“हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा”
It has been long 23 years now but you will live forever in mine & thousands nd thousands hearts...❣️
🌸🌸🌸
पुण्यतिथि पर
शत-शत नमन
प्रणाम पापा जी
🙌👏🙏
#kkrathi Ji
@RahulGandhi@priyankagandhi@digvijaya_28@JVSinghINC
अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद मोदी सरकार का मौन शर्मनाक है। अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की जगह धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है।
अमेरिका को सख्ती से यह बताने की जरूरत है कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। लेकिन हमारे Compromised प्रधानमंत्री न देशवासियों की सुरक्षा कर पा रहे हैं, न ही देश की संप्रभुता की।
Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है।
विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है - और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।
इस भारतीय को घर लाइए। अभी।
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
“The Congress Party’s role as many of you have stated, is to unite all of you together with love and affection.”
My speech to the INDIA Alliance leadership on 8th June.
https://t.co/Ct3STc5BM8
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
After Vote Chori and Sarkar Chori - the BJP-EC jugalbandi has finished the contest before it has even begun with Seat Chori.
Look at what happened in the recent Rajya Sabha elections.
Congress candidate Meenakshi Natarajan ji submitted every document. No pending cases. The EC cancelled her nomination on a frivolous BJP objection.
Parimal Nathwani ji, the BJP-backed independent, got his own name wrong on the form and skipped multiple mandatory disclosures. The EC gave him an extension to fix everything.
Same Election Commission. Two candidates. One was disqualified without even a hearing. The other was rewarded despite not following the rules.
When the Congress sought a meeting, the EC first tried to evade us. When we finally met, they did not say one word.
Expect to see much more of this - because for the BJP, it is far easier to fix the election than to win it.
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उसपर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम ₹89 बढ़ा दिया गया - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ।
प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी ₹323 महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या?
अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्ज़माफ़ी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है।
मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?
देहरादून की सड़कों पर आज छात्रों का आक्रोश साफ़ दिखाई दिया।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में NEET पेपर लीक और CBSE के OSM Evaluation System से लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ के खिलाफ हजारों छात्र-छात्राओं और NSUI कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड सचिवालय का घेराव किया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को बैन करने की मांग को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
भाजपा की धामी सरकार ने छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए वाटर कैनन का सहारा लिया, लेकिन NSUI के कार्यकर्ता न डरने वाले हैं, न झुकने वाले हैं।
हम न रुकेंगे, न झुकेंगे।
जब तक NEET और CBSE के छात्रों को न्याय नहीं मिलता, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और NTA जैसी भ्रष्ट संस्था को बैन नहीं किया जाता, तब तक देशभर की सड़कों पर NSUI का संघर्ष जारी रहेगा।
📍 देहरादून, उत्तराखंड
#BanNTA #SackDharmendraPradhan #StudentsDemandJustice #NSUI
सार्थक 18 साल का है - पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं।
उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया हाउस, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए - CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।
मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा reels बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आँखें न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे। और जवाब भी ढूँढ निकाले।
देश का 18 साल का बच्चा CBI से तेज़ निकला - नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है।
यही है भारत की असली युवा शक्ति - जिज्ञासु, जागरूक, जानकार। और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।
PM @narendramodi जी,
INS Baaz, UPA सरकार में स्थापित किया गया नौसैनिक अड्डा, पिछले पाँच साल से विस्तार की माँग कर रहा है। मगर, सरकार ने नौसेना की बात अनसुनी कर दी।
अगर आप Great Nicobar project को देश की सुरक्षा से जोड़ते हैं तो आज ही INS Baaz का विस्तार कीजिए। मैं पूरी तरह समर्थन में हूं और पूरा विपक्ष आपके साथ है।
INS Baaz तट पर है - इसके लिए न 1.5 करोड़ पेड़ काटने की ज़रूरत है, न जनजातियों को विस्थापित करने की।
पर सच्चाई यह है - यह project देश की सुरक्षा के लिए नहीं है। यह project है हमारे देश की सबसे अनमोल ज़मीन को एक व्यापारी के हाथों सौंपने के लिए। और हमेशा की तरह इसके लिए भी सेना के नाम का सहारा लिया जा रहा है।
@narendramodi जी - देश की रक्षा सेना करती है। होटल और casino नहीं।
https://t.co/Cihlf8gfXh
संसदीय कार्य मंत्री हो या सेंधमारी मंत्री !!
