आज इस नन्हे से बच्चे के साथ एक एहसास और गहरा हुआ,हमारी यह पदयात्रा सिर्फ़ आज के लिए नहीं, आने वाली पीढ़ी के बेहतर कल के लिए है।
जिस उम्र में इसे संविधान का अर्थ भी नहीं मालूम,
उस उम्र में हम यह संकल्प लेकर चल रहे हैं कि जब यह बड़ा हो,तो इसे बराबरी, सम्मान और न्याय के लिए किसी के सामने झुकना न पड़े।
यही हमारी संविधान सद्भावना पदयात्रा का उद्देश्य है
एक ऐसा भारत, जहाँ हर बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो और हर इंसान को बराबरी का अधिकार मिले।
#संविधान_सद्भावना_पदयात्रा
#थार_की_अपणायत
संविधान सद्भावना पदयात्रा के विधानसभ��� क्षेत्र शिव में प्रवेश करने पर कांग्रेस परिवार के हमारे वरिष्ठ नेता अमीन ख़ान जी भी इस यात्रा में शरीक हुए।
यह यात्रा केवल कदमों का सफर नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प है।
रेगिस्तान की धरती से उठी यह आवाज़ दूर तक जाएगी नफरत के खिलाफ, संविधान के साथ।
#संविधान_सद्भावना_पदयात्रा
@INCIndia @kharge @RahulGandhi @kcvenugopalmp
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बड़े मायने है। मध्यप्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है।
इस अवसर पर @INCMP के नेताओ, कार्यकर्ताओं को, और विशेष तौर पर प्रदेश कांग्र��स के ऊर्जावान अध्यक्ष भाई @jitupatwari एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी @Barmer_Harish जी को हार्दिक बधाई।
हमारे नेता @RahulGandhi जी के जन्मदिन के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर एवं सभी अग्रिम संगठनों द्वारा सामाजिक सरोकारों का निर्वहन करते हुए इस दिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया।
समाज के प्रति संवेदनशीलता, सेवा और जनहित के मूल्यों को आगे बढ़ाने वाले इस आयोजन के लिए जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर के युवा अध्यक्ष @LaxmanGodaraINC एवं समस्त कांग्रेस परिवार का आभार।
सेवा ही सबसे बड़ा सम्मान है, और जनसेवा ही हमारी राजनीति का मूल उद्देश्य।
सीमावर्ती क्षेत्र को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना उचित नहीं- हरीश चौधरी
बाड़मेर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मध्यप्रदेश प्रभारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्र में 50 किलोमीटर दायरे में की जा रही कार्रवाई को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि थ���र की अपणायत, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द इस क्षेत्र की पहचान है तथा इसे कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन इसके नाम पर किसी राजनीतिक एजेंडे को लागू करना उचित नहीं है।
हरीश चौधरी ने कहा कि इस सीमावर्ती क्षेत्र का इतिहास पूर्वजों के बलिदान, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान से जुड़ा रहा है। हमारे पूर्वजों ने देशहित में अपनी कुर्बानियां दी है��� और इस क्षेत्र का सम्मान बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में पहले 15 किलोमीटर और बाद में अब 50 किलोमीटर तक अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर गैर संवैधानिक व बिना कानून नोटिस दिए जा रहे है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में देश के वास्तविक और गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए बॉर्डर क्षेत्र को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाया जा रहा है। देश का किसान बढ़ती लागत, महंगे पेट्रोल-डीजल और खाद की कीमतों से परेशान है, युवाओं के सामने रोजगार का संकट है तथा परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। व्यापार और छोटे व्यवसाय भी लगातार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोम���टर तक का दायरा निर्धारित किए जाने से क्षेत्र के लोगों को मिलने वाली कई सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 50 किलोमीटर क्षेत्र में लोगों को चिन्हित कर कानून और संविधान की भावना के विपरीत नोटिस जारी किए जा रहे हैं तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद किए बिना कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि फागलिया पंचायत समिति क्षेत्र में भलगांव सरपंच के पुत्र के साथ दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने तथा धनाऊ क्षेत्र में एक आदिवासी भील सरपंच को परेशान करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। यह केवल दो पंचायतों की बात नहीं है, बल्कि कई स्थानों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि बिना जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से संवाद किए की जा रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक भावना के अनुरूप नहीं है।
हरीश चौधरी ने कहा कि कुछ ताकतें जाति, धर्म और समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर थार के भाईचारे को कमजोर करना चाहती हैं, लेकिन दुनिया की कोई भी ताकत इस क्षेत्र की ��पणायत और सामाजिक सौहार्द को समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि थार के लोग हर कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन भाईचारे और सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे।
