देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
Indian police have detained Congress leader Rahul Gandhi and other opposition figures as they were protesting outside of the residence of Prime Minister Narendra Modi. They were rallying in support of a youth-led movement over failures in India's examination system.
वंदे भारत के खाने में निकला कीड़ा, 10 लाख का जुर्माना
◆ यह मामला 6 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा
◆ जांच के बाद संबंधित फूड सप्लायर पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया
#VandeBharat | Vande Bharat Penalty
@rpfcrbsl@RPFCR@RailwaySeva@CommercialBSL CR नं.126/2026 दर्ज होने के बाद भी कल अवैध काम फिर चालू था
अगर सब कुछ नियम अनुसार है तो कल की CCTV फुटेज और निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
जनता जानना चाहती है — काम किसके संरक्षण में चल रहा था?
“फोटो पुराना है” कहने से सच्चाई नहीं बदलती।
@rpfcrbsl@RPFCR@RailwaySeva@CommercialBSL CR नं.126/2026 दर्ज होने के बाद भी कल अवैध काम फिर चालू था
अगर सब कुछ नियम अनुसार है तो कल की CCTV फुटेज और निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
जनता जानना चाहती है — काम किसके संरक्षण में चल रहा था?
“फोटो पुराना है” कहने से सच्चाई नहीं बदलती।
कोटद्वार के ASP मेरे ऐसे सवालों से इतने परेशान हो गए कि अब मीडिया को शहर में दाखिल होने से रोक दिया है . बॉर्डर पर घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई मीडिया वाला कोटद्वार के दाखिल न होने पाए ....
मैंने ऐसा कुछ गलत तो नहीं पूछा था न?
पूरा इंटरव्यू मेरे यूट्यूब चैनल पर
सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, मीडिया
बंगाल SIR को लेकर अंग्रेज़ी में एक मैसेज आया है। पढ़ने में ज़्यादा समय नहीं लगना चाहिए। बाक़ी किसी से संवेदनशीलता की कोई उम्मीद नहीं है। अगर होती तो इस बकवास को कब का बंद कर दिया जाता या समय लेकर किया जाता ताकि किसी वोटर पर ऐसा ज़ुल्म नहीं होता।
My house help is a Muslim woman from Bengal. Her husband survives on daily-wage labor. During Delhi’s pollution season, work disappears, and so does their income. Every day is already a struggle.
Yesterday, a single phone call shattered whatever fragile stability they had. He was told to return to his village to complete the SIR exercise.
That one call brought fear, panic, and helplessness.
One visit to the village will cost them nearly ₹10,000—money that represents months of saving, sacrifices, and skipped necessities. It would drain everything they have. But not going is even more frightening.
If they fail to comply, they fear losing the only support keeping them alive: government food security and healthcare schemes.
This is not paperwork for them.
This is not an “exercise.”
This is a question of survival.
For families like theirs, the system does not offer choices—it offers impossible dilemmas.
कोटद्वार के ASP मेरे सवालों से क्यों चिढ़े?
बजरंग दल के लफंगों पर कार्रवाई के सवाल पर क्या बोले ASP?
मैंने जब बजरंग दल के हुड़दंगी कार्यकर्ताओं के वीडियो दिखाकर सवाल किए तो क्यों नाराज़ हो गए ASP?
दीपक कुमार पर FIR के सवाल पर क्यों हुए असहज?
ASP से पूछे जा रहे सवालों का जवाब देने क्यों आ गए CO और SHO?
ASP साहब से पूरी बातचीत मेरे यूट्यूब चैनल पर ...