@VImvinit007 लगता है जैसे अजीत भारती ने कोई देशद्रोह कर दिया।
ये सारे विचार और प्रश्न आज कइयों के मन में है।
हर शहर, हर जिला, हर राज्य में ऐसे कई नौजवान और जनता है, जिनके ओठों पर यह प्रश्न आने को है। बस समय और माहौल किसी तरह उन्हें रोक रखा है।
आज रात है, तो कल सुबह होगा ही।
@VImvinit007@ajeetbharti ने जिस मुद्दे पर लोगो का ध्यान खींचा है, वह आज के वक्त का ज्वलंत मुद्दा है।
मुद्दा एकदम क्लियर है, आज के वक्त में केवल कुछ वर्ग (सवर्ण) इतने उपेक्षित क्यों है, क्या बीजेपी को इनकी अनदेखी भरी नहीं पड़ेगी।
बस इतना कहना @ajeetbharti का है, लेकिन कुछ आईटी सेल को
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दिल्ली हाई कोर्ट ने अजीत भारती की एंटीसिपेटरी बैल को खारिज कर दिया है
इससे यह साफ पता चलता है की नीलचट्टे हमारी बहू बेटियों को हम बिस्तर होने की बात कहें वह सही है
और अगर हम पलट कर जवाब देते तो वह गुनाह हो जाता है
कोई यह कैसे सोच सकता है कि वह किसी की मां बहन को गाली देगा और सामने वाला उसकी आरती उतारेगा
याद है ना महाभारत क्यों हुआ था
बीजेपी को गरीब से नहीं, सिर्फ SC, ST, OBC से मतलब है।
आप इनकी योजनाओं को देख कर, अपने वोट की कीमत पहचानिए। लोग कहेंगे बीजेपी नहीं तो और कौ, आप कहिये जो हमारा नहीं, हम उसके नहीं।
जो मूर्ख भाजपा को हिंदूवादी पार्टी बता रहे हैं वह जान लें कि आपकी उत्तर प्रदेश की भाजपा 91.76% आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रही है, आपकी मध्यप्रदेश की भाजपा 73% आरक्षण कर रही है, आपकी ओडिशा की भाजपा 15% SC आरक्षण बढ़ाकर 22% कर रही है? किस मुंह से तुम भाजपा को हिंदूवादी कह रहे हो? अरे अंधभक्तों शर्म कर लीजिए, वोट मांगने सवर्णों के दरवाजे भी मत पहुंच जाना।
@Biharwale_dip04 PM के कार्यों की आलोचना अगर वामपंथी होना कहलाता है, तो वही सही।
कौन मोदी का सपोर्टर नहीं था, पर जब भाजपा का एजेंडा बदल गया, तो सपोर्टर क्यों न बदले अपना सपोर्ट।
अब बे वजह आण्ड खुजा कर कोई देशभक्त बनता फिरे, तो उसकी मर्जी।
@VImvinit007 अबे तेरी प्रॉब्लम क्या है?
@ajeetbharti ने संदर्भ दिया है, आह्वाहन किया, उसे भी पढ़ने को कहा है।
“जाति और गोत्र पर उनका लिखा पढ़ लीजिएगा। राष्ट्रवाद पर भी। और हाँ, ‘उतरा कहाँ स्वराज? बोल दिल्ली तू क्या कहती है’ भी अच्छी है।
दिनकर की और भी कविताएं है, उसे अजीत ने मेंशन किया बस।
@cute_parul_ लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया था। उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उनका नाम FIR या चार्जशीट में आरोपी के रूप में नहीं था। �
The Indian Express
स्पष्ट निष्कर्ष: काशीनाथ चौधरी का नाम जांच/घटना के संदर्भ में आया था, लेकिन पालघर साधु हत्या मामले में वे आरोपी नहीं थे।
@cute_parul_ काशीनाथ चौधरी का नाम इस मामले में आया था, लेकिन एक महत्वपूर्ण फर्क है:
वे पालघर के स्थानीय NCP नेता/पंचायत समिति सदस्य थे और घटना की रात पुलिस के साथ घटनास्थल पर गए थे। CID के बयान में उनका उल्लेख है। �
सूर्य नारायण डूला, नाम में ही जातिवाद!
विदेश जा सकते थे, लेकिन IIT में बच्चों को Energy Science पढ़ाने भारत आ गए, अब अंबेडकरवादियों के resignation calls, भीड़तंत्र के दबाव में suspension और अंततः teaching से हटने का अंतरद्वंद्व झेलिए।
@NaveenSart45653@mbaskjha When you have no argument left, you start showing off your English. Can you provide any proof for what you are claiming,
Making an accusation and then running away is not bravery.