बिहार में चुनाव आयोग जैसे ही काम पर लगा,
इनको मिर्ची लग गई!
आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाएंगे, फर्जी नाम हटाएँगे, असली मतदाता जुड़ेंगे — बस यहीं से पूरा गैंग एक्टिव हो गया।
राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, पप्पू यादव — सब चिल्लाने लगे कि यह साजिश है। भाई, फर्जी वोट हटाओगे तो इन्हें तकलीफ तो होगी ही — क्योंकि इनका तो धंधा ही उसी पर चलता है।
पूरा मामला जितना सीधा दिख रहा हैं उतना है नहीं, बिहार चुनाव की जड़ें अमेरिका तक पहुँच रही है।
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पहलगाम पर खुफिया रिपोर्ट से हड़कंप... वो तो ब्रेक फेल हो गया वरना...
भारत की खुफिया एजेंसियों ने पता लगा लिया है कि घोड़े वालों से लेकर भेलपूरी बेचने वालों तक सारे आतंकियों के ही स्लीपर सेल्स थे।
वहां जो भी था चाहे विडियो बना रहा हो या मदद करने का नाटक कर रहा हो, सभी आतंकियों के ही स्लीपर सेल्स थे। हमला पूरा होते ही सारे गायब हो गये हैं। वहां एक भी छोटी दुकान लगा कर बेचने वाला नहीं मिलेगा।
करीब 35 आतंकी घटनास्थल पर मौजूद थे। और सारे आसपास के घरों में लगभग एक महीने से रह रहे थे और समझ लीजिए किसी भी घरवाले ने सूचना लीक नहीं होने दी। एक महीने तक आतंकी यदि आपके घर में मेहमान बन कर रहे वो भी एक नहीं दो नहीं 35 आतंकी तो क्या मतलब निकलता है लेकिन किसी ने भी पुलिस या फोर्सेज को नहीं बताया। आदरणीय अमित शाह को बताया गया है कि उस पर्टिकुलर जगह पर..
कभी भी बिना पुलिस की इजाजत के टूर ट्रेवेल्स सर्विस वालों द्वारा टुरिस्टों को नहीं लाया जाता है लेकिन उस दिन बिना पुलिस को सूचित किए टूर ट्रेवेल्स की बसें सैलानियों को ले कर वहां आ गई थीं। काफी सारे सैलानी पहुँच चुके थे।
PLAN A था कि 35 आतंकी एक साथ फायरिंग कर के बहुत सारे हिन्दुओं को maर डालेंगे। AK47 बंदूकों का जखीरा हो सकता है, ड्रोन के द्वारा पाकिस्तान से आया, उसको लेने चार लोग गए। बाकी लोग घटनास्थल पर इंतजार कर रहे थे। एक गाड़ी से आ रहे थे, लेकिन इनकी गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया। इस वजह से इन चारों को गाड़ी छोड़ कर खच्चरों पर और मोटर साइकिल पर चढ़कर आना पड़ा। इस कारण सारी बंदूकें पहुँच नहीं सकी और PLAN A सफल नहीं हो सका ।
तब इन आतंकियों ने PLAN B पर काम किया । इस प्लान के मुताबिक एक खच्चर वाला सारी बंदूकों को गाड़ी से निकाल कर घास के नीचे छुपा देगा और दो लोग खच्चर पर और दो लोग बिना नंबर वाली मोटर साइकिल जो घटनास्थल के पास से बरामद हुई है ,से पहुंचेंगे।
बाकी आतंकी पहले से ही भेष बदल कर, घटनास्थल पर छुपे हुए थे। फिर चार आतंकियों ने ही घटनास्थल पर फायरिंग कर लोगों को ma रना शुरू किया। बाकी सारे बंदूकों के अभाव में चारों तरफ ध्यान रख रहे थे।
अब कल्पना कीजिए अगर वे सारी बंदूकें वहां पहुंच गई होतीं, तो क्या क्या हो सकता था?
जो बच कर आए लोग आज टीवी पर इंटरव्यू दे रहे हैं कि, मैं वहां से दस मिनट पहले निकला या बीस मिनट पहले निकल गया । या दूर से ही देखकर हम दौड़ के भाग आए। शायद उनमें से एक भी न बचता।
अब बताइये ये 35 आतंकियों को, एक महीने से वहां के लोकल लोग चारों वक़्त का खाना पीना सब सुविधाएं दे कर पाल रहे थे, लेकिन मजाल है सिक्योरिटी फोर्सेज को या पुलिस को सूचना मिल जाए। इतनी एकता है इनमें।
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इतिहास आधारित सच्ची घटना....
बेटियों के बलात्कारियों से जब माँ ने कहा-
अब्दुल अली एक-एक करके करो...
नहीं तो वो मर जाएंगी... 😭
“अभी वह 14 साल की ही है”
ये सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को..
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लश्करे तैयबा कांग्रेस का अनुषंगी संगठन है।
नहीं यकीन...?
पढ़िए इस लेख को और समझिए इनके कनेक्शन..
मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ लिखने जा रहा हूं।
27 फरवरी 2002 को 59 हिन्दुओं को गोधरा में ट्रेन में जिन्दा जला दिया गया। 28 फरवरी से गोधरा में दंगे शुरु हो गये और 4 दिन के भीतर यह पुरे गुजरात में फैल गया।
जिसे क्रिया की प्रतिक्रिया कहा गया...!!!
