घोड़ी तब तक बेचैन रहती है
जब तक कोई उन पर चढ़कर सही से
!! घुड़सवारी ना कर ले !!
और घोड़ी जिस समय अपनी रफ्तार पकड़ती है
तब घुड़सवार भी हिम्मत हार जाता है !!
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🟢 मुझे बस एक ऑनलाइन दोस्त चाहिए। कोई ऐसा जिसे मैं नहीं जानती और जो मुझे नहीं जानता हो। एक ऐसा रिश्ता जहाँ मैं हर बात कह सकूं, और वो भी अपनी बातें मुझसे साझा कर सके। आजकल लगता है कि हर किसी को बस रिश्ते चाहिए होते हैं। पर मुझे सिर्फ एक दोस्त चाहिए।
घोड़ी तब तक बेचैन रहती है
जब तक कोई उन पर चढ़कर सही से
!! घुड़सवारी ना कर ले !!
और घोड़ी जिस समय अपनी रफ्तार पकड़ती है
तब घुड़सवार भी हिम्मत हार जाता है !!