सरकारी लेट-लतीफी: 15 मिनट की दूरी, 1 घंटे की देरी, कई ��ासूमों पर भारी।
अलीगंज थाने की FIR कहती है आग 2:30 बजे लगी, रिकॉर्ड कहते हैं सूचना 2:27 पर मिल गई थी। लेकिन फायर ब्रिगेड कब पहुंची? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पूरे 1 घंटे बाद!
ये है उत्तर प्रदेश की राजधान�� लखनऊ का हाल, जहां जनता खुद पत्थर मारकर लोगों की जान बचाने को मजबूर है क्योंकि 'सिस्टम' अभी रास्ते में ही हांफ रहा है। जब रैलियों के लिए रूट डायवर्जन करना हो, तो यूपी पुलिस और प्रशासन मिनटों में हाईवे खाली करा देता है। लेकिन जब लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में मासूम बच्चे आग की लपटों में जिंदगी की गुहार लगा रहे थे, तो देश की सबसे 'हाईटेक' कही जाने वाली राजधानी की फायर ब्रिगेड को पहुंचने में 1 घंटा लग गया!
यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, यह प्रशासनिक हत्या है। 15 बच्चों की जान बच सकती थी, अगर सरकार की प्राथमिकताएं 'इवेंट' से हटकर 'इंफ्रास्ट्रक्चर' और जनता की सुरक्षा पर होतीं।
फोटो में दिख रही महिला का नाम ऊषा पटेल है। स्वयं गुजरात से है और यूके में काम करती है।
ब्रिटेन में उसने अपने सामने बैठे एक मुस्लिम आदमी को देखा। इसके बाद वही टिपिकल प्रवृत्ति सामने आई, जो पिछले कुछ सालों में, खासकर 2014 के बाद, कुछ लो���ों में फैलती हुई दिखाई देती है—धर्म के आधार पर दूसरों को परेशान करने की भयंकर चुल्ल।
सुना है कि भारतीय राष्ट्रीय गर्व की भावना में ओतप्रोत होकर उसने सामने वाले व्यक्ति से पूछना शुरू कर दिया कि वह मोरक्को या ट्यूनीशिया जैसे (मुस्लिम) देशों में "वापस क्यों नहीं चला जाता?"
लेकिन एक गड़बड़ हो गई।
जिस व्यक्ति को उसने निशाना बनाया, वह एक ब्रिटिश डॉक्टर था, जिसे ठीक-ठीक पता था कि ऐसी स्थिति में एक्जेक्टली क्या करना चाहिए। उस��े पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की और रेलवे पुलिस के अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी।
नतीजा?
आपराधिक दोषसिद्धि, जेल की सज़ा और भारत के लिए एकतरफा टिकट कटा के टाटा बाय बाय।
(वीडियो chaiye तो कमेंट बॉक्स में लिखो) मुस्लिमों के खिलाफ़ ज़हर mat फैलाओ
हिंदुस्तान के सबसे मशहूर प्रजाति के कछुए ग्रेट निकोबार में हैं - उनको तबाह करने पर तुले हैं
और विदेशी कछुओं को दुलरा रहे हैं
हिपोक्रेसी की भी सीमा होती है मोदी जी
“ऐसी बदतमीज़ महिला को माइक कौन दे देता है”
बात हो रही है एक बदक़िरदार महिला @ElahiNazia1 की जो चार मर्दों से शादी करके अभी हाल में पुनीत वशिष्ठ के साथ थी।
पुनीत ने ख़ुद बताया है की वो कितना सेक्स एडिक्ट और बदक़ीरदार है।
Bro became a Road Engineer
Now owns 20 acres of land + 5 kg gold. Assets worth over ₹25 crore
All achieved on a salary of ₹85,000 per month. Power of compounding
An Innocent Girl feeding a calf while the Rogue BJP Govt buldozes her house.
Be Kind @narendramodi ji.
If the same people turn ROGUE, you'll be HOMELESS one day...
A young Muslim girl respectfully refrains from greeting her male teachers after shaking hands with her female teachers. ✨
Incredible how she’s maintaining the Sunnah.
Modi is visiting to Seychelles.
He will be there for 3 days to celebrate their National Day.
Now you know what’s the funniest thing here ?
Seychelles is the least populated African country which has a population of only 1 lakh.
and Bud is going on a 3 day trip from taxpayers money to a country which has only 1 lakh people 😭😭
Bud was literally asking us to avoid travelling to abroad for vacations a few days back.
What did we do to deserve this ??
Unpacking a Crucial Question: Does our legal system truly protect everyone? 🤔👇
In a shocking incident from Ladwa, Haryana, a 30-year-old cancer patient has accused police personnel of brutal assault and sexual misconduct. While the accused officers were suspended, the legal technicalities point to a massive, uncomfortable truth about our legal framework.
⚖️ The Reality of the Law:
Under current legal definitions, the specific charges of ‘rape’ often face restrictive gender barriers, leading to male victims of sexual violence being protected primarily under assault and unnatural offense clauses, rather than standard sexual assault metrics that apply to women.
Violence is violence, and trauma knows no gender. If we believe in absolute equality, our laws must adapt to offer identical definitions of protection and justice for every individual—man, woman, or otherwise.
💬 What are your thoughts on this? Should our legal provisions change to become strictly gender-neutral when dealing with sexual misconduct and violence? Let’s discuss respectfully in the comments below. 👇
#EqualityInJustice #MensRights #LegalReform #HumanRightsViolations
शहीदों के ताबूत में घोटाला करने वाली भाजपा ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत पर देश की जनता को गुमराह करती रही है।
जिसके बाद देश की जनता भी जान गई है —“भाजपा ना जवान की है, ना भगवान राम की है!”
यह सोशल मीडिया की ताकत है। राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले के बिछीवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक बुज़ुर्ग व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने गए थे।
वहाँ उनकी मुलाक़ात रीना गर्ग नाम की एक पुलिस कॉन्स्टेबल से हुई, जो उनकी शिकायत में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही थीं।
इसके बाद, ग़ैर-पेशेवर व्यवहार का एक अजीब नज़ारा देखने को मिला, जब कॉन्स्टेबल ने अपने दोनों पैर मेज़ पर रख दिए।
यह एक बुज़ुर्ग व्यक्ति के प्रति बुनियादी शिष्टाचार की पूरी तरह अनदेखी थी।
अच्छी बात यह रही कि पुलिस स्टेशन में मौजूद किसी व्यक्ति ने रीना की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर डाल दी।
और राजस्थान पुलिस को इस मामले पर संज्ञान लेना पड़ा।
डूंगरपुर के SP मनीष कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस जनता की सेवा के लिए होती है। लेकिन यह वायरल तस्वीर दिखाती है कि जब लोगों के हितों की सेवा करने की बात आती है, तो कुछ मनमानी करने वाले पुलिसकर्मी कैसा व्यवहार क��ते हैं।
सोशल मीडिया की वजह से अब पुलिस भी जवाबदेही से बच नहीं सकती!
@PoliceRajasthan Great work done by You 👍😎