आप भी ढूंढते हैं न सस्ते मजदूर? खैर...
आप मणिपुर के लोकल न्यूज को पढ़ने का प्रयास करेंगे तो पाएंगे कि कुकी अब भी अवैध तरीके से वर्मा से आ कर मणिपुर के सीमावर्ती जिलों में बस रहे हैं। सरकार इस घुसपैठ को रोकने का प्रयास कर रही है, पर पूर्णतः सफल नहीं है।
आजादी के बाद जब उत्तर पूर्व में मिशनरियों को खुली छूट मिली तो उन्होंने इनका धर्म परिवर्तन कराया और अब लगभग सारे कुकी ईसाई हैं। और यही कारण है कि इनके मुद्दे पर एशिया-यूरोप सब एक सुर में बोलने लगते हैं।
इन लोगों का एक विशेष गुण है। नहीं मानेंगे, तो नहीं मानेंगे। क्या सरकार, क्या सु��्रीम कोर्ट? अपुनिच सरकार है! "पुष्पा राज, झुकेगा नहीं साला"
सरकार कहती है, अफीम की खेती अवैध है। ये कहते हैं, "तो क्या हुआ? हम करेंगे।" कोर्ट ने कहा, "मैतेई भी अनुसूचित जाति के लोग हैं।" ये कहते हैं, "कोर्ट कौन? हम कहते हैं कि वे अनुसूचित नहीं हैं, मतलब नहीं हैं। हमीं कोर्ट हैं।
मैती, मैतेई या मैतई... ये मणिपुर के मूल निवासी हैं। सदैव वनवासियों की तरह प्राकृतिक वैष्णव जीवन जीने वाले लोग। पुराने दिनों में सत्ता इनकी थी, इन्हीं में से राजा हुआ करते थे। अब राज्य नहीं है, जमीन भी नहीं है। मणिपुर की जनसंख्या में ये आधे से अधिक हैं, पर भूमि इनके पास दस प्रतिशत के आसपास है। उधर कुकीयों की जनसंख्या 30% है, पर जमीन 90% है।
90% जमीन पर कब्जा रखने वाले कुकीयों की मांग है कि 10% जमीन वाले मैतेई लोगों को जनजाति का दर्जा न दिया जाय। वे लोग विकसित हैं, सम्पन्न हैं। यदि उनको यदि अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया गया तो ��मारा विकास नहीं होगा। हमलोग शोषित हैं, कुपोषित हैं... कितनी अच्छी बात है न?
अब मैतेई भाई बहनों की दशा देखिये। जनसंख्या इनकी अधिक है, विधायक इनके अधिक हैं, सरकार इनके समर्थन की है। पर कोर्ट से आदेश मिलने के बाद भी ये अपना हक नहीं ले पा रहे हैं। क्यों? इसका उत्तर समझना बहुत कठिन नहीं है।
यह सारी बातें फैक्ट हैं। अब आपको किसका समर्थन करना है और किसका विरोध, यह आपका चयन है। मुझे फैक्ट्स बताने थे, वह मैंने कर दिया।