टोंटी चोर और चारा चोर की हरकतें देख कर
क्या आपने सोचा था कभी मुझ जैसे सनातनी यादव से मुलाकात होगी !!! जो इनका हर स्तर पर विरोध करके सनातनी होने पर अड़ा रहेगा
देखो मित्रों केवल सच बताना
कानून हमारे देश में सबके लिए एक जैसा नहीं है जस्टिस होते हैं, चीफ जस्टिस यह अपने आप को खास और हम सबको आम मानते हैं एक है सरकारी बंगला छोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं सहानुभूति की दुहाई दे रहे हैं क्या चीफ जस्टिस बनने से पहले उनकी बेटियों का इलाज नहीं हो रहा था आगे कमेंट बॉक्स में @ArunKosli
#सिराज_बेग़_साहिब??
वो तारीख़ थी 13 मई 2016...
अपनी मोटरसाइकिल से अपने पटना कार्यालय से घर के लिए निकले थे हिंदुस्तान अख़बार के पत्रकार राजदेव राजन...
राजदेव राजन कार्यालय से दो किलोमीटर दूर बबुनिया मोड़ चौक पर पहुँचे... वहाँ भीड़ भाड़ थी तो रफ़्तार बेहद धीमी थी
तभी दो मोटर साइकिल पर सवार पांच लोगों ने उनका रास्ता रोका....
उन्हें बाइक से उतार खड़ा किया और फिर ठीक माथे के बीच उस जगह पिस्तौल रख गोली मारी जहाँ वे हमेशा तिलक लगाए रहते थे...
आगे कमेंट देखें....
जावेद हज्जाम का निकाह हो गया.... बढ़िया कमाई थी, जिंदगी अच्छी चल रही थी....
बस एक ही दिक्कत थी....
दो साल बाद भी आंगन बच्चे कि किलकारियों से महरूम था....
हकीम को दिखाया तो पता चला कि जावेद बाप नहीं बन सकता.... जावेद ने अपनी मुश्किल जिगरी यार #कल्लन_पिंचर_वाला को बताई.....
" कोई बात नहीं... मेरा दोस्त है एक बाहर गांव काम करता है.... उस से बात करता हूं...."
दूसरे दिन जावेद ने बताया कि उसका दोस्त राज़ी है... बस अपनी #शरीक_ए_हयात को भेजना पड़ेगा....
'मरता, क्या ना करता ' की तर्ज़ पर जावेद अपनी शरीक_ए_हयात को जावेद के दोस्त #लड्डन_कबाड़ी के पास छोड़ आया... गांव में बता दिया कि बेगम मायके गई हुई है.... लड्डन की लगन और मेहनत से एक महीने में ही बेगम हामला हो गई...
नौ महीने बाद जावेद की बगिया में दो फूल महकने लगे..... और पूरा परिवार ख़ुशी से झूम उठता है....
इसके बाद जावेद पूरे समय उन बच्चों को अपनी मर्दानगी के सुबूत के तौर पर कंधे पे बिठाए पूरे गाँव में सीना चौड़ा किए घूमता है....
जावेद उसे हर बार जब लौंडे कंधे पे बिठाए गाँव घूमते देखता है तो पंचायत वाले प्रधान जी की तरह अपने दोनों हाथ घुटने की तरफ़ स्ट्रेच करके बोलता है 'हाईंईंईं ससुर....'
🤣🤣🤣
अखिलेश यादव को अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद को हर जगह कंधे पे रखके घुमाते देख के अचानक जावेद के परिवार की बेहद निजी कहानी याद आ गई.... अपेक्षा करूँगा कि आप सब जावेद कि इज्जत का ख़्याल रखेंगे और ये कहानी किसी और को नहीं बतायेंगे....
@sv_blogs की कलम से 🤣🤪
अखिलेश यादव को अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद को हर जगह कंधे पे रखके घुमाते देख के अचानक जावेद के परिवार की बेहद निजी कहानी याद आ गई.... अपेक्षा करूँगा कि आप सब जावेद कि इज्जत का ख़्याल रखेंगे और ये कहानी किसी और को नहीं बतायेंगे....
