BREAKING 🚨:
Tejaswi Yadav is on fire 🔥
"I am warning for the last time, if cases against students are not taken back by tonight then i will create a massive movement. Then don't come and say that i didn't warn you"
अब अमित शाह की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान तो गए, अब अमित शाह को इन 12 सवालों के जवाब देने चाहिए और अगर वे नहीं देते हैं तो उन्हें हटाने का आंदोलन शुरू होना चाहिए।
1-वॉटर कैनन क्यों नहीं इस्तेमाल किए गए?
भारत में crowd control का graded response प्रोटोकॉल है—पहले कम हानिकारक तरीके (वॉटर कैनन)। इसे छोड़कर सीधे हिंसा पर जाना शांतिपूर्ण प्रबंधन की बजाय तुरंत हिंसा बढ़ाने का संकेत है।
2-कील वाली लाठियाँ क्यों इस्तेमाल हुईं?
वीडियो/रिपोर्ट्स में कुछ बैटन में कील लगे दिखे (Alt News आदि ने वीडियो की पुष्टि की)। यह सामान्य riot tool को घातक हथियार बना देता है, गंभीर चोटें पहुँचा सकता है। छात्रों (महिलाओं सहित) पर इस्तेमाल मानव अधिकार और पुलिस दिशानिर्देशों का उल्लंघन है। किसने अनुमति दी?
3-पेलेट गन फायरिंग का आदेश किसने दिया?
पेलेट गन अंतिम उपाय माना जाता है (स्थायी दृष्टि हानि, चोटों का जोखिम)। घायलों के मेडिकल रिपोर्ट्स/गवाहियों में धातु के पेलेट निकाले गए (पुलिस इनकार के बावजूद)। स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने एक पीड़ित से मुलाकात की। RAF (शाह के मंत्रालय के अधीन) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में इस्तेमाल चिंताजनक है। किसने मंजूरी दी और शाह ने क्या कार्रवाई की?
4-असमानुपातिक बल क्यों, खासकर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा युवतियों पर हमला?
वीडियो में पुरुष अधिकारी महिला छात्रों को पीटते दिखे (प्रोटोकॉल के खिलाफ—महिलाओं को महिला पुलिस संभाले)। सिर पर लाठी, कपड़े फाड़ना आदि शांतिपूर्ण मार्च के मुकाबले अत्यधिक। जेंडर संवेदनशीलता और अनुपात का उल्लंघन।
5-सिविल ड्रेस में कुछ पुरुष बैटन लेकर पुलिस के साथ छात्रों को क्यों पीट रहे थे?
गवाह/वीडियो में सादे कपड़ों वाले अज्ञात व्यक्ति शामिल। राज्य-प्रायोजित गुंडागर्दी या plainclothes पुलिस की पहचान न बताकर हमला गैरकानूनी। उनकी पहचान और कार्रवाई क्या?
6-ज्यादातर पुलिसकर्मियों ने नेम टैब क्यों नहीं पहने?
पुलिस मैनुअल और अदालती आदेशों के अनुसार यूनिफॉर्म में नाम टैग अनिवार्य (जवाबदेही के लिए)। हटाना/छिपाना अत्यधिक बल से बचने की रणनीति लगता है। आदेश था या unofficial SOP?
7-महिला को पीटते दिखे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (संदीप लांबा) के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
वायरल फुटेज में वरिष्ठ अधिकारी महिला प्रदर्शनकारी को मारते दिखे। सिर्फ ड्यूटी से हटाना काफी नहीं; सस्पेंशन, जाँच आदि मानक है। चुप्पी सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाती है।
8-उस दिन कितने टियर गैस शेल दागे गए और कहाँ?
जंतर मंतर/पार्लियामेंट स्ट्रीट जैसे घने इलाकों में indiscriminate इस्तेमाल स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। संख्या और स्थान बताने से पता चलेगा कि बल अनुपातिक था या भागते छात्रों को निशाना बनाया।
9-पुलिस बैरिकेड्स पर बिजली का करंट?
Indian Express रिपोर्ट/वीजुअल्स में आरोप। अगर सही, तो proportionality से आगे जाकर संवैधानिक/कानूनी सवाल उठते हैं।
10-कितने लोगों को हिरासत में लिया गया और किन धाराओं में?
सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया। परिवारों/वकीलों को सही जानकारी नहीं मिली। पूरी लिस्ट, धाराएँ, स्थान जारी करें। मनमानी हिरासत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन।
11-घटनाओं की डिपार्टमेंटल या मजिस्ट्रियल जाँच का आदेश दिया गया है?
बड़े पैमाने पर चोटें (खोपड़ी फ्रैक्चर, पेलेट आदि) को देखते हुए स्वतंत्र, समयबद्ध जाँच जरूरी। आंतरिक पुलिस जाँच पर्याप्त नहीं। मजिस्ट्रियल/ज्यूडिशियल इन्क्वायरी चेन ऑफ कमांड उजागर करे। कानूनी निकायों ने भी “unprovoked and disproportionate” कहा है।
12-गृह मंत्रालय से अब तक कोई बयान क्यों नहीं आया?
