भगत सिंह जब लाहौर जेल में बंद थे तब जेल में एक बुजुर्ग सफाईकर्मी आता जिसका नाम बोघा था..!
बोघा दलित समाज से आता था उस दौरान में 1930 में जात पात छुआछूत बहुत ज्यादा हुआ करती थी..!
भगत सिंह बोघा क��� प्यार से "बेबे" कहकर बुलाते थे, पंजाबी में मां को प्यार से बेबे कहते है..!
जब ब्रिटानी अधिकारी ने भगत सिंह से फांसी के कुछ दिन पहले आखरी इच्छा पूछी तो भगत सिंह ने कहा "में बोगा के घर से बना खाना बोगा के हाथ से बना खाना चाहता हूं"
इस पर बोगा ने कहा आप इस देश राजकुमार हो आपका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा इस पर भगत सिंह ने कहा मां से बढ़कर तुमने मेरी सेवा की आपसे मेरा धर्म कैसे भ्रष्ट हो सकता है..!
इस पर बोगा ने कहा भगत सिंह जी आपकी मां ने एक जिंदादिल शेर बेटे को जन्म दिया है, आपकी मां धन्य हैं...!
लेकिन जब बोगा खाना लाता उससे पहले ही ब्रितानियों ने भगत सिंह को तय समय से 12 घंटे पहले 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी थी....!
भगत सिंह छुआछू�� के घोर विरोधी थे, बोगा के लिए जो प्यार दिखाया वो सदियों तक याद किया जाएगा..!
सच्ची निगाहें कमियों को नहीं, बल्कि इंसान की काबिलियत को देखती हैं।
एक पेट्रोल पंप मालिक ने मूंक बधिर कर्मचारियों को निकालने की वजाय
उसके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान कर उसेअपने पेट्रोल पंप पर काम दे दिया।
क्योंकि व्यक्ति न बोल सकता है न सुन सकता है तो मालिक ने पेट्रोल मशीन पर एक चार्ट लगा दिया,
जिसमें अलग-अलग कीमतें लिखी हुई थीं।
ग्राहक को जितने का पेट्रोल लेना होता है
चार्ट पर उंगली रखकर बता देता है।
कर्मचारी उंगली के निशान से पहचान कर उतने रुपए का ही पेट्रोल डाल देता है।
मूंक बधिर होने के बावजूद, वह व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन से अपना काम कर रहा है।
यदि सही अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो शारीरिक सीमाएं कभी भी सफलता के आड़े नहीं आतीं।
हापुड़ की जिला कलक्टर कविता मीणा का यह मानवीय अंदाज दिल जीतने वाला है। गढ़मुक्तेश्वर में बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने पहुंचीं डीएम ने एक बुजुर्ग की तबीयत ��राब होने पर खुद दवाई देने की चिंता जताई। जनता के प्रति ऐसी संवेदनशीलता और अपनापन रखने वाले अधिकारी वाकई सराहनीय हैं।
स्कूलों में कैमरा बैन करके पारदर्शिता नहीं, सवालों पर पर्दा डाला जा रहा है।
अगर सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की व्यवस्था बेहतर है, तो उनकी हकीकत कैमरे से दिखाने में डर कैसा? जनता के पैसे से चलने वाली व्यवस्था का सच जनता तक पहुँचना चाहिए।
मुझे दुख है कि ऐसे लोग आज भी जिंदा हैं 🥵
ऐसे लोगों को फांसी हो होनी चाहिए।😭
एक बेटी अपने परिवार को पालने के लिए डिलीवरी का काम करती है।
और उसकी मजबूरी का लोगो ने फायदा उठाया,
घटना कही की भी हो कार्यवाही होनी चाहिए
अगर CCTV नहीं होती तो घटना का पता भी नहीं चलता ,यह घटना रात 10 बजे की है।
हम भारतीय कानून, महिला आधिकारिक न्याय विभाग, से निवेदन करते हैं कि ऐसी सजा मिले जिससे ऐसी सोच रखने वालों की रूह तक काफ़ जाए ✍️🫵🫵
@NCWIndia@India_NHRC@unwomenindia@UN_Women
हम सभी राजनीतिक पार्टियों से निवेदन है राजनीति छोड़ इन दरिन्दों को सज़ा दिलवाए
एक महिला जयपुर से श्रीगंगानगर के लिए ट्रेन से सफ़र कर रही थी। रात के 1 बजे कुछ लोग बगल वाली कम्पार्टमेंट में शराब पीकर गाली गलौज ��र रहे थे।
महिला ने उन्हें बोला ऐसा मत करो बच्चे है। फिर भी वो लोग नहीं माने। आरोप ये भी है कि एक भी पुलिस वाला नहीं है ,पूरे कोच में या ट्रेन में।
मिलिए रूपा दिवाकर मौदगिल मैम से।
• वह ��बसे खराब IPS अधिकारी हैं
• सिर्फ़ 24 सालों में 41 से ज़्यादा बार उनका ट्रांसफ़र हुआ
उनके कारनामे:
• एक मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ़्तार किया
• VVIP जेल के अंदर ₹2 करोड़ की भारी-भरकम रिश्वत का पर्दाफ़ाश किया
• बड़े नेताओं की गैर-ज़रूरी सुरक्षा हटाई
• साइबर-क्राइम के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
एक ईमानदार अधिकारी अपने आस-पास के पूरे सिस्टम को बदल सकता है, लेकिन यह मत भूलिए कि यह भारत है...
यहाँ, ईमानदारी मतलब अपराध
यह अंजना ओम मोदी कोआखिर क्या हो गया है?
मुझे तो अपने कानो पर यकीन नहीं हो रहा कि सरकार के इशारे पर बजने वाला इनका भोंपू आज सत्ता के खिलाफ क्यो बजने लगा..
आप भी सुने ऐसा क्या हुआ हो सकता है या फिर कुछ होने वाला है।
@amar_4inc Kahin main yeh sapna to nahin dekh raha hoon
Ki yeh ane wale toofan ke pahle ki tayyari hai ya yeh maan le ki
Jab jahaj doobne lagta hai to chuhe uchhal kood kane lagte hai usi taraf ishara hai yeh