एक लोक गायिका @nehafolksinger से इतनी नफरत की ABP न्यूज़ ने बिना चेक किये बिना पता लगाए नेहा सिंह राठौर को सेक्स रैकेट से जोड़ दिया...बड़े बड़े पत्र��ार ज्ञान बांच रहे हैं कि सबको पत्रकारिता नहीं करनी चाहिए हर कोई माइक आईडी लेकर नहीं घूम सकता..भाई साहब अगर मेन स्ट्रीम की इतनी नीच पत्रकारिता है तो उससे अच्छा है की बच्चे ही पत्रकारिता संभालें..अगर पत्रकार और इन्फेलुसर के बीच लकीर होनी चाहिए तो दलाल और पत्रकार के बीच भी लकीर होनी चाहिए...है कोई माई का लाल ये लकीर खींचने वाला...
@ABPNews ने फ़र्ज़ी ख़बर चलाकर मुझे प्रॉस्टिट्यूsट कहा, और अब मुझसे मेरा रेट पूछा जा रहा है. क्या एबीपी न्यूज़ का माफ़ीनामा लोगों के दिमाग़ में मेरे ख़िलाफ़ बैठ चुकी अफ़वाहों को ख़त्म कर देगा? क्या माफ़ीनामा लिखने से अपराध ख़त्म हो जाता है? एबीपी न्यूज़ की खबर में मेरा नाम गलती से नहीं आया था. पूरी की पूरी खबर ही मुझे डिफ़ेम करने के लिए गढ़ी गई थी. ये सुपारी जर्नलिज़्म है जिसका उद्देश्य ही व्��क्ति का का मान-मर्दन करना और आईटी सेल को सपोर्टिंग कंटेंट-स्क्रीनशॉट देना होता है. इनकी फ़र्ज़ी ख़बर के स्क्रीनशॉट हमेशा ऑनलाइन मौजूद रहेंगे और इन्हें हमेशा मेरे ख़िलाफ़ यूज़ किया जाएगा. क्या मेरे इस नुक़सान की भरपाई इनके माफ़ीनामे से हो जाएगी? मुझे माफ़ी नहीं न्याय चाहिए.
@NCWIndia
बेशर्मों,
सवाल तथ्यों के आधार पर ग़लत या सही का नहीं है
सवाल इस बात का है कि सस्ती TRP के लिए किसी लड़की को sex racket जैसी चीज़ से लिंक कर देना
कोई फर्क नही�� पड़ता - वो उसका हॉस्टल था या नहीं? उसका नाम क्यों इस्तेमाल किया
इस खेद में तो आप और गलीच साबित हो रहे हैं
पहले किसी लड़की को ‘कॉल गर्ल’ और ‘प्रॉस्टिट्यूट’ बोलो, न्यूज़ च��ाओ; जब विरोध किया जाये तो ‘सॉरी’ बोल दो! तमाशा बना दिये हो?
तुम्हारी इस ‘फेक न्यूज़’ और बड़ी दलाली पाने की कोशिश ने मेरी क्या मानसिक हालत कर दी है इसका अंदाज़ा है तुमको?
कोर्ट में मुलाक़ात होगी. मुझे न्याय चाहिये माफ़ी नहीं.
@ABPNews
जिन लोगों ने ‘अब्दुल’ को टाइट करने के लिए वोट दिया था, अब उनके बच्चे भी ‘अब्दुल’ की तरह ही टाइट किए जा रहे हैं. इस सरकार को ‘अब्दुल’ से नहीं गरीबों से दिक्कत है. इस सरकार के लिए देश का हर गरीब ‘अब्दुल’ ही है.
@narendramodi@AmitShah@yogitabhayana
आज भाजपा महिलाओं से दिल्ली में कांग्रेस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करा रही थी ।
कई बसों में भर कर ग़रीब घरों की महिलाओं को संभवतः पैसे दे कर लाया गया ।
लेकिन मज़ेदार बात ये है कि प्रदर्शन में पहुँच कर महिलाएँ मोदी का इस्तीफ़ा मांगने लगी ! 😂