उच्च शिक्षा के कार्यक्रम के लिये यूजीसी में संघ को प्रतिष्टित कर सिलेबस बनाने की कोशिश बरकारार है।भाजपा शासित राज्यों में हंगामा नही है क्योंकि वहां सब चंगा सी।सरकार उनकी है तो बिरोध क्यों? कहीं भी यह जिक्र नही है कि यूजीसी की गाइड है कि उपराज्यपालों की नियुक्ति राज्यपाल करेंगे।
आज विपक्ष शासितराज्यों में राज्यपालों और सरकार में झगड़े बढ़ गए है।कारण स्पष्ट है पर स्वीकार करने की आदत नही है।तमाम राज्यों में संघ के नुमाइंदे राज्यपाल है जिनमें हिन्दुराष्ट्र बनाने की सोच है।उपकुलपति की नियुक्ति संध के नुमाइंदे हो,ताकि उच्च शिक्षाको प्रभावित किया जाय।
सवर्ण जातियों में सबसे ज़्यादा कंगाली राजपूतों यानी ठाकुरों में है। अग्निपथ और अग्निवीर के बाद तो इनकी हालत और ख़राब होने वाली है। अफ़सोस कि ये @rajnathsingh के नेतृत्व में हो रहा है। इस महत्वपूर्ण बात को कहने के लिए ठाकुर महासभा चाहे तो मेरा अभिनंदन कर सकती है।
The top court asked the National Investigation Agency to inform it about the kind of restrictions that should be enforced while the activist is under house arrest. https://t.co/BJ024XLLW0
@TribalArmy बिल्कुल झूठ का पुलिंदा है।क्या आदिवासियों और दलितों को हिन्दू मानने वाले उनसे बेटी-रोटी का रिश्ता रखने को तैयार हैं?अगर हाँ तो हिन्दू और अगर ना तो क्यों हिन्दू?जबाब दो।
नूरे हाउस को जब नारी कल्याण और बाल कल्याण पर मर्दन होता है तब जिह्वा को लकवा मार देती पर जब गोआ के रेस्टोरेंट की वास्तविकता सामने आती है तो हाउस को मछली बाज़ार बना देती है।यह शुचिता समझने के लिये खुली आंखे नही बन्द आंखों की जरूरत है।
आरिफ महम्मद खां का दर्द शाहबानो के समय इतना अधिक बढ़ गया कि कॉंग्रेस से रिश्ता तोड़ दिए पर बिलकिस बानो के ऊपर अत्याचार की सीमा तोड़ देने पर आंसू भी नही निकली।मुंह को लकवा मार दिया। यह है सत्ता का खेल!!
संविधान पीठ की बैठक की जरूरत तब होती है जब कोई मसला सविधान की अनुरूप नही लगता है पर आज जो निर्णय 10%EWSसे सबन्धित था वह 3-२के अंतर से जायज हो गया।पर एक बात अवश्य आया कि सबकुछ संविधान में मूलभूत आधार पर नही छोड़ा जा सकता।सोचते रहिये सविधान पीठ की क्या जरूरत ?
@Profdilipmandal किया भी तो,जिसकी फसल ब्राह्मण आजतक काट रहे है।क्षत्रियों को तलवार के साथ रंगीन राते गुजरने की आदत जो पड़ी,वह आज भी है।भले औकात नही रही पर ऐंठन आज भी है।वैश्य उस(व्यवसायी )समय भी सत्ता के साथ मिलकर लूटते थे,आज भी कायम है।दलित सेवा करते थे,आज भी सत्ता की गुलामी करते है।कब जागेंगे!!
भाजपा की सरकार आने के बाद दलितों पर बढ़े अत्याचार : सुभाषिनी अली
देखिए सीपीआईएम नेत्री का द मूकनायक पर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू👇
देखिए पूरा इंटरव्यू : https://t.co/mBHjt83Xxk
@SubhashiniAli
"কালীঘাট থেকেই দুর্নীতির নেটওয়ার্কিং করা হচ্ছে। কোথায় কাকে বসাতে হবে, কাকে কিভাবে পুষিয়ে দিতে হবে, কোন সাংসদের সঙ্গে বিজেপি’র স্বরাষ্ট্রমন্ত্রীর যোগাযোগ থাকবে-নিয়োগ দুর্নীতি, কয়লা পাচার, বালি পাচার, গরু পাচার সবই এই নেটওয়ার্কের অংশ।" : @salimdotcomrade#TMCJungleRaj
@AvikMuk16902702@1952ramaswami1 कर्मचारी बिरोधी सरकार की छबि नज़र आ गयी।क्लब को पैसा बांटने में कोई दिक्कत नही पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने में दिक्कत है।यह है दीदी सरकार!!!