कुमार विश्वास ख़ुद को “अभागा सवर्ण” कह रहे हैं। अब सबके UGC पर बोल निकल रहे हैं लेकिन तब नहीं बोले कि विश्वविद्यालयों के सभी कुलपति केवल इनकी जातियों के क्यों हैं? सभी जज यही लोग क्यों बनते हैं? क्यों सभी उद्योगपति इन्हीं वर्गों से आते हैं। क्यों शहर की अमीर कालोनियाँ में सिर्फ़ इनके घर हैं? ये बातें क्यों आपको कभी असहज नहीं कीं?
सच ये है कि कथित उच्च वर्ग का 99% समाज, जातिवाद पर कभी बोला ही नहीं। जब आपने जातिवाद के ख़िलाफ़ कभी कोई गंभीर सवाल उठाया ही नहीं तो उसके उपचार पर सवाल करने का हक़ आपको कैसे बचा?
एक हकीकत तो ये भी है कि कथित उच्च वर्ग परंपरागत जातिवाद में इतना अंधा हुआ बैठा है, इतना प्रिविलेज्ड है कि उसे ये अहसास भी नहीं है कि वो कितना जातिवादी है। उनमें से बहुतों को ये अब तक मालूम भी नहीं हुआ कि उनकी बातों में ही कितनी बार जातीय अपमानजनक शब्द निकलें हैं।
सच ये है कि दलितों का अपमान उनके जीवन का सामान्य रेगुलर हिस्सा है।
बेहतर हो कि कथित उच्च वर्ग अपने अंदर झांकें, ख़ुद के बच्चों को जाति को लेकर सेंसिटिव करे। इससे एक दिन वे और बेहतर इंसान बनेंगे।
UGC का विरोध ना करें। अपने दिल को बड़ा करें। और ख़ुद सुनिश्चित करें कि अगर कोई भी व्यक्ति जातीय हिंसा, या अपमानजनक शब्द कहे तो उसे सजा मिले। वो Unchallenged ना जाए जैसा अब तक जाते रहें हैं।
ऐसा समाज बनाने में समाज के लोग ख़ुद आगे आकर मदद करें।
इससे आपके हृदय में मानवता का भाग बढ़ेगा और पिछड़ों-दलितों के लिए जीवन थोड़ा और सहज होगा। ऐसा भारत ही एक दिन समानता को चख सकेगा।
अभागा सवर्ण जैसी कविताओं में ख़ुद को ना छुपाएँ। वो वर्ग कैसे अभागा हो सकता है जिसका संसाधनों और बड़ी नौकरियों पर अब भी इकतरफ़ा कब्जा हो?
🚨सभी यात्रियों,छात्रों और आम नागरिकों से ज़ोरदार अपील 🚨
आज पूरे दिन एक ही आवाज़ में ट्वीट करें, रीट्वीट करें, शेयर करें।
हैशटैग #TatkalTicketBooking को Trend No. 1 तक पहुँचाना है।
यह सिर्फ टिकट की लड़ाई नहीं,
यह आम आदमी के समय, पैसे और सम्मान की लड़ाई है।
अपने ट्वीट में ये मुद्दे ज़रूर लिखें 👇
▪️ OTP नहीं आता
▪️ Refund महीनों तक अटका
▪️ टिकट में चोरी और धांधली
▪️ Waiting में “Convenience Fee” के नाम पर लूट
▪️ ट्रेनें घंटों लेट
▪️ ट्रेनों की भारी कमी
▪️ Software से Tatkal booking
▪️ Counter पर खुलेआम Black Marketing
▪️ Telegram पर Ticket Selling के नाम पर Fraud
सबसे बड़ा खेल 👇 (इसे ज़रूर लिखें)
• ठीक 10:00 AM और 11:00 AM
• Transaction Error
• Auto Logout
• Unable to Process Request
• Transaction Dropped
हर दिन वही समय, वही एरर — ये तकनीकी खराबी नहीं, सिस्टम की सेटिंग है।
एजेंटों को टिकट मिल जाता है,
आम यात्री को सिर्फ Error Message।
आज अगर नहीं बोले, तो कल Tatkal सिर्फ दलालों का होगा।
टैग करें 👇
@KHURAPATT@UpscScreenshots@khurpenchh@Khurpench_@YTKDIndia
आरंभ हो चुका है। अब रुकना नहीं है। प्रचंड आप सब करेंगे।
🔥 #TatkalTicketBooking 🔥
🚨 IRCTC DOWN था… फिर Tatkal टिकट किसने बुक किए? 🚨
>> आज सुबह ठीक Tatkal टाइम (10–11 बजे) 👇
देश भर के लाखों यात्रियों के मोबाइल पर एक ही मैसेज था—
> Login Failed
> Payment Error
> Transaction Failed
> No Seats Left
♦️क्यों?