जावेद हज्जाम का निकाह हो गया.... बढ़िया कमाई थी, जिंदगी अच्छी चल रही थी....
बस एक ही दिक्कत थी....
दो साल बाद भी आंगन बच्चे कि किलकारियों से महरूम था....
हकीम को दिखाया तो पता चला कि जावेद बाप नहीं बन सकता.... जावेद ने अपनी मुश्किल जिगरी यार #कल्लन_पिंचर_वाला को बताई.....
जावेद उसे हर बार जब लौंडे कंधे पे बिठाए गाँव घूमते देखता है तो पंचायत वाले प्रधान जी की तरह अपने दोनों हाथ घुटने की तरफ़ स्ट्रेच करके बोलता है 'हाईंईंईं ससुर....'
🤣🤣🤣
और पूरा परिवार ख़ुशी से झूम उठता है....
इसके बाद जावेद पूरे समय उन बच्चों को अपनी मर्दानगी के सुबूत के तौर पर कंधे पे बिठाए पूरे गाँव में सीना चौड़ा किए घूमता है....
'मरता, क्या ना करता ' की तर्ज़ पर जावेद अपनी शरीक_ए_हयात को जावेद के दोस्त #लड्डन_कबाड़ी के पास छोड़ आया... गांव में बता दिया कि बेगम मायके गई हुई है.... लड्डन की लगन और मेहनत से एक महीने में ही बेगम हामला हो गई...
नौ महीने बाद जावेद की बगिया में दो फूल महकने लगे.....
" कोई बात नहीं... मेरा दोस्त है एक बाहर गांव काम करता है.... उस से बात करता हूं...."
दूसरे दिन जावेद ने बताया कि उसका दोस्त राज़ी है... बस अपनी #शरीक_ए_हयात को भेजना पड़ेगा....
आज समाजवादी पार्टी और सभी यदमुल्लो को खबर पहुंचा दो ,
माननीय पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी के जन्मदिन पर हम सीजफायर रखेंगे। कोई लड़ाई झगड़ा नहीं ।। केवल शुभकामनाएं
#HappyBirthdayAkhilesh
तभी धीमे से फ़ौजिया बी की आवाज गूंजी....
"अबे बोतली के!!!! या तो दोनों मेरी उठा.... या लुबना की.... एक एक टांग क्यूँ ऊपर किये है चुटिये....
🤣🤣🤣
सवाल ये है कि पहले किस पर गुस्ल फ़र्ज़ हुआ....???#फौजिया_बी पर या लुबना पर...🤔🤔🤔
@ArunKosli भाई जी!!! भौत कन्फ्यूजन है....
#लुबना_कुरैशी का शौहर अरब में नौकरी करने गया....
घर पर बस लुबना और उसकी खाला प्लस सास फ़ौजिया बी रहते थे.... ससुर का इंतकाल काफी अरसा पहले हो गया था...
ऐसे में शौहर से दूरी की वजह लुबना के नाज़ायज ताल्लुक गाँव के ही #मनोहर_पेलू से हो गए... जब भी मौका मिलता,
मनोहर खेत खलिहान में लुबना से खुराखार कर लेता...
एक दिन मनोहर ने ख्वाहिश ज़ाहिर की "लुबना ऐसे जल्दबाज़ी के काम में मज़ा न आता.... मैं रात को तेरे घर आ जाऊंगा.... आराम से पलंग पर खुराखार करेंगे..."
लुबना बोली "ये नहीं हो सकता... मेरी सास मेरे पास ही पलंग पर सोती है..."
मनोहर पेलू सोच कर बोला "में थोड़ा लेट आऊंगा... तब तक तेरी सास सो जाएगी... हम अपना काम कर लेंगे"
रात के दो बजे मनोहर लुबना के घर पहुँचा.... बरामदे में बिस्तर पर लुबना और फ़ौजिया बी सो रहे थे.... मनोहर ने इधर उधर देख अंधेरे में दोनों टांगे उठाई और काम निपटाने की कोशिश करने लगा...