Human Rights Day reminds us that dignity, freedom, and equality belong to every person. It inspires us to stand against injustice, uphold compassion, and build a world where every voice is valued and every life is respected.
#HumanRightsDay#DeshkaPehlaChannelDeshkaApnaChannel
जो बेवकूफ़ थे, बच गए
समझदारों की अर्थी पर चिल्लाते रहे उनके दोस्त।
ज़िंदा लोगों ने जी भरकर बेवकूफ़ियाँ कीं,
मरे हुए लोगों को समझदार कहा गया।
~ सुभाष वर्मा
सरल, सहज और लोकप्रिय साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी को उनकी जयंती पर नमन।
मुंशी प्रेमचंद जी जनप्रिय साहित्यकार थे, जिन्होंने बेहद सरल भाषा में अपनी रचनाओं के माध्यम से गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिससे समाज में व्याप्त कई कुरीतियों को समझने और दूर करने में मदद मिली। प्रेमचंद जी घटनाओं का इतना मार्मिक चित्रण करते थे कि उनका लेखन सजीव प्रतीत होता था। उनके लेखन से आज भी जनमानस स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस करता है।
@JharkhandCMO मांसाहार का शौकीन, मुझे हर रोज अंडा मुर्गा मछली मटन खाने की इच्छा होती थी। मैने कई बार अपने शाकाहारी दोस्तो, बाबाओं और यूट्यूब विडियोज देखे और मांसाहार छोड़ने का सोचा पर छोड़ न पाया। अंततः जब लॉकडाउन में मुर्गा मिलना बंद था तब मेरी ये आदत छुटी। दौड़ नहीं दुकानें बंद करें दारू की।
#WorldPoetryDay
दिल का लिखना और
पागल का छवि हो जाना
इतना आसान नही होता
@sv_subhashverma कवि हो जाना
खुद को ही पटक के गिरा
खुद के फेफड़े पे पैर मार
उछल कर आसमान में चमकता रवि हो जाना
इतना आसान नहीं होता सुभाष कवि हो जाना
#21March#WorldPoetryDay2025 पे सभी कवियों को प्रणाम 🙏
@JaikyYadav16 कनाडा देश की एक प्रसिद्ध 85 वर्षीय उपन्यासकार, कवि और साहित्यिक आलोचक..जिनका नाम मार्गरेट एलेनोर एटवुड है उन्होंने कहा है कि "The desire to be loved is the last illusion. Give it up and you will be free अर्थात "प्यार पाने की इच्छा अंतिम भ्रम है। इसे छोड़ दो और तुम मुक्त हो जाओगे"