👉🏻क्योंकि — @livemint@EconomicTimes दोनों ने रिपोर्ट किया कि IRCTC सर्वर heavy traffic की वजह से DOWN था
कुछ देर बाद @IRCTCofficial ने खुद माना — हाँ, तकनीकी दिक्कत थी।
>> अब असली सवाल, जिससे सिस्टम भागता है 👇
👉🏻जब-
> सर्वर डाउन था
> आम यात्री एक भी टिकट नहीं निकाल पा रहा था
> पूरा सिस्टम “Error–Error” खेल रहा था
👉 तो Tatkal टिकट आखिर बुक किसने कर लिए?
जवाब कोई रॉकेट साइंस नहीं है —
🔹Software Mafia / Bot Network
📌 Telegram चैनलों पर खुलेआम Tatkal software
📌 WhatsApp Business नंबर से डील
📌 30–60 सेकंड में टिकट कन्फर्म
📌 और सवाल पूछो तो — धमकी, गाली, “जो उखाड़ना है उखाड़ लो”
⚠️ये संयोग नहीं, ये पैटर्न है- आज नहीं, कल नहीं, महीनों से-
Tatkal का मतलब अब ये हो गया है 👇
•आम यात्री = सिस्टम टेस्टिंग मटीरियल
•सॉफ्टवेयर माफिया = प्रीमियम यूज़र
Server आम आदमी के लिए DOWN
Server माफिया के लिए ALWAYS ON
⁉️अब सवाल सीधे यहाँ जाता है 👇
👉🏻@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia
•क्या 1 मिनट में सैकड़ों टिकट निकलने की abnormal speed नहीं दिखती?
•क्या IP pattern, device fingerprint, API abuse ट्रैक नहीं होता?
•या फिर सिस्टम जानबूझकर ऐसा डिज़ाइन किया गया है ताकि माफिया चलता रहे और आम आदमी लाइन में खड़ा रहे?
⚠️ कड़वी लेकिन सच्ची बात: -
🔸Tatkal अब सुविधा नहीं, एक संगठित डिजिटल लूट बन चुका है।
🔸आज टिकट छीना गया। कल सवाल उठाया गया।
और आज सवाल पूछने वालों को धमकी दी जा रही है।
🔸अगर आज आपको भी 10–11 बजे IRCTC पर error मिला
तो ये आपकी गलती नहीं, ये सिस्टम की नीयत का आईना है।
🔸अब चुप रहे तो समझ लीजिए— Tatkal हमेशा के लिए माफिया का हो जाएगा।
🔴Server डाउन हो सकता है,
लेकिन Software Mafia का सिस्टम कभी डाउन नहीं होता।
बदलाव के लिए ऐतिहासिक वोटिंग करने के लिए बिहार के हर मतदाता को बधाई और नयी प्रगतिशील नौकरी देनेवाली महागठबंधन सरकार बनने के लिए अग्रिम बधाई!