22 मई 2004 को.... शेष कमेंट में पढ़िए.. 👇
क्या आपको याद है ⁉️
शायद नई पीढ़ी को , जो सोशल मीडिया वाली है , उन्हे न पता हो...!!
मुझे लालू यादव का वो दौर याद है..!
अखबारों में भी बिहार की खबरें छपती थी और खबरें पढ़कर इतना आश्चर्य होता था कि क्या इस देश में सुप्रीम कोर्ट है ?
हाई कोर्ट है ?
सेना है पुलिस है ?
या पूरा का पूरा जंगल राज ही है....?
शिल्पी जैन हत्याकांड आप लोग गूगल पर सर्च करिये..!
शिल्पी जैन के कपड़ों पर मिले सीमेन के DNA...
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कुंभ के शुरुआत से यह शुक्राचार्य कई फालतू बयान बाजी किया है
कुम्भ की शुरुआत से लेकर आज तक जो इन्होने आजतक जनता को गुमराह करने वाले बयान दिए वो इस प्रकार है :-
1:- NGT की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि गंगा का पानी आचमन करने लायक नहीं है फिर भी योगी जी 40 करोड़ लोगो की सेहत को खतरे मे डाल रहे है। जबकि ये बाद मे खुद गंगा मे डुबकी लगाए.
2:- इन्होने कहा कि कुम्भ स्नान का फल सबसे ज्यादा मौनी अमावस्या को ही है ऐसा कहकर लोगो के बीच मे सिर्फ मौनी अमावस्या पर कुम्भ स्नान करने की होड़ लगी। इतना ही नहीं इन्होंने एक मुहूर्त भी निकाल कर बता दिया जिससे लोग इस मुहूर्त में नहाने के लिए रात में ही जाकर नदी के किनारे रेती में सो गए
और इन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ संगम नोज पर ही नहाने से पुण्य मिलेगा
3:- घटना वाले दिन ये सारे दिन मिडिया मे बोलते रहे कि योगी बाबा घटना के बारे मे और मृतको की संख्या के बारे मे छिपा रहे है इससे कुम्भ मे एक प्रकार का पेनिक क्रिएट हुआ और भगदढ़ की सभावना को और बढ़ाया।
4:-पालघर के संतो की निर्मम हत्या, बंगाल के हिन्दुओ का नरसंहार, दिल्ली के हिन्दुओ का दंगे मे कत्लेआम, 2013 के प्रयागराज कुम्भ मे भगदढ़ मे सैकड़ो हिन्दुओ की मौत पर तत्कालीन CM का इस्तीफ़ा न माँगने वाले कुम्भ की भगदड़ के लिए जज बनकर योगी जी को मुजरिम बताकर तुरंत इस्तीफ़ा मांगने लगे।
अब बताओ इनको ट्रोल न किया जाये तो क्या आरती उतारी जाये।
We need to know our true history.
In 1795, the Rigvedic funeral hymn was mistranslated,
Word agre (first) substituted with ange (fire).
The error was immediately noticed.
Yet for over a century it has been said widow burning was religiously sanctioned.
जब इंदिरा गांधी को बताया गया कि उनका प्रिय बेटा कैंब्रिज में एक रेस्टोरेंट कम बार में वेटर का काम कर रही एंटोनियो माइनो के प्यार के चक्कर में है
तब इंदिरा गांधी ने कई लोगों को राजीव गांधी को समझाने के काम में लगाया
उसमें उस वक्त कैंब्रिज में प्रोफेसर सुब्रमण्यम स्वामी भी थे और उस वक्त कैंब्रिज में पढ़ रही बेनजीर भुट्टो भी थी
बेनजीर भुट्टो और इंदिरा गांधी में एक मां और पुत्री जैसा रिश्ता था क्योंकि इंदिरा गांधी की जीवनी पर लिखी किताब जो उनकी सहेली पुपुल जयकर ने लिखा है उसमें उन्होंने लिखा है कि इंदिरा गांधी बेनजीर भुट्टो को बहुत मानती थी
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करीब 96 वर्ष पहले की बात है। राजस्थान के अलवर इलाके में एक गडरिया भेड़ चराते हुए जंगल में चला गया।
अचानक किसी ने उसे कहा कि यहाँ बकरियां चराना मना है।
बातों बातों में पता चला कि वो इलाके का तहसीलदार था, दोनों में बात होने लगी, पता चला कि बहुत कोशिश के बाद भी तहसीदार को बच्चे नहीं होते।
नमाज पढ़ने में होती है दिक्कत, नहीं बनने देंगे मंदिर!
मुसलमानों ने रुकवाया मंदिर का जीर्णोद्धार।
मुस्लिम महिलाएं भी मंदिर निर्माण के विरोध में उतरीं।
मुसलमानों की ओर से मंदिर जीर्णोद्धार के कार्य को सिर्फ इसलिए रूकवाया गया है क्योंकि मंदिर से सौ मीटर की दूरी पर मस्जिद है।
मुसलमानों का कहना है कि मंदिर का जीर्णोद्धार हो जाने के बाद मंदिर की छत पर भजन बजाया जाएगा, इससे उन लोगों को नमाज पढ़ने में दिक्कत होगी।
गांव में मुस्लिम आबादी है सबसे ज्यादा, नमाज में खलल पड़ने की बात कर जबरन रुकवा दिया 70 वर्ष पुराने शिव मंदिर का निर्माण कार्य।
मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित रानीपुर गांव का।