State Spokesperson,
Indian National Congress-Haryana.
Convenor, DCC Kaithal.
Worked as AICC Observer & DRO.
A/C Pundri (Kaithal) P/C Kurukshetra.
M.9215588318.
आज विधानसभा जाते समय नेता प्रतिपक्ष श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी और कांग्रेस विधायकों के साथ की गई बदसलूकी लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने से रोकना, बैरिकेडिंग और पुलिस बल का इस्तेमाल कर उनकी आवाज़ दबाना — यह केवल सत्ता का अहंकार नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिए गए अभिव्यक्ति और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का खुला उल्लंघन है।
BJP सरकार हर उस आवाज़ को दबाना चाहती है जो उससे सवाल पूछती है। लेकिन उसे समझ लेना चाहिए — कांग्रेस डरने वाली नहीं है।
जितना दमन बढ़ेगा, उतनी ही बुलंद हमारी आवाज़ होगी।
जितनी बैरिकेडिंग खड़ी होगी, उतना ही मजबूत हमारा संघर्ष होगा।
हम झुकेंगे नहीं।
हम रुकेंगे नहीं।
हम डटे रहेंगे।
जनता और जनप्रतिनिधियों की आवाज़ को न बैरिकेडिंग से रोका जा सकता है, न पुलिसिया दमन से।
लोकतंत्र में सवाल पूछना हमारा अधिकार है — और जनता के अधिकारों के लिए लड़ना हमारा संकल्प।
@INCHaryana@BhupinderShooda@raonarenderinc
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले कि कांग्रेसजन ऐसी बदसलूकियों से डरने वाले नहीं हैं।
जनता के बुनियादी सवालों से भाग रही सरकार अब पूरी तरह अलोकतांत्रिक हथकंडों पर उतर आई है।
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संघर्षों को लेकर उत्तराखंड की महिलाएं कितनी जागरूक हैं — यह जानने के लिए हमने ज़मीन से जुड़े अनुभवों पर बात की। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में श्रीमती कमला पंत जी, उत्तराखंड महिला मंच ने इस विषय पर अपने विचार हमारे साथ साझा किए।
रचनात्मक कांग्रेस संवाद, भागीदारी और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित एक मंच है, जो देशभर के लोगों को एक साझा मंच पर लाता है। हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए।
#RachnatmakCongress #SandeepDikshit #uttrakhand #NationalConvention #india
प्रिय भारत के नागरिकों, विशेष रूप से @smritiirani और @BansuriSwaraj,
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 में दशकों के संघर्ष के बाद पास हुआ , 1975 की टुवर्ड्स इक्वलिटी रिपोर्ट से लेकर पंचायत कोटा और 1990 के दशक से लगातार बिल्स तक।
फिर भी इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया गया, जबकि वर्तमान सदन में ही फ्लैट 33% लागू किया जा सकता है। इस लिंकेज की कोई संवैधानिक जरूरत नहीं है। यह सिर्फ न्याय में देरी कर रहा है।
आश्चर्य की बात है कि नई संसद 888 सीटों के साथ बनाई गई, बिना यह फैसला किए कि सीटों की संख्या फ्रीज रखनी है या नहीं। यह संवैधानिक लोकतंत्र में उचित प्रक्रिया का मजाक है।
अगर प्रतिबद्धता सच्ची है, तो केंद्रीय कानून मंत्रालय किसी सत्र में संशोधन लाकर इस देरी को हटाए।
महिला आरक्षण अभी लागू होना चाहिए।
ऐतिहासिक महिला आरक्षण बिल पास करके फिर उसे जनगणना-बाद के परिसीमन के भूलभुलैया में बंद कर देना नीतिगत विडंबना की पराकाष्ठा है। बिना उचित प्रक्रिया के 888 नई संसद सीटें रातोंरात बना लीं, लेकिन फ्लैट 33% प्रतिनिधित्व के लिए दशकों की नौकरशाही चाहिए? Clause संशोधित करें।
महिला आरक्षण अभी लागू करें।
साहिल की FIR दर्ज न होने देने का एक ही मतलब है -
नरेंद्र मोदी और अमित शाह के राज में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर खुलेआम पैलेट गन चलाई जा सकती है, मगर उन्हें इंसाफ नहीं मिल सकता।
जब तक FIR दर्ज नहीं होती, जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता - हम डटे रहेंगे।
लक्ष्य न्याय है और वो हर हाल में लेकर ही रहेंगे।
आज चंडीगढ़ स्थित आवास पर आगामी 27 अगस्त से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस विधायक दल की महत्त्वपूर्ण बैठक ली। इस दौरान प्रदेश के आम जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाने की रणनीति तय की गई।
बैठक की शुरुआत पूर्व सांसद सज्जन कुमार जी को दो मिनट का मौन रख भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।