सत्ता पक्ष द्वारा पहले से तैयार कुछ झूठे एग्जिट पोल गुमराह कर रहे हैं। ‘जिनका दाना, उनका गाना’ के कारण जानबूझकर एग्जिट पोल से भ्रम फैलाया जा रहा है। जब चुनाव आयोग मतदान के कई दिनों तक वोटों का आँकड़ा नहीं दे पाता है तो ये चैनल कैसे एक घंटे में सब बता देते हैं। इनके झूठ के ग्राफ़िक्स कई दिनों पहले से तैयार हो जाते हैं, जहाँ से भोजन-पानी का इंतज़ाम होता है ये झूठे चैनल उसकी पंगत में जा बैठते हैं। जिनको लगता भी है कि ये एग्जिट पोल सही हैं वो उप्र के लोकसभा के चुनाव का एग्जिट पोल देख लें जहाँ बड़े-बड़े भाजपाई सूरमाओं की हार हुई और फ़ेक एग्जिट पोलों की भी।
दरअसल भाजपाई तंत्र भ्रम फैलाकर गिनती के समय दूसरों को हतोत्साहित करना चाहता है, जिससे लोग ज़्यादा ध्यान न दें और ये भाजपाई और उनके गुर्गे चुनावी गिनती में गड़बड़ी करनेवाली अपनी ‘चंडीगढ़ी चाल’ चल सकें।
महागठबंधन के हर दल, हर प्रत्याशी, हर कार्यकर्ता और हर समर्थक से हमारी ये अपील है कि आप सब पूरी तरह चौकन्ने रहें और किसी भी घपले-घोटाले को होने से रोकें। जहाँ मशीनें रखी हैं वहाँ चौकसी करें और चौबीसों घंटे निगरानी रखें। महागठबंधन जीत रहा है, इसीलिए जीत का सर्टिफिकेट लिए बिना चैन की साँस न लें।
याद रखें: हमने अवध में हराया था, आप मगध में हरा रहे हैं।
विजय का सूत्र : जब तक जीत का प्रमाण नहीं, तब तक विश्राम नहीं।
#BSSC_CGL4 में जो संविदा कर्मी को 25 नंबर देने वाला नौटंकी लाया गया है ना वो 25% नंबर में कब बदल जाएगा रातों रात किसी को हवा भी नहीं लगेगी ।
🔺 कांट्रैक्ट वालों का अलग एग्जाम लेके रेगुलर करना कर दो , लेकिन ये क्या चूल है नई भर्ती में पुराने वालों को घुसाने का ।
🔺 ऐसे तो लगता है किसी फ्रेशर्स का रिजल्ट ही नहीं होगा !!
Chhath Parv symbolises the finest of Bihar’s cultural ethos. The Government of India is honoured to be nominating Chhath Parv to the UNESCO's Intangible Cultural Heritage list.
#MannKiBaat
माँ तो माँ होती है। माँ शब्द जुबान पर आते ही कितना सुकून मिलता है। जो बेजुबान है माँ तो उनकी भी होती है। किसी को भी किसी की भी माँ-बहन-बेटी के प्रति अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। इस दुनिया में मौजूद हर इंसान, जीव-जंतु, पशु-पक्षी सभी माँ की ही पैदाइश है।
👉 प्रधानमंत्री मोदी जी महिलाओं और लड़कियों से ब्लात्कार करने वाले प्रज्वल रेवन्ना का प्रचार कर उसे जिताने की अपील करें तो वह मोदी जी का मास्टर स्ट्रोक।
👉 मोदी जी किसी की माँ को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड बोले तो वाह मोदी जी वाह!