“यह पब्लिक है , सब जानती है”
आदरणीय @KailashOnline जी भाई साहब,
आज आपका मीडिया में @INCIndia की मध्यप्रदेश से घोषित हुई राज्यसभा उम्मीदवार @MNatarajanINC जी की उम्मीदवारी पर बयान देखा और सुना…
जेन ज़ी के दौर में दादा कोंडके के जमाने की राजनीतिक शगूफ़ेबाज़ी आपको शोभा नहीं देती। आपके राजनीतिक आदर्श “सरदार पटेल” ने आज़ादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोने का अभूतपूर्व कार्य किया व आप सबको साध कर चलने की रणनीति पर अमल करने वाले अपने आदर्श महापुरुष के सिद्धांतों के ठीक उलट अलोकतांत्रिक, तोड़फोड़ और सेंधमारी के ख़याली पुलाव पका रहे है।
कहीं यह पिछले २२ साल से चली आ रही आपकी राजनीतिक मात का फ्रस्ट्रेशन (कुंठा) तो नहीं! क्यों की जहाँ तक मुझे याद है, आपकी अपनी पार्टी भाजपा के चार मुख्यमंत्री @umasribharti जी, बाबूलाल ग़ौर जी, @ChouhanShivraj जी और अब आपके साथ सेल्फी लेने के लिए आतुर रहे @DrMohanYadav51 जी के साथ कड़वाहट की चर्चा आमजनों में है। प्रदेश के मुख्यमंत्रीयों के साथ अन-बन की छटपटाहट में कद्दावर कैबिनेट मंत्री होकर भी लाचार और बेबस नज़र आते हैं।
आप जब भी प्रदेश में सत्ता हो या संगठन या फिर लोकसभा हो या राज्यसभा प्रादेशिक मीडिया में आपका नाम प्रायोजित तरीक़े से हवा में तेरता रहता है। ग़नीमत है, कि मेयर चुनाव में आपका नाम की दावेदारी दुबारा सुनायी नहीं दी, बाकी तो भाजपा के सत्ता और संगठन में किसी भी शीर्ष पद के लिए रिक्त भर्ती पर आपके नाम का रुमाल मानो पड़ा ही रहता है। पर दुर्भाग्य से २० साल में दिल्ली की पर्ची की हवा में आपका रुमाल हर बार उड़ जाता है। जैसे कल ही राज्यसभा उम्मीदवार के मसले में हुआ। पिछले २० सालों में दादा कोंडके से लेकर जेन ज़ी तक की पीड़ी के समझ में आ गया है, कि आपकी पिचकारी में पानी होता नहीं है और आप चल लेते है होली खेलने। ऐसा कब तक कैलाश जी… अब थोड़ा सा याद दिलाओं, आपको तो याद ही होगा पर आपके सभी शुभचिंतकों के लिए उल्लेख जरूरी है।
उमा भारती जी के सबसे भरोसेमंद मंत्रियों में आपका नाम शुमार था और आपके तत्कालीन पीडब्ल्यूडी विभाग में आपके संज्ञान के बगैर ही सीएम हाउस से विभागीय स्थानातंरण की सूची जारी हो गई। वही से आपकी उमा जी से तौबा। फिर आये १५ महीने के लिए बाबूलाल जी, गौर साहब उन्होंने आपके तमाम सुकृत्यों पर जाँच बैठा दी। गौर साहब से भी मन ना मिला।
फिर आये शिवराज जी पौराणिक गाथाओं के मुताबिक भगवान शिव तो सदेव ही कैलाश पर विराजित हुए हैं और आप चले उल्टी गंगा बहाने। आप मध्य प्रदेश के राजनीतिक अखाड़े में शिव-राज को हटाने की जद्दोजहद में थक हारकर दिल्ली की और रवाना हो गए। इसके बाद अब पिछले ढाई साल से डॉ.मोहन यादव जी के राज में अब आपके अपने शहर इंदौर में ही आपका राजनीतिक कद वर्ष २००३ की स्थिति से भी कमतर हो गया है।
आपकी अपने चार-चार मुख्यमंत्रियों से तो पटरी कभी बैठी नहीं, मुख्यमंत्री बनने की हसरत है, पर वह कभी पूरी होती दिखायी नहीं देती! @nstomar जी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद @MPRakeshSingh जी, @vdsharmabjp जी और अब @Hkhandelwal1964 जी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बन गए लेकिन हर बार की तरह इस दौड़ में भी आप फिसड्डी ही साबित हुए। कभी खंडवा, कभी इंदौर तो कभी मंदसौर से आपके लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा चल पड़ती है, तो कभी राज्यसभा की बात आए तो विजयवर्गीय जी भाई साहब जा रहे दिल्ली, भाजपा उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद दूसरे दिन सुबह उठकर देखों तो भाई साहब की गाड़ी खड़ी मिली नंदा नगर ९ नंबर गली वही पुरानी गल्ली भाई साहब नहीं गए दिल्ली।
अब कैलाश जी भाई साहब १० साल दिल्ली में गुजारने के बाद भी आपको नहीं सुहाई लुटियंस दिल्ली की गल्ली गाड़ी खड़ी है वही नंदा नगर ९ नंबर गली। तो भाई साहब जे आप बताओ कल घोषित रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ की आधिकारिक घोषणा के पहले मीडिया और चर्चाओं में आपका नाम था की नहीं था। २० साल से चली आ रही परंपरा जारी है, इस बार भी दिल्ली से आयी पर्ची की हवा में आपके नाम का रुमाल उड़ गया और आप जे कह रहे की पार्टी कहेगी तो हम तीसरे सीट पर भी उम्मीदवार जितायेंगे। आप संसदीय कार्य मंत्री हो या सेंधमारी मंत्री हो!