मंत्रालय की चुप्पी जारी है, जबकि जवाबदेही वहीं से शुरू होती है।
-द वायर से साभार
Pellet guns, once associated primarily with Kashmir, have now reached mainland India. Those who remained silent or even justified their use in Kashmir, must reflect on what such policies can ultimately lead to.
Jai Hind
ये अर्चिता सारंगी हैं जो पूर्व IAS और भुवनेश्वर से BJP की सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी हैं।
कल जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया तो अर्चिता सारंगी ने Gen Z को सपोर्ट किया और
अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सेलिब्रेट करते हुए एक स्टोरी लगा दी।
कुछ देर बाद ये पोस्ट वायरल हो गई तो,
उनपर स्टोरी डिलीट करने का दबाव बनाया जाने लगा था क्योंकि उनकी मां अपराजिता सारंगी धर्मेंद्र प्रधान को खुला समर्थन कर रही थीं।
उसके कुछ देर बाद अर्चिता ने एक स्टोरी और लगाई और धर्मेंद्र प्रधान के PA को टारगेट करते हुए कहा कि मुझे पता था मां को मैसेज करोगे, लेकिन
"मैं स्टोरी डिलीट नहीं करूंगी।"
और लोग यहां सोच रहे हैं कि सिर्फ विपक्ष ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहा है। 😂
जैकी @JaikyYadav16 की वाल से
BJP सरकार देश भर में युवाओं पर FIR करवा रही है, क्योंकि वो प्रदर्शन में शामिल हुए.
अब कांग्रेस ने उनकी कानूनी मदद के लिए नंबर जारी किया है - 9811867474
जननायक राहुल गांधी का मोहम्मद इरफान से मिलना सुखद है
क्योंकि हर गली, हर मोहल्ले, हर शहर में इरफान जैसे होने चाहिए
जो अपनी तकलीफों के बावजूद एक बेहद खूबसूरत, सजग और संवेदनशील इंसान है❤️❤️
पूरे देश के सूचनार्थ: बेहद गंभीर ख़बर
प्रयागराज प्रोटेस्ट के नाम पर बहुत सारे छात्रों को यूपी पुलिस की विशेष टीम बिना नंबर की गाड़ी में उठाकर ले गई है।
जब केंद्र सरकार ने वादा किया था कि किसी भी छात्र के विरुध्द कोई कार्रवाई नहीं होगी तो फिर ऐसी धोखाधड़ी किसके कहने पर हो रही है। क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रधानमंत्री जी के आश्वासन और वादे को जुमला साबित करना चाहती है।
उठाए गए सभी छात्रों की तुरंत रिहाई हो और इस अवैध गतिविधि में लिप्त सभी पुलिसकर्मियों और उच्च अधिकारियों को निलंबित करके उनके विरुद्ध सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए।
माननीय न्यायालय से आग्रह है कि इन छात्रों के जीवन पर मंडरा रहे ख़तरे का तत्काल संज्ञान ले।
India is being run by four incompetent Gujaratis who convinced people they know how to create prosperity. But the primary purpose of a government is not to enrich a few or celebrate the success of a handful. Its job is to create the conditions for every citizen to reach their fullest potential-and to build a society where people can pursue happiness, opportunity, and dignity.
BREAKING 🚨:
Rahul Gandhi visted the house of Mohd Irfan who got famous during students protest
He has assured him all the assistance and help for his family. Proving again why he's the best leader who actually cares ❤️
RaGa –– All for one, one for all 🔥
@sandeep_PT This is the right and opportune time for Congress to take command in its Hand with demand for Amit Shah already in place. and replace CJP/Dipke/Das/Ranka/Arpit/Dhruv/Sonam from the scene.
@RahulGandhi@priyankagandhi@kharge
Exactly as expected, the terrified duo have started oppression everywhere on students using different means. Arrests. Jailing. Photos in papers. Beatings by goons (at home or in public). Threats in social media.
The CJP had no clue what it was dealing it. Or perhaps it knew only too well.
Anyway. Time for Dipke Das Ranka Arpit Dhruv and Sonam to hit the streets again.
The Duo does not realise the next round of resistance (by students and parents) will be enormously huge, and will take them down.
When girls fall in love across castes, 7/8 out of 10 times she cannot marry that boy peacefully, or not marry him at all. This is the 'enforced endogamy' which is unique to India now (in 21st century). That is what builds the lasting ossified structures that you are now defending. And it's been so for at least 1500 years now.
https://t.co/fqOK0pDi1v
Dear fellow UC Hindus
Beware!
If you are enthusiastic about removing Reservations, then you're asking for removing the only practical safety valve for 80% population.
Then the only logical way out for them will be demanding Reparations for historical wrongs, which they will.
And that route ends in very unpleasant outcomes as we know.
So doubly beware.
पुणे की सड़कों पर निकले कैंडल मार्च में शामिल हुए हर एक नागरिक का बस एक ही सवाल गूंज रहा था,
क्या प्रधान के इस्तीफे से वो 22 बच्चे लौटकर आ जाएंगे? आखिर कब देश के PM माफी मांगेंगे? आखिर कब छात्रों पर लाठियां गोले चलाने वाले शाह का इस्तीफा होगा।
#ChhatronKiGoonj जारी है।।