👉 मोदी जी देश के लिए शहादत दे चुके साहसी प्रधानमंत्री की पत्नी और नेता प्रतिपक्ष की माँ को विधवा और जर्सी गाय बोले तो बेशर्म लोग कहेंगे कि मोदी जी ने शानदार भाषण दिया है।
👉 मोदी जी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पैदाइश पर यह कहते हुए सवाल उठाये कि इनका DNA ही ख़राब है अर्थात् इनका खून ही ख़राब और ग़लत है तो वह सही है? जेडीयू के लोग बताए जो नख और बाल काट PMO को भेजे थे उनकी रिपोर्ट आ गई है क्या?
👉 मोदी जी के सचेतक ने अभी कुछ दिन पहले बिहार विधानसभा में मेरी माँ को गाली दी तो मोदी जी ने उसकी पीठ थपथपाई। फिर वो कहे कि मोदी महान!
👉 एक बीजेपी नेता ने हमारी प्रवक्ता को साड़ी-साया खोल सरेआम सड़क पर ब्लात्कार की धमकी दें तो मोदी जी उसे सम्मानित करते हुए अपने जहाज़ तक बुलाते है।
👉 इनके प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल कल टेसू बहा रहे थे वही आदमी कुछ दिन पहले कह रहे थे कि उनसे बड़ा गालीबाज़ कोई नहीं है और वह गालियों की चलती फिरती दुकान है।
👉 मणिपुर में भाजपाइयों द्वारा महिलाओं को निवस्त्र घुमाया गया क्या वो किसी की माँ नहीं थी?
👉 बिहारियों को गुजरात में गाली दी जाती है तो प्रधानमंत्री चुप रहते है। बेरोजगारों और युवाओं को गाली के साथ लाठी से पीटा जाता है तो इनके टेसू नहीं निकलते है।
👉 किसान आंदोलन में हज़ारों किसान मारे गए। किसान और नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं, लॉकडाउन में मजदूर पैदल चले, लाखों लोग मारे गए तब नहीं रोए । पुलवामा-पहलगाम और गलवान घाटी में हमारे सैनिक मारे गए जब इनके टेसू नहीं निकले।
ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। ये लोग वोट चोरी से ध्यान हटाने के लिए प्रपंच रच रहे है। माँ तो माँ होती है।
#TejashwiYadav #Bihar #RJD #बिहार
कुछ दिन पहले SSC टीचर कह रहे थे कि विपक्ष कहाँ है? विपक्ष ने उनकी आवाज उठाई। आज विपक्ष सड़क पर अकेला लड़ रहा है। लेकिन टीचर कहाँ हैं? आज उन्हें राहुल गांधी और अखिलेश का साथ नहीं देना? राहुल, अखिलेश क्या तुम्हारे रिश्तेदार हैं? जो तुम्हारे लिए लड़ते रहें और तुम फीस कलेक्ट करते रहो
Almost all teacher are detained and they are in the Bus now.
ये है हमारा Vishwaguru जहां टीचर और बच्चों को शांति से उनका हक मांगने भी नहीं दिया जा रहा है।
आप का एक vote पूरे देश को ले डूबता है।
😡😢
भारत पाकिस्तान से युद्ध नहीं कर रहा है । न सिविलियन या सार्वजनिक जगहों को टारगेट कर रहा है। भारत की मंशा सिर्फ आतंक के ठिकानों के खात्मे से है । भारत का ऑपरेशन टार्गेटेड होगा न कि रैंडम कहीं भी कैसे भी ।
ऐसे में अति उत्साही मीडिया सोशल मीडिया के साथियों पाकिस्तान में हो रहे धमाके और ब्लास्ट को इग्नोर करें । इससे अपना वास्ता नहीं है । उसका क्रेडिट लेकर और उस बारे फेक न्यूज़ फैलाकर आप मदद से अधिक देश का नुक़सान करेंगे । जिम्मेवार देश के जिम्मेदार नागरिक बनें ।