भाई साहब माफ़ करना अपने वाले हो इसीलिए बोल रहा हूँ। अतिउत्साह में अपने आदर्श की राजनैतिक साख और लुटिया पूरी तरह मत डुबो देना। हर बार की तरह रिक्त सीट पर रखा हुआ “कैलाश विजयवर्गीय” नाम का रुमाल उड़ता ही रहेगा, आप तो जानते ही हो जेन ज़ी का दौर है पर आप मानते ही नहीं हो और आपको तो सब मालूम ही है कि में सब जानता हूँ और पब्लिक भी…
आपका अपना,
सुवेग राठी
@RahulGandhi@INCMP@drmohanoffice51@CMMadhyaPradesh@BJP4India@BJP4MP
संसदीय कार्य मंत्री हो या सेंधमारी मंत्री !!
“यह पब्लिक है , सब जानती है”
आदरणीय @KailashOnline जी भाई साहब,
आज आपका मीडिया में @INCIndia की मध्यप्रदेश से घोषित हुई राज्यसभा उम्मीदवार @MNatarajanINC जी की उम्मीदवारी पर बयान देखा और सुना…
जेन ज़ी के दौर में दादा कोंडके के जमाने की राजनीतिक शगूफ़ेबाज़ी आपको शोभा नहीं देती। आपके राजनीतिक आदर्श “सरदार पटेल” ने आज़ादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोने का अभूतपूर्व कार्य किया व आप सबको साध कर चलने की रणनीति पर अमल करने वाले अपने आदर्श महापुरुष के सिद्धांतों के ठीक उलट अलोकतांत्रिक, तोड़फोड़ और सेंधमारी के ख़याली पुलाव पका रहे है।
कहीं यह पिछले २२ साल से चली आ रही आपकी राजनीतिक मात का फ्रस्ट्रेशन (कुंठा) तो नहीं! क्यों की जहाँ तक मुझे याद है, आपकी अपनी पार्टी भाजपा के चार मुख्यमंत्री @umasribharti जी, बाबूलाल ग़ौर जी, @ChouhanShivraj जी और अब आपके साथ सेल्फी लेने के लिए आतुर रहे @DrMohanYadav51 जी के साथ कड़वाहट की चर्चा आमजनों में है। प्रदेश के मुख्यमंत्रीयों के साथ अन-बन की छटपटाहट में कद्दावर कैबिनेट मंत्री होकर भी लाचार और बेबस नज़र आते हैं।
आप जब भी प्रदेश में सत्ता हो या संगठन या फिर लोकसभा हो या राज्यसभा प्रादेशिक मीडिया में आपका नाम प्रायोजित तरीक़े से हवा में तेरता रहता है। ग़नीमत है, कि मेयर चुनाव में आपका नाम की दावेदारी दुबारा सुनायी नहीं दी, बाकी तो भाजपा के सत्ता और संगठन में किसी भी शीर्ष पद के लिए रिक्त भर्ती पर आपके नाम का रुमाल मानो पड़ा ही रहता है। पर दुर्भाग्य से २० साल में दिल्ली की पर्ची की हवा में आपका रुमाल हर बार उड़ जाता है। जैसे कल ही राज्यसभा उम्मीदवार के मसले में हुआ। पिछले २० सालों में दादा कोंडके से लेकर जेन ज़ी तक की पीड़ी के समझ में आ गया है, कि आपकी पिचकारी में पानी होता नहीं है और आप चल लेते है होली खेलने। ऐसा कब तक कैलाश जी… अब थोड़ा सा याद दिलाओं, आपको तो याद ही होगा पर आपके सभी शुभचिंतकों के लिए उल्लेख जरूरी है।
उमा भारती जी के सबसे भरोसेमंद मंत्रियों में आपका नाम शुमार था और आपके तत्कालीन पीडब्ल्यूडी विभाग में आपके संज्ञान के बगैर ही सीएम हाउस से विभागीय स्थानातंरण की सूची जारी हो गई। वही से आपकी उमा जी से तौबा। फिर आये १५ महीने के लिए बाबूलाल जी, गौर साहब उन्होंने आपके तमाम सुकृत्यों पर जाँच बैठा दी। गौर साहब से भी मन ना मिला।
