आज के दौर में हर नेता सस्ती लोकप्रियता के लिए कुछ ना कुछ उटपटांग बयान देते रहे हैं इस दौर में भी एक शांत सभ्य मृदुभाषी नेता हैं धर्मेंद्र सिंह राठौड़
#अजमेर_का_धर्मेंद्र@DharmendraS_inc
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 फाइनल रिजल्ट
कूल पार्षद- 10245
भाजपा- 4023
कांग्रेस- 3438
निर्दलीय-2435
तीसरे मोर्चे पर मंथन हो सकता है?
कांग्रेस वापसी करेगी इसमें कोई संदेह नहीं है
आर्ट ऑफ़ वार किताब का एक कोट है - Quickness is the essence of war.
इसलिए धर्मेन्द्र राठौड़ मोर्चों की लड़ाइयाँ नहीं हारते। अभी बाक़ी नेता जोड़ - बाक़ी - गुना - भाग में उलझे हैं और धर्मेन्द्र राठौड़ ने बिना वक़्त गँवाए एक मोर्चा आगे का जीत लिया है। जश्न से इतर उन्होंने एक रणनीति चली है और साफ़ एलान कर दिया है कि 9 निर्दलीयों का समर्थन उनके पास आ चुका है और वे अजमेर में कांग्रेस का बोर्ड बना रहे हैं।
अब निर्दलीयों का समर्थन उनके पास है या नहीं ये एकदम अंदर की बात है। लेकिन प्रतिस्पर्धी के हौंसलें निचोड़ने के लिए रणनीति कमाल की है। धर्मेन्द्र राठौड़ की ये रणनीति बीजेपी के खेमे में कोहराम मचाने का काम जरूर करेगी और साइकोलॉजिकली इसके लिए तैयार करेगी कि - We have lost and must down our arms
धरातल के संघर्ष से वाकिफ , जनमानस की बुलंद आवाज आदरणीय भाभा @aamliNSS जी की पत्नी भाभीसा सुनिता कंवर जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 29 से निर्दलीय पार्षद पद प्रत्याशी हैं!
जो भी भाई वार्ड संख्या 29 से सम्बन्ध रखता हैं या कोई परिचित वहां हैं तो आप एकबार सेवा का मौका जरूर दें !
बीकानेर के महाराजा डॉ.करणी सिंह जी 25 साल लगातार सांसद रहे और हर बार 1 लाख से अधिक वोटों से जीते, लेकिन अंतिम चुनाव में 98000 वोटों से जीते। 1 लाख से कम वोटों से जीतने पर राजनीति से संन्यास ले लिया और कहा लगता है जनता का प्रेम कम हो गया है! ऐसे थे महाराजा और एक आज के नेता है।
बीकानेर के पूर्व महाराजा, पूर्व सांसद, शुटिंग के अन्तराष्ट्रीय चैम्पियन, पांच ओलंपिक में भारत के ध्वज वाहक, अर्जुन अवार्डी, करणी सिंह जी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि🙏
श्रीपाल शक्तवात की कलम से
कोई शख़्सियत थी जो मानो प्रशासन और सरकार से वार्ता नहीं उन्हें आदेश देती थी कि ये होना चाहिए
मजबूत क़द काठी और आकर्षक ओजस्वी वाणी
वह अद्भुत व्यक्तित्व के धनी थे । मारवाड़ी, हिंदी और अंग्रेजी पर शानदार पकड़ । हर किसी की निगाह खींच लेने वाली कदकाठी । बास्केटबॉल के कोर्ट पर होते तो उन्हीं का जलवा होता । निशानेबाजी की रेंज में होते तो किसी भी विधा में उनका निशाना अचूक ही रहता । उन्होंने राजनीति की दिशा तय की । लेकिन खुद राजनीति में फिट नहीं हो पाये ।
गुजरात में फिल्म पद्मावत के विरोध में सभा सुनिश्चित हो गई । गुजरात के एक कद्दावर मंत्री की पहल पर बीजेपी के एक बड़े नेता के यहां देर रात बैठक तय हुई । मंत्री और अहमदाबाद के एक वकील के साथ वह तय स्थान पर पहुंच गए ।
बड़े अजीबो गरीब अंदाज में संवाद शुरू होता उससे पहले ही उन्होंने महसूस किया कि नेताजी सोफे पर पसरे हैं ,लेकिन सामने कोई कुर्सी तक नहीं । खड़े रहकर बात ? असंभव । निगाह दौड़ाई तो बगल के स्थान में कुर्सियां थी । सहयोगियों से कुर्सी मंगवाई और कुर्सी पर जम गए । नेताजी बड़े बड़े नेताओं को बिठाकर बात करने में तौहीन समझते थे । यहां तक कि एक केंद्रीय मंत्री ने तो ऐसे सुलूक की मुरली मनोहर जोशी तक को शिकायत की । खैर,खड़े होकर दरबारी की तरह बात करना गंवारा नहीं था सो कुर्सी खींची और बैठ गए ।
संवाद की शुरुआत नेताजी ने शुरू की - "ये टेंट कुर्सी के जो दाम लगे हैं । मतलब खर्चा पानी लो और रैली रद्द करो ।"
इशारा साफ था । खर्चा पानी । मतलब जो चाहो लो । चुनाव डिस्टर्ब मत करो । लेकिन जवाब आया - "रैली तो होगी । फिल्म पर रोक लगी तो रैली में सरकार की जय - जय । वरना हाय - हाय ।"
देश में कोई इस भाषा में जवाब नहीं दे सकता । गुजरात में यह हिम्मत तो हिमाकत थी । नेताजी की त्यौरी चढ़ गई । बोले -"बनिए का बेटा हूं । लेकिन कई बार दिमाग खिसक जाता है ।" जवाब था -"इधर मामला उलट है । यहां दिमाग कभी कभार ही काम करता है । रैली होगी । सुबह तक फिल्म पर रोक का फैसला आया तो सरकार की जय - जय । वरना हाय - हाय ।" कहकर कुर्सी खिसकाई । उठे और रवाना । सब हतप्रभ । गुजरात में और ऐसी हिमाकत ?
