गंगानगर में इंजीनियर पर ड्यूटी के दौरान मारपीट, अभद्र व्यवहार और फिर झूठे आरोप यह खुला अन्याय है।
FIR तक दर्ज न होना प्रशासन की विफलता है।
यदि तुरंत SC/ST Act के तहत FIR दर्ज नहीं हुई, तो इंजीनियर समुदाय आंदोलन के लिए बाध्य होगा
@RajCMO@PMOIndia@sgnrpolice@RajPoliceHelp
सवाल यह है कि संगठन के मुखिया, सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के लोग और कई विधायकों के बोलने के बाद भी सुनवाई तो छोड़ो कोई ध्यान तक नहीं दिया जाना दर्शाता है की आपस में सबकुछ ठीक नहीं है। सरकार की हठधर्मिता के क्या कारण हो सकते हैं? यहीं सवाल हर युवा की जुबान पर है।
#RASMAINSPOSTPONE
#जयपुर
RAS-2024 मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग
अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल की शुरू
छात्रों का धरना तीसरे दिन भी जारी
सरकार की चुप्पी अब पीड़ादायक- छात्र
10 मंत्री, 40 MLA भी समर्थन पत्र दे चुके
पहले RAS-2023 की प्रक्रिया पूरी की जाए.
#Jaipur#RajasthanWithNews18
कुछ सवाल:– सत्ता, संगठन, संस्था, विपक्ष और बेरोजगार नेताओं से..
1. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों को झूठा आश्वासन देकर इतने दिन गुमराह क्यों किया?
2. कृषि मंत्री की बात की क्यों अनसुना किया जा रहा है?
3.RPSC द्वारा की गई पोस्ट पर आई प्रतिक्रिया और इनपर लगे आरोपों पर क्या सफ़ाई, दी जाएगी?
4. भाजपा प्रवक्ता के लगाएं आरोपों का स्पष्टीकरण दिया जाएगा?
5. भाजपा सरकार पर उनके ही प्रवक्ता द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के इतने समय बाद प्रमुख विपक्षी दल द्वारा अभी तक कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई?
6.अन्य विपक्षी दल हनुमान बेनीवाल, राजुकमार रोत तथा अन्य सभी दल इस विषय का गंभीरता से विरोध करेंगे?
7. क्या RAS अभ्यर्थियों के आंदोलन में तथाकथित नेताओं द्वारा चंदा इक्कठा कर गड़बड़ी की गई है?
8. तथाकथित बेरोजगार नेता जिनमें से कुछ सरकारी सेवक भी हैं उनके द्वारा भ्रामक खबरें क्यों दी गई? क्या यही किसी प्लानिंग का हिस्सा थी?
9. क्या RPSC संवैधानिक संस्था प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अभ्यर्थियों के संदेह दूर करने का प्रयास करेगी?
10.जिस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई क्या उसी मुद्दे पर लगे आरोपों पर विपक्ष जनता की पैरवी करेगा।
किसी को भी ग़लत या सही नहीं ठहरा रहे है बस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में सब जिम्मेदारों से एक साथ सवाल पूछ रहे है ताकि अभ्यर्थियों के सारे संदेह दूर हो जाए तथा सरकार व संवैधानिक संस्थाओं पर उठता विश्वास पुनः बहाल हो पाए।
भाजपा के प्रवक्ता कृष्ण कुमार जानू ने बहुत बड़ा और गंभीर आरोप लगाया कि RAS मुख्य परीक्षा से पहले ही कई अधिकारियों के द्वारा पेपर लीक कार दिया गया है।
क्या यही वजह है कि RAS Mains परीक्षा रद्द नहीं हो रही है..?
#RASMAINSPOSTPONE#RAS_MAINS_स्थगित_करो
राजस्थान RAS मेन्स परीक्षा (17-18 जून 2025) को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। बीजेपी प्रवक्ता द्वारा यह सनसनीखेज आरोप लगाया गया कि परीक्षा का पेपर पहले ही बेचा जा चुका है, और इसमें सरकार व RPSC के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत है। यह दावा अभ्यर्थियों में आक्रोश और भ्रम पैदा कर रहा है। लेकिन क्या ये आरोप सत्य हैं, या यह सिर्फ सियासी हथकंडा है?
#RASMAINSPOSTPONE
#RAS_MAINS_स्थगित_करो
जी न्यूज ने तो धोती फाड़ कर रुमाल बना दिया...!
- RAS परीक्षा स्थगित नहीं करने के पीछे यह था बड़ा कारण?
- ... सिस्टम के भीतर कितने ठेकेदार बैठे हैं?
- ... नेताओं के पत्र डाले जा रहे थे रद्दी के टोकरे में ?
#RASMAINSPOSTPONE#RAS_MAINS_स्थगित_करो
BJP प्रवक्ता ने लगाये गंभीर आरोप ॥
कहा कि पेपर बेच दिया है इसलिये आगे नहीं बढा सकते॥
कैसी दुर्दशा हो रखी है प्रदेश की॥
#RASMAINSPOSTPONE#RAS_MAINS_स्थगित_करो
कृष्ण कुमार जानू जी, राजनीति में ‘पद’ भले मिल जाए, पर असर तभी होता है जब सत्ता आपको गंभीरता से ले।
फ़िलहाल स्थिति यह है कि प्रदेश सरकार ‘संकल्प से सिद्धि’ की ओर नहीं, बल्कि ‘सलाह से साज़िश’ की तरफ़ बढ़ रही है!
जहाँ सलाह चुनिंदा चाटुकार अफ़सर और स्वघोषित थिंक टैंक की सुनी जा रही है — न कार्यकर्ताओं की, न अध्यक्ष की, और न ही दोनों डिप्टी CM की!
तो जानू जी, सलाह मुफ़्त है — फिलहाल गर्मी ज़्यादा है, ठंडा पानी पीजिए… और जब चुनाव आएगा, तब कार्यकर्ताओं की अहमियत फिर याद आएगी!”
“हम से कहा गया था मशवरा दो,
अब कहा जा रहा है चुप रहा करो।”
जो सर उठाए वो सियासत में ग़ैर हो जाता है,
हुक्मरानों के दरबार में बस ‘हाँ’ बोलने वाला ही ख़ास होता है!”
#Rajasthan
बीजेपी प्रवक्ता के आरोप गंभीर हैं — परीक्षा से पहले ही पेपर लीक!
राजस्थान में ऐसा कौन सा ‘अधिकारयुक्त अधिकारी’ आ गया है जो युवाओं के भविष्य से खेल रहा है?
जिसके आगे पार्टी अध्यक्ष, दोनों डिप्टी CM और 40 विधायक भी बौने साबित हो रहे हैं!
@narendramodi@AmitShah
आपके राज में यह “अधिकारशाही” कैसा? ज़रा नज़र-ए-इनायत फ़रमाइए…
हुकूमतें बदलती हैं, मगर अफ़सर वही रहते हैं,
ज़ुल्म का चेहरा बदलता है, निज़ाम वही रहते हैं!
#Rajasthan