फिर आये शिवराज जी पौराणिक गाथाओं के मुताबिक भगवान शिव तो सदेव ही कैलाश पर विराजित हुए हैं और आप चले उल्टी गंगा बहाने। आप मध्य प्रदेश के राजनीतिक अखाड़े में शिव-राज को हटाने की जद्दोजहद में थक हारकर दिल्ली की और रवाना हो गए। इसके बाद अब पिछले ढाई साल से डॉ.मोहन यादव जी के राज में अब आपके अपने शहर इंदौर में ही आपका राजनीतिक कद वर्ष २००३ की स्थिति से भी कमतर हो गया है।
आपकी अपने चार-चार मुख्यमंत्रियों से तो पटरी कभी बैठी नहीं, मुख्यमंत्री बनने की हसरत है, पर वह कभी पूरी होती दिखायी नहीं देती! @nstomar जी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद @MPRakeshSingh जी, @vdsharmabjp जी और अब @Hkhandelwal1964 जी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बन गए लेकिन हर बार की तरह इस दौड़ में भी आप फिसड्डी ही साबित हुए। कभी खंडवा, कभी इंदौर तो कभी मंदसौर से आपके लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा चल पड़ती है, तो कभी राज्यसभा की बात आए तो विजयवर्गीय जी भाई साहब जा रहे दिल्ली, भाजपा उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद दूसरे दिन सुबह उठकर देखों तो भाई साहब की गाड़ी खड़ी मिली नंदा नगर ९ नंबर गली वही पुरानी गल्ली भाई साहब नहीं गए दिल्ली।
अब कैलाश जी भाई साहब १० साल दिल्ली में गुजारने के बाद भी आपको नहीं सुहाई लुटियंस दिल्ली की गल्ली गाड़ी खड़ी है वही नंदा नगर ९ नंबर गली। तो भाई साहब जे आप बताओ कल घोषित रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ की आधिकारिक घोषणा के पहले मीडिया और चर्चाओं में आपका नाम था की नहीं था। २० साल से चली आ रही परंपरा जारी है, इस बार भी दिल्ली से आयी पर्ची की हवा में आपके नाम का रुमाल उड़ गया और आप जे कह रहे की पार्टी कहेगी तो हम तीसरे सीट पर भी उम्मीदवार जितायेंगे। आप संसदीय कार्य मंत्री हो या सेंधमारी मंत्री हो!
भाई साहब माफ़ करना अपने वाले हो इसीलिए बोल रहा हूँ। अतिउत्साह में अपने आदर्श की राजनैतिक साख और लुटिया पूरी तरह मत डुबो देना। हर बार की तरह रिक्त सीट पर रखा हुआ “कैलाश विजयवर्गीय” नाम का रुमाल उड़ता ही रहेगा, आप तो जानते ही हो जेन ज़ी का दौर है पर आप मानते ही नहीं हो और आपको तो सब मालूम ही है कि में सब जानता हूँ और पब्लिक भी…
आपका अपना,
सुवेग राठी
@RahulGandhi@INCMP@drmohanoffice51@CMMadhyaPradesh@BJP4India@BJP4MP
Two of India's leading experts on the Andaman & Nicobar Islands, Dr. Manish Chandi and Dr. Vardhan Patankar sat down with me to explain what is truly at stake in Great Nicobar.
From the leatherback turtles that cross entire oceans to nest at Galathea Bay, to birds, fish and wildlife found nowhere else on Earth, to the stunning coral reels that could be wiped out completely - these islands are an ecological treasure unlike anything India has.
We also spoke about something deeply troubling: how the Forest Rights Act was bypassed, and how the Nicobarese and Shompen tribal communities were manipulated into signing away land that is rightfully theirs.