उन्होंने पत्रकारों और आमजन से अपील करते हुए कहा कि ��ेशहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। बॉर्डर क्षेत्र हमेशा शांति, भाईचारे और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रहा है तथा इसे राजनीतिक विवादों का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने हमेशा देश की सुरक्षा और एकता के लिए योगदान दिया है, इसलिए उनके सम्मान और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस अवसर पर बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल, पूर्व मंत्री गफूर अहमद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, पूर्व विधायक चौहटन पदमाराम मेघवाल, गडरारोड़ निवर्तमान प्रधान सलमान खान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कड़वासरा सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
@Barmer_Harish
जैसलमेर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरदीन फ़क़ीर जी ने मिलकर क्षेत्र में जनहित के मुद्दों एवं संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा की।
📍बायतु,ढाणी
@Amardeenfakir
कृषि मंत्री इस्तीफा दो
आज नागौर में बीज निगम में भ्रष्टाचार और नकली खाद बीज के नाम पर अवैध वसूली और उगाई को लेकर नागौर जिला कांग्रेस के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग की।
#nagaurcity#nagaur#Congress#CongressParty@INCIndia
सत्ता की तानाशाही के विरुद्ध भोपाल में कांग्रेस परिवार के साथ निर्वाचन आयोग कार्यालय के समक्ष हमारा संघर्ष जारी है।
यह लड़ाई केवल एक नामांकन की नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की रक्षा की लड़ाई है। हम सभी मिलकर पूरी मजबूती के साथ इस अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करेंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर संवैधानिक लड़ाई लड़ेंगे।
भाजपा सरकार ने केवल एक नामांकन रद्द नहीं किया है, बल्कि लोकतंत्र का चीरहरण करने का प्रयास किया है। जब विपक्ष की आवाज़ को प्रशासनिक दबाव और संस्थाओं के दुरुपयोग के माध्यम से दबाने की कोशिश की जाती है, तब यह पूरे देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी होती है।
संविधान सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
@INCIndia@kharge@RahulGandhi@kcvenugopalmp@INCMP
देश में इससे पहले कभी इस प्रकार के नोटिस के आधार पर कोई नामांकन रद्द नहीं किया।
भाजपा ने अपनी हार के डर से सुनियोजित रणनीति के तहत यह नामांकन रद्द किया है
हमारा शीर्ष नेतृत्व दिल्ली में और हम यहाँ भोपाल में चुनाव आयोग के सामने मज़बूती से डटे हुए।
@INCIndia@kharge@RahulGandhi@kcvenugopalmp
मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन खारिज किया जाना लोकतंत्र की आत्मा और संविधान की मर्यादा पर सीधा प्रहार है।
मीनाक्षी नटराजन जी के विरुद्��� कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। मात्र एक नोटिस को आधार बनाकर, सत्ता के दबाव में इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि भाजपा अब लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा से नहीं, बल्कि संस्थाओं के दुरुपयोग के सहारे राजनीतिक लड़ाई लड़ना चाहती है।
हम इस अन्याय के विरुद्ध हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। यह केवल मीनाक्षी नटराजन जी या कांग्रेस पार्टी की लड़ाई नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश के हर उस नागरिक की लड़ाई है जो निष्पक्ष चुनाव और स्वतंत्र संस्थाओं में विश्वास रखता है।
देश देख रहा है कि किस प्रकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक परंपराओं को कुचला जा रहा है। लेकिन इतिहास गवाह है कि सत्ता के बल पर सच को दबाने की हर कोशिश अंततः जनता की अदालत में पराजित हुई है। संविधान से बड़ा कोई नहीं है, और लोकतंत्र की हत्या करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
“हमने हरीश चौधरी को तैयार किया और किसानों के बीच नया नेतृत्व खड़ा किया।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम च���धरी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा–
“अब उन्हें मैं क्या नसी��त दूं? वे राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, केंद्र में मंत्री रह चुके हैं और प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। इतने बड़े अनुभव वाले व्यक्ति को सलाह देने की मेरी कोई हैसियत नहीं है।
उन्हें स्वयं इस पर विचार करना चाहिए। हम तो समय-समय पर दूसरों को अवसर देते रहे हैं जैसे हमने हरीश चौधरी को तैयार किया और किसानों के बीच नया नेतृत्व खड़ा किया। इसी तरह हमने उम्मेदा राम बेनीवाल को भी आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई और उन्हें सांसद बनाया। अब ये सभी आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालेंगे और कांग्रेस को मजबूती देंगे।
हमारी उम्र अब हो चुकी है। कब तक हम जनता और कांग्रेस की सेवा करते रहेंगे? अब समय है कि नए लोगों को आगे आने दिया जाए।”
चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित कुलदेवी माँ कालका माताजी के पावन दरबार में दर्शन एवं पूजन कर प्रदेश और देश में अमन-चैन, सुख-शांति, समृद्धि तथा सभी के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। माँ का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे।
आजादी आंदोलन के साक्षी, नोखागांव बीकानेर के पूर्व सरपंच एवं हमारे पारिवारिक सदस्य चौधरी भीयाराम जी गोदारा के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
उन्होंने सामाजिक जीवन में जनसेवा, संघर्ष और मूल्यों की जो मिसाल कायम की, वह सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।
ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवारजनों को यह असहनीय दुःख सहन करन�� की शक्ति प्रदान करें।