अगर आपके पास Gmail अकाउंट है तो ये पढ़ लें।
Google की AI अब आपके ईमेल, अटैचमेंट, बैंक स्टेटमेंट, टैक्स फाइल और मेडिकल लेटर सब स्कैन कर रही है। ये डिफॉल्ट में चालू है।
इसे बंद करने के 5 तरीके:
1Gmail (डेस्कटॉप) → Settings → See all settings → Smart features and personalization बंद करें।
2उसी पेज पर Google Workspace smart features भी बंद करें। दोनों सेटिंग्स बंद करनी जरूरी हैं।
3फोन पर Gmail ऐप → Settings → Smart features and personalization बंद करें।
4Gemini हिस्ट्री डिलीट करें: Gemini Apps Activity बंद करके All Time डिलीट करें।
5संवेदनशील ईमेल के लिए अलग सर्विस इस्तेमाल करें। Tuta Mail एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है और ईमेल स्कैन नहीं करता।
@YarMoha079 क्योंकि इस movie को स्क्रीन बहुत कम दी गई थी लेकिन फिर गुरु देव की कृपा से और viewers की mouth publicity से movie को फायदा पहुचा। अच्छी movie को आप कितना भी रोकना चाहो ओ रूकती नहीं, दर्शकों की नज़र में आ ही जाती है।
मुझे लगता है, हरेक #उपभोक्ता को यह बात समझ आनी चाहिए..
,#इसे कहते हैं "आपदा में अवसर" मिलना, पर इस बार पासा उल्टा पड़ गया और गैस माफियाओं का बरसों पुराना काला खेल बेनकाब हो गया...!
भारत में वर्तमान में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार ने भविष्य की सुरक्षा और आपूर्ति को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए सावधानीवश गैस रिफिल बुकिंग हेतु 25 दिनों की समय सीमा निर्धारित कर दी है। सरकार का उद्देश्य प्रबंधन सुधारना था, किंतु इस नियम के लागू होते ही देश भर की गैस एजेंसियों पर मची अफरातफरी ने एक बहुत बड़े घोटाले की कलई खोलकर रख दी है।
सच्चाई यह है कि गैस एजेंसी मालिकों ने एक व्यवस्थित सिंडिकेट बना रखा था। ये लोग आम घरेलू उपभोक्ताओं के नाम पर, उनकी जानकारी के बिना ही स्वयं घरेलू गैस रिफिल बुक कर लेते थे और उन सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर होटल, रेस्टोरेंट और औद्योगिक इकाइयों जैसे व्यावसायिक संस्थानों पर 'ब्लैक' में बेच रहे थे। जब तक बुकिंग की कोई समय सीमा नहीं थी, उपभोक्ता को पता ही नहीं चलता था कि उसके हिस्से की गैस कहीं और बेची जा चुकी है। किंतु अब जैसे ही 25 दिन की शर्त लागू हुई, और जब वास्तविक उपभोक्ता ने अपना सिलेंडर बुक करने का प्रयास किया, तो सिस्टम ने "Already Booked" दिखाकर बुकिंग रिजेक्ट कर दी। उपभोक्ता हैरान और परेशान कि उसने तो काफी समय यानि विगत एक महीने से सिलेंडर लिया ही नहीं तो फिर यह बुकिंग रिजेक्ट कैसे हो गई...?
उपभोक्ता पैनिक में आकर गैस एजेंसियों के बाहर बुकिंग अथवा सिलेंडर के लिए लाईन लगाकर खड़े हो गए...!
ऐसी स्थिति में एजेंसी मालिक मुंह छिपाकर भागने लगे या वहां हंगामा खड़ा होने लगा...!
क्यों...?
क्योंकि गैस कंपनियों के सिस्टम/सर्वर पर उपस्थित डाटा के अनुसार उपभोक्ता के सिलेंडर को तो गैस एजेंसी मालिकों ने बेच कर खा लिया था।
यह स्पष्ट है कि भारत में गैस की कोई किल्लत नहीं है, बल्कि यह कृत्रिम संकट इन बिचौलियों यानि गैस एजेंसी मालिकों की काली करतूतों का परिणाम है। सरकार के इस एक निर्णय ने घरेलू गैस की अवैध बिक्री के इस बड़े रैकेट को सार्वजनिक कर दिया है।
यदि आप भी इस समस्या से त्रस्त हैं या आपके नाम पर भी घरेलू गैस सिलेंडर की अवैध बुकिंग करके गायब कर दी गई है, तो चुप न बैठें और तुरंत संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत दर्ज करने हेतु महत्वपूर्ण नंबर:
* MOPNG हेल्पलाइन (LPG): 1906 (24/7 आपातकालीन और शिकायत सेवा)
* भारत गैस (Bharat Gas): 1800-22-4344
* इंडेन (Indane): 1800-233-3555
* एचपी गैस (HP Gas): 1800-233-3555
* राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन: 1800-11-4000 या 1915
जागरूक बनें और इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी आवाज उठाएं।
जय हिंद जय भारत!
@myogiadityanath
#ModiGovernment
#साभार
March -ईरान पर हमला
अप्रैल - महंगाई रूपी दानव का विकराल रूप
मई,June- फ्री अनाज बंद
July - अशांति चरम पर
august- भारत में गृहयुद्ध ( दलित/ सवर्ण)
अक्टूबर - pok पर हमला और महाविनाश शुरू
स्क्रीन शॉट रख लीजिएगा condition है ईरान पर हमला
जय हिन्द
अगर किसी का मोबाइल खोया है तो वो भारत सरकार की सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर की (https://t.co/1xEzKlu2Ry) वेबसाइट पर जाकर डिटेल्स दर्ज कराए। देशभर में अगर कहीं वो मोबाइल चल रहा है तो पुलिस पर अलर्ट पहुंचेगा। मेरठ रेंज में इस तकनीक से इस साल ऐसे 5 हजार मोबाइल मिले हैं।
मेरठ, यूपी रेंज के DIG कलानिधि नैथानी CEIR की पूरी जानकारी बता रहे हैं...
Biharis taught CONg a lesson for Shrinate’s filthy comments
“People of Bihar are sweaty, wear dirty clothes, RaGa hugs, kisses them on the head,without worrying about getting an infection, doesn’t wash hands after handshake, feeds anyone from his plate”
धन्य है न्यूज एंकर @RubikaLiyaquat, जिन्होंने इतिहास की काली सच्चाई बताई, नही तो आज तक इस बात पर मिट्टी डाल कर दबा दी गई थी ।
बिना कुछ किए सांसद भी जज बन जाता है, कमाल है!
पूरी जिंदगी निकल जाती है सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट का जज बनने में।
लेकिन लंबी ना क वाली प्रियंका की दादी इंदिरा गांधी ने एक सांसद को सीधा जज बना दिया। हद है।
यहां तो मौसम बेमौसम हाई कोर्ट के जज पीएम मोदी जी के कान खींचने बैठे है स्वयं संज्ञान लेकर अ!तंकवादियों के लिए रात बे रात कोर्ट खुलवा देते है।
हिंदू हितों पर चुप रहने वाले जजों की आंख कान मुस्लिM पर आंच आते ही खुल जाती है।
पाखंडी ज्यूडिशियरी!
"बैंकों के NPA को कम करने में तब के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बहुत मदद की"
◆ RBI के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने बीजेपी सरकार के फ़ैसलों की तारीफ करते हुए कहा
#RaghuramRajan | Former RBI Governor | Raghuram Rajan