DAY 4 UPDATE
I’m feeling ok, bit tired though.
Doctor said BP was low, I’ll increase water n salt intake. Sugar level is low at 66 but that’s because of no food for 3 days, as ketosis takes over body starts consuming fats etc. In prolonged fast it may consume muscles & organs resulting in death but I’m nowhere near that.
My weight has gone down by 2 Kgs… a loss of some 650 gm per day n that’s also normal.
My inconveniences are nothing compared to the 20+ students who gave their lives & the 5 youths who died in Ladakh last September.
Thanks for all your support
Jai Hind.
#CockroachJantaParty #CJP #SonamWangchuk
न्याय के मंदिर में जज साहब के बगल बैठा हुआ पेशकार तारीख लेने वालों से 100 से 200 रु० किस बात का लेता है..?
सवाल है कि वो आदमी जज साहब को क्यों नहीं दिखाई देता है..?
एक तरफ़ आदिवासी सम्मान के बड़े-बड़े दावे, दूसरी तरफ़ आदिवासियों के उजड़ते घर।
बाड़मेर में भील आदिवासी परिवारों के आशियाने तोड़ दिए गए। महिलाएँ और मासूम बच्चे खुले आसमान के नीचे हैं।
सत्ता से सवाल है - बुलडोज़र चलाने की इतनी जल्दी थी, लेकिन पुनर्वास की कोई जल्दी क्यों नहीं थी?
आदिवासी समाज को सिर्फ़ चुनावी मंचों पर याद करना और ज़मीन पर उसे बेघर छोड़ देना, यही क्या "सम्मान" की राजनीति है?
अगर विकास किसी गरीब की छत छीनकर आगे बढ़ता है, तो उस विकास की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आदिवासी समाज को भाषण नहीं, न्याय चाहिए।
कम से कम नोएडा के एक चैनल ने तो करोड़ों राम भक्तों की ओर से सीना ठोक कर चंदा चोरों से सवाल पूछने की हिम्मत की।
पत्रकार विपिन चौबे ने बहादुरी का परिचय दिया 👍 @TV9Bharatvarsh
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को विदेशी मीडिया कवर कर रही है, लेकिन भारतीय मुख्यधारा मीडिया की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
क्या देश के जन आंदोलनों की कवरेज भी अब चुनिंदा हो गई है? जनता जवाब चाहती है।
लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में तक़रीबन डेढ़ दर्जन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहाँ मौजूद युवाओं की चीखें और गवाही सुनिए—यह सिर्फ़ एक हादसा नहीं, हमारे समय की एक भयावह सच्चाई है।
इस आग में कुछ लोग जलकर मारे गए, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों को युवाओं ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने उनके लिए क्या किया?
रोज़गार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था की जगह समाज को धर्म और नफ़रत की आग में झोंका जा रहा है। एक आग इमारतों को जलाती है, दूसरी आग पीढ़ियों के सपनों को।
हम जैसे लोग बरसों से चेतावनी देते आ रहे हैं कि नफ़रत की राजनीति का अंत कभी अच्छा नहीं होता। मगर अगर अब भी नहीं संभले, अगर अब भी असली मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे, तो सिर्फ़ इमारतें नहीं जलेंगी—सपने जलेंगे, भविष्य जलेगा, और एक पूरा समाज राख में बदलता चला जाएगा।
वक़्त अभी भी है। तय करना हमें है कि हम आग बुझाने वालों के साथ खड़े होंगे या आग फैलाने वालों के साथ।
ग्रेट निकोबार को बचाने के लिए आगे आइए- Nicobar Petition साइन कीजिए।
हिंदुस्तान की इस बेहद खूबसूरत और महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर को बचाने में अपना योगदान दीजिए 👇
https://t.co/epehDPTYYS
#GreenOverGreed 🇮🇳
#NicobarMatters
भारत सरकार के प्रति जन आक्रोश बढ़ गया है जिसका विरोध प्रदर्शन करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी नाम से लोगों ने मोर्चा खोला है
जिसके दमन के लिए सरकार और आरएसएस दोनों ही मिलकर कुछ भी कर सकते हैं
मेरा आग्रह बस यही है सतर्क रहें सावधान रहें सुरक्षित रहें....
मेरा देश - मेरा परिवार
भारत सरकार के प्रति जन आक्रोश बढ़ गया है जिसका विरोध प्रदर्शन करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी नाम से लोगों ने मोर्चा खोला है
जिसके दमन के लिए सरकार और आरएसएस दोनों ही मिलकर कुछ भी कर सकते हैं
मेरा आग्रह बस यही है सतर्क रहें सावधान रहें सुरक्षित रहें....
मेरा देश - मेरा परिवार
सिंगरौली में 6 से 7 लाख पेड़ काटे जाएंगे, जंगल खत्म कर दिए जाएंगे…
क्योंकि सरकार देश भर में अडानी के प्रोजेक्ट्स के लिए जल, जंगल और जमीन तक दांव पर लगाने को तैयार है?
भारत सरकार के प्रति जन आक्रोश बढ़ गया है जिसका विरोध प्रदर्शन करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी नाम से लोगों ने मोर्चा खोला है
जिसके दमन के लिए सरकार और आरएसएस दोनों ही मिलकर कुछ भी कर सकते हैं
मेरा आग्रह बस यही है सतर्क रहें सावधान रहें सुरक्षित रहें....
मेरा देश - मेरा परिवार
पेपर लीक अरबों खरबों का धंधा है। इस धंधे में बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं।
जब तक आप सब लोग सड़कों पे उतर के सरकार को मजबूर नहीं करोगे, ये धंधा बंद नहीं होगा। अगले साल ऐसे ही सारे पेपरों में फिर से गड़बड़ होगी।
अपने बच्चों के भविष्य के लिए, अपने परिवार के भविष्य के लिए, देश के भविष्य के लिए - सब इकट्ठे हो जाओ और माँग करो - बस, अब और नहीं सहेंगे।
पेपर लीक अरबों खरबों का धंधा है। इस धंधे में बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं।
जब तक आप सब लोग सड़कों पे उतर के सरकार को मजबूर नहीं करोगे, ये धंधा बंद नहीं होगा। अगले साल ऐसे ही सारे पेपरों में फिर से गड़बड़ होगी।
अपने बच्चों के भविष्य के लिए, अपने परिवार के भविष्य के लिए, देश के भविष्य के लिए - सब इकट्ठे हो जाओ और माँग करो - बस, अब और नहीं सहेंगे।
Important Update:
The overwhelming response from those who want the resignation of Dharmendra Pradhan to our call to join us at Delhi Airport was beyond our imagination.
It is not feasible for so many people to assemble at the airport as it would cause inconvenience to the public and the security forces. So please do not come to Delhi airport.
Instead, I will be going to the Parliament Street Police station to seek permission directly for our peaceful protest at Jantar Mantar.
We are law abiding citizens and have to act responsibly. So please be mindful that nobody should create any kind of disturbance.
भाई के हिम्मत को सलाम🫡
"आप पेड़ लगाने की बात करते हैं, लेकिन ज़मीन पर हो रही अवैध पेड़ कटाई पर चुप क्यों हैं?
ये वीडियो आपको कोई भी गोदी मीडिया नहीं दिखाएगी। डिलिट होने से पहले जल्दी देखो, RT करलो।