बिहार के बेगूसराय में एक और सॉफ्ट ड्रिंक्स CAMPA COLA का प्लांट लगने जा रहा है,इस तरह के प्लांट को पर्याप्त पेयजल वाली जगह की तलाश रहती है,आज के समय में पेयजल का संकट काफी जगहों/शहरों में है,इसलिए सॉफ्ट ड्रिंक्स की कंपनियां अब पर्याप्त पेयजल वाला शहर ढूंढ रहा है,और ये सब कंपनियां पेयजल को ढूंढते-ढूंढते बिहार पहुंच रही है,पिछले तीन-चार साल में बिहार में सॉफ्ट ड्रिंक्स का व्यापार पैर पसारा है,लेकिन वही पुरानी कंपनी बिहार आ रही है,जो पहले दूसरे राज्य में थी, वो कंपनियां अब पेयजल संकट के कारण प्लांट बंद करके बिहार की ओर आ रही है, कंपनियों को बिहार में पेयजल आसानी से प्राप्त हो जा रही है,अब बिहार के बेगूसराय में एक और सॉफ्ट ड्रिंक्स की कंपनी अपना प्लांट लगा रही है,लेकिन समस्या यह है कि पहले से जो सॉफ्ट ड्रिंक्स की बाहरी कंपनियां बिहार में आई है उसमें काम करने वालों में स्थानीयों की संख्या नाम मात्र है,इस मुद्दे पर कई बार स्थानीय नेताओं के द्वारा सवाल भी उठाया गया है,अब बताइए बिहार की जमीन को बाहरी व्यापारी इस्तेमाल करके दूसरों को रोजगार दे रहा है,इन प्लांटों में लाखों लिटर पेयजल लगातार खपत हो रहा है और फायदा सिर्फ बाहरी लोगों का हो रहा है,कंपनी का मालिक भी बाहरी और मजदूर भी बाहरी,बिहार की ज़मीन और जल का इस्तेमाल बाहरी लोग कर रहें हैं, इसलिए राज्य सरकार को इस तरह के इंडस्ट्रीज के लिए एक सख्त नियम बनाना चाहिए...कम से कम 50-60% लोकल कामगारों को कंपनी में काम मिले,जहां पर प्लांट या फैक्ट्री लगता है वहां का स्थानीय गांव-बाजार प्रभावित होता है इसलिए वहां के स्थानीय लोगों का भी ख्याल रखना चाहिए और साथ में BIADA के अधिकारियों को इस तरह के कंपनी को बिहार में काम करने का आदेश देने से पहले बिहार की आम-जन का ख्याल रखना चाहिए,व्यापार और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए बिहार को लूटा मत दीजिए....नहीं तो कभी भी लोकल आदमी का गुस्सा फुट सकता है!
@BIADAbihar #Bihar
हजारों किलो मीटर बसे इजरायल फिलिस्तीन के मुस्लिमो के लिए इसके अंदर प्रेम है,
और जो मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल में मुस्लिमो हिन्दुओं ( SC ST OBC Genaral )पर अत्याचार कर रहे,
उस पर बोल रहा मै वेस्ट बंगाल का सरकार का स्पोक पर्सन नहीं हु, मतलब पश्चिम बंगाल के नहीं है, तो नहीं बोलेगा, जबकि असलियत यह है कि अपने समुदाय के खिलाफ बोल ही नहीं सकता,
देख लो इसे कहते है धर्म के लोगो के।प्रति ईमानदार,
यही बात हिंदुओं और दलितों को भी अपने धर्म अपने समुदाय के प्रति ईमानदार रहना चाहिए,
ऐसा न हो कि मुस्लिम दलितों पर अत्याचार कर दे और हम बोले नहीं , भाई चारा मजबूत करे चुप होकर,
जबकि मुस्लिम पर कोई अत्याचार करता है तो ये सब मुखर होकर आवाज उठाते है,
भारत के मुस्लिम पर अत्याचार हो या हजारों किलो मीटर पाकिस्तान इजरायल फिलिस्तीन के मुस्लिम पर अत्याचार हो,आवाज उठाते है उनकी,