This is a podcast every Indian should hear. The more people understand what is being destroyed - and how quietly it is being done - the harder it becomes for this government to get away with it.
Tune in:
YouTube: https://t.co/SWZ4mQ5kQv
Spotify: https://t.co/zszbScrAOG
#GreenOverGreed
मैं अंडमान और निकोबार के विनाश के खिलाफ़ पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूँ।
अंडमान और निकोबार भारत की सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
मेरे साथ जुड़िए - याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और इस अमूल्य संपत्ति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।
#GreenOverGreed
This #WorldEnvironmentDay, I want to ask every young Indian one question:
What kind of India do you want to inherit?
One where rainforests have been bulldozed for casinos, coral reefs erased from maps, tribal communities pushed off their land, and the air we breathe turned into poison?
Or one where India’s natural heritage is protected, our tribal communities are safe, and progress works with nature - not against it.
Right now, the Modi government is destroying Great Nicobar Island. More than 1.5 crore trees, ancient coral reefs, irreplaceable rainforests are being destroyed - to profit one businessman.
This is your inheritance they are bulldozing. And only you can stop them.
Sign the petition. Tell the Modi government we choose #GreenOverGreed 🇮🇳
#NicobarMatters
https://t.co/bJOIt0tzgs
अंडमान और निकोबार हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इसके विनाश के खिलाफ हम सभी दृढ़ता से खड़े हैं। प्रकृति के विनाश की कीमत हमारी पीढ़ियां चुकाएंगी। इसलिए हम सबका फर्ज है कि हम अपनी उन प्राकृतिक धरोहरों को बचाकर रखें जो हमें सांसें मुहैया कराती हैं।
मैं अंडमान और निकोबार में प्रकृति व पर्यावरण के विनाश के पूरी तरह खिलाफ हूं। आप भी इस याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और अपनी प्रकृति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
Sign the petition - https://t.co/pq8EJBaNNR
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by violating the Forest Rights Act. Settlers, many of them former soldiers, placed on these islands by the Indian government, who aren’t getting fair compensation.
The Modi government and BJP tells you Great Nicobar Project is about defence. It is not.
Expand INS Baaz - we will back the government fully. The Navy has been asking for expansion for five years - it has been ignored.
They tell you it is about a transhipment port. It is not. India is already building one in Kerala, which is on the mainland.
What it actually is: 1.5 crore trees felled. Coral reefs erased from official maps. Soldiers and tribals displaced - so one businessman can build hotels and casinos on India’s most irreplaceable ecological land.
Every young Indian I have spoken to understands this. You know that no amount of profit is worth destroying what can never be recovered.
I stand for ecologically balanced development. These islands can be the most extraordinary sustainable destination the world has ever seen. That is the India worth fighting for.
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
उत्तराखंड के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,
आज मैं आप सबसे मिलना चाहता था, आपके बीच बैठकर आपकी बातें सुनना चाहता था, आपके सुख-दुख, आपकी आशाओं और आपकी चिंताओं को समझना चाहता था। दुर्भाग्य से, मौसम की गंभीर खराबी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।
आज सुबह मैं पंतनगर पहुँच गया था। वहाँ से हमें हेलिकॉप्टर द्वारा अल्मोड़ा में जनसभा के लिए जाना था, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए पायलट ने उड़ान भरने से साफ़ इनकार कर दिया।
मुझे आपसे बहुत सी बातें करनी थीं - उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर, प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर, राज्य और आपके भविष्य पर, और उन चुनौतियों पर जिनका सामना आज उत्तराखंड कर रहा है। पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों के साथ भी एक महत्वपूर्ण मुलाकात और बैठक निर्धारित थी। साथ ही कोटद्वार में दीपक के जिम जाने का भी कार्यक्रम था।
प्रकृति के आगे हम सभी विनम्र हैं और सहयात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कई बार परिस्थितियाँ हमारी इच्छा के अनुरूप नहीं होतीं, लेकिन इससे मिलने की इच्छा और आपसे जुड़ाव कम नहीं होता।
मैं आपसे वादा करता हूँ कि बहुत जल्द फिर उत्तराखंड आऊँगा। तब हम जल्दबाज़ी में नहीं, बल्कि पूरा समय निकालकर मिलेंगे, बात करेंगे, आपके विचार सुनेंगे और मिलकर प्रदेश के बेहतर भविष्य की दिशा में चर्चा करेंगे।
जल्द ही मुलाकात होगी।