रैली हुई । वह भी पूरी हुंकार के साथ । राजस्थान में अजमेर और अलवर लोकसभा के उप चुनाव समेत कई चुनाव थे । मुद्दा असर कर रहा था । फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगी । कई कट लगे । लेकिन तब तक देर हो चुकी थी । बीजेपी अजमेर और अलवर हार गई । कई बूथ पर तो बीजेपी शून्य पर आ टिकी ।
ऐसा वही कर सकते थे । वही माने- लोकेंद्र सिंह कालवी । उन्होंने घर फूंक कर सामाजिक हित में आंदोलन खड़े किये । अजमेर रोड़ की जमीन ,अलवर और आंधी की माइंस ,सब आंदोलन की भेंट चढ़ गए । लेकिन न किसी से शिकवा न किसी से शिकायत । यहां तक कि उनके पूरे आरक्षण आंदोलन को चौपट करने वाली अमरूदों के बाग वाली रैली पर भी प्रतिक्रिया में उन्होंने भाषा का स्तर नीचे नहीं जाने दिया ।
रिश्ते निभाने की जिद ऐसी कि स्वर्गीय कल्याण सिंह कालवी और नाथू राम मिर्धा के रिश्तों के सम्मान में मिर्धा पुत्र भानु प्रकाश मिर्धा के समर्थन में निकल गए । घर तभी लौटे जब भानु प्रकाश मिर्धा संसद पहुंच गए ।
आजीवन मुद्दों पर लड़ते रहे। और, इसी अंदाज में लड़ते हुए एक दिन चले गए ।
लोकेंद्र सिंह कालवी ने उस दौर में सामाजिक न्याय मंच के बैनर तले जोधपुर,बीकानेर,सीकर,झुंझुनूं,कोटा,भीलवाड़ा,जयपुर में लक्खी रैलियां की । नारा था -आरक्षित को संरक्षण और उपेक्षित को आरक्षण !
मेरी कई मुद्दों पर उनसे सहमति थी । लेकिन श्री राजपूत करणी सेना के नाम पर आपराधिक अतीत वाले लोगों को ग्लोरिफाई करने के उनके फैसले पर घोर असहमति । असहमति भी ऐसी कि संवाद तक बंद हो गये। नाराजगी दूर होती उससे पहले ही वह चल बसे । न मैं अपनी बात समझा पाया । न वह अपने फैसलों को जस्टिफाई कर पाये ।
आज कुल जमा 28 करणी सेनाएं उनके फोटो लगाकर मैदान में हैं । सबके बैनर पर उनकी फोटो है । कोई फैंसी ड्रेस में तो कोई तुर्रमख़ां के अंदाज में । लेकिन सत्ता से आंख में आंख डाल बात करने की हिम्मत उन जैसी किसी में नहीं ।
हो भी कैसे ? हर कोई लोकेंद्र सिंह कालवी नहीं हो सकता ।
जयंती पर उस बिरले सख्श को विनम्र श्रद्धांजलि !
पीछे चलो पीछे VVIP आ रहे हैं ये हाल आम लोगों का बना रखा है 🤔
जैसलमेर थाने के बाहर धरना चल रहा है BJP के 2MLA ओर ABVP वाले दे रहे हैं
सीकर के धोद थाने के बाहर धरना चल रहा है वहां एक BJP विधायक बैठे हैं
SK hospital की मोर्चरी के बाहर धरने पर सीकर जिला उपप्रमुख बैठे हैं
जयपुर पुलिस- अभी पीछे हो जाओ,वोट के समय आगे आ जाना
VIP प्रोटोकॉल के चलते बारिश से भीगने बचने के लिए स्टैंड के अंदर खड़े लोगो को नीचे कर रही है भजनलाल शर्मा जी की जयपुर पुलिस
Dear @jaipur_police आपके लिए प्रोटोकॉल जरूरी है या आम जनता की परेशानी और इंसानियत
‘जोगा ने जग पुछे नाजोगा ने कुण पुछे’
बाड़मेर–जैसलमेर के पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जन-जन के लोकप्रिय नेता श्रद्धेय श्री कल्याण सिंह जी कालवी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
📍 जयपुर
गत दिवस जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित “YUVA SAMVAAD–MUN” कार्यक्रम में प्रतिभाशाली युवाओं के विचार, ऊर्जा और देश के प्रति समर्पण को निकट से जानने का अवसर मिला।
📍 टोंक
आज टोंक स्थित श्री अग्रवाल धर्मशाला में EWS जनजागृति मंच के तत्वावधान में आयोजित EWS विचार गोष्ठी कार्यक्रम एवं प्रेस वार्ता में सहभागिता कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों की मजबूती हेतु संवाद किया।
बुटाटी धाम आने वाले किसी भी पीड़ित श्रद्धालु को कोई दिक्कत नहीं हर सुविधा मिल रही है मंदिर कमेटी बार बार नगद के बजाय ऑनलाइन चंदे का बोल रही है CCTV कैमरे लगे हुए हैं
तो फिर SDM साहब ने 18 करोड़ चढ़ावे में 22 करोड़ का घोटाला कहा से निकाला है 🤔🤔
#बुटाटी_धाम