देश में आरक्षण हटाओ की बात चल रही है।
चलो अब आरक्षण की सच्चाई को जानते है।
कल राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर ने कॉलेज प्रोफेसर गणित का परिणाम जारी किया।
दलित 101 नंबर लाकर फेल हो गया।
आदिवासी 86 नंबर पर फेल हो गया।
EWS वाला सवर्ण 82 नंबर लाकर गणित का प्रोफेसर बन रहा है।
डीडवाना–कुचामन जिले की परबतसर विधानसभा क्षेत्र के पीह कस्बे में लगी संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव जी अंबेडकर की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित कर देने का मामला निंदनीय है | ऐसे संकीर्ण मानसिकता वाले असामाजिक तत्वों का पता लगाकर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्यवाही करने हेतु मैने SP सहित पुलिस के आला अफसरों को दूरभाष पर निर्देशित किया है |
@RajCMO को अविलंब इस मामले में हस्तक्षेप करके आवश्यक निर्देश पुलिस को देने चाहिए |
@PoliceRajasthan@Didwanapolice
डेगाना: जमीनी विवाद को लेकर युवतियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का मामला
घायलों को लाया गया राजकीय उप जिला अस्पताल, प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को अजमेर किया गया रैफर , पुलिस प्रशासन द्वारा दोषियों पर तुरन्त कार्रवाई होनी चाहिए।
@NagaurPolice@RajCMO@PMOIndia
“सोलर मिशन, दलित-आदिवासियों की पुश्तैनी ज़मीनें हड़पने का भाजपा राज का नया ‘सोलर ज़मीन लूट वर्जन’ बन गया है!”
भीलवाड़ा की हुरड़ा और अंटाली तहसीलों में सोलर कन्वर्ज़न के नाम पर अनुसूचित जाति-जनजाति समुदाय की लगभग 300 बीघा ज़मीन सामान्य वर्ग के लोगों के नाम कर दी गई, जबकि खेतों में आज भी फसल खड़ी है और वहाँ कोई सोलर प्लांट मौजूद नहीं है।
यह सब भाजपा सरकार की मिलीभगत, भ्रष्ट राजस्व अधिकारियों और भू-माफियाओं की साझेदारी से हुआ। यह कृत्य दलित-आदिवासी किसानों की पुश्तैनी ज़मीनें छीनकर उन्हें बेघर बनाने की साज़िश है।
हम @RajGovOfficial से माँग करते हैं कि —
1. इस पूरे प्रकरण की CBI या उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए।
2. दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. जिन परिवारों की ज़मीनें कन्वर्ट की गई हैं, उन्हें तुरंत पुनः बहाल किया जाए।
4. भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
यह सिर्फ ज़मीन का मामला नहीं है, बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 46 के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति के आर्थिक हितों की रक्षा के दायित्व का खुला उल्लंघन है।
दलित-आदिवासी किसानों की पुश्तैनी ज़मीनें सोलर प्लांट की आड़ में हड़पना “हरित ऊर्जा” नहीं, काला भ्रष्टाचार है।
@RajCMO@BhajanlalBjp
महान समाज सुधारक तथा दलित व शोषित वर्ग के लोगो के अधिकारों के लिए हमेशा लड़ाई लड़ने वाले मान्यवर कांशीराम जी साहब के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हे सादर नमन |
हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पुरन कुमार जी के असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। वे एक ऐसे अधिकारी थे जिन्होंने हमेशा प्रशासन में पारदर्शिता, वरिष्ठता के अधिकार और अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर साहसपूर्वक आवाज उठाई।
कुमार साहब ने कई बार भेदभाव और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ अपनी बात रखी। विशेष रूप से उन्होंने नए पद सृजित कर उन्हें अपमानित करना और भेदभावपूर्ण तरीके से तैनाती करना—जैसे कि IGP (होम गार्ड्स) पद पर नियुक्ति—को सार्वजनिक रूप से उजागर किया। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल व्यक्तिगत अधिकारों तक सीमित नहीं थे, बल्कि पूरे सिस्टम में न्यायसंगत और पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए महत्वपूर्ण थे।
यह दुखद है कि ऐसे संवेदनशील और साहसी अधिकारी का जीवन इस प्रकार समाप्त हुआ। हम @cmohry से मांग करते हैं कि इस मामले की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी सीबीआई जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त दंड मिले।
हम अपनी संवेदनाएँ परिवार और सहयोगियों के लिए व्यक्त करते है।
@NayabSainiBJP
नाम: राकेश किशोर
पद: वकील
उम्र: 71 साल
काम: CJI पर जूता मारने की कोशिश
इस 71 वर्ष की उम्र में भी यह वकील इस तरह से देश की न्यायपालिका में सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति पर जूता मारने की कोशिश कर रहा है तो
इस वकील की मानसिक स्थिति आप समझ सकते हैं, शायद ही यह अपने देश की न्यायपालिका के इतिहास में ये ऐसा पहला मामला होगा।
इस वकील को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए जिससे कि इस तरह के कृत्य सोचने भर से लोग कांपने लगें।
जिस देश में सर्वोच्च न्यायालय की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति भी जातिगत घृणा और विचारधारात्मक असहिष्णुता का शिकार बने, वहाँ आम नागरिक की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
माननीय सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई पर सुनवाई के दौरान जूता फेंकने की कोशिश बेहद गंभीर और शर्मनाक घटना है!
यह केवल न्याय व्यवस्था पर हमला नहीं, बल्कि जातिवाद और असहिष्णुता का भी प्रतीक है।
यह समझना ज़रूरी है कि जब न्याय के सर्वोच्च मंच पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा और गरिमा पर हमला होता है, तो यह पूरे न्याय व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश होती है।
ऐसी हरकतें न सिर्फ निंदनीय हैं, बल्कि यह संकेत हैं कि समाज में असहमति को अभद्रता और हिंसा के ज़रिए प्रकट करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है — जो किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
हम इस जघन्य कृत्य की कट्टर निंदा करते हैं और @PMOIndia से मांग करते हैं कि आरोपी पर देशद्रोह और न्यायिक गरिमा भंग करने की सबसे सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।
न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कोई भी हमला देश की आत्मा पर हमला है - और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
#SupremeCourt
#SupremeCourtOfIndia
#Cjigavai
@AjaysinghKilak विधायक महोदय आप द्वारा डेगाना में ITI कॉलेज की घोषणा की गई एवं आप द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को जो मार्गदर्शन दिया गया इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