Indian young men and women were falling into the abyss of decline since the western Valentine's Day. Pujya Sant Shri Asharamji Bapu has improved the lives of thousands of youth by giving inspiration to the मातृ पितृ पूजन दिवस
Happy #Parents_Worship_Day
भगवान के चार प्रकार के भक्त होते हैं। एक होता है आर्त — दुख, कष्ट, मुसीबत आती है और भगवान का नाम लेता है। भगवान बोलते हैं, फिर भी ठीक है, भले संसार का मतलब है, लेकिन मेरी शरण आ रहा है। चलो कोई बात नहीं, ऊँची शरण तो है। तीन प्रकार की शरणागति होती है — हीन शरणागति, मध्यम शरणागति और उत्तम शरणागति। जैसे कैकेयी है और मंथरा के कहने में आती है तो हीन शरणागति। राम जी हैं और वशिष्ठ के कहने में आते हैं तो उत्तम शरणागति।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjiashram#VaishakhMaas में सूर्योदय पूर्व स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।
Sant Shri Asharamji Bapu सत्संग व सत्साहित्य के माध्यम से बताते हैं कि इस पवित्र मास में जप, स्नान और सत्कर्म करने से मन, बुद्धि और आत्मा में दिव्यता जागती है।
Sanatan Dharma
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हर हर महादेव!
सम्पूर्ण जगत निर्दोष है।
हर आत्मा ईश्वर का अंश है,
हर घटना मेरे विकास का अवसर है।
मैं किसी में दोष नहीं देखूँगा,
क्योंकि सब अपने-अपने धर्म में स्थित हैं।
मैं अपने भीतर की शांति को जाग्रत करूँगा,
और इस शांति को अपने कर्मों से जग में बाँटूँगा।
मैं आज का दिन
कर्तव्य, करुणा और आत्मबल के साथ बिताऊँगा।
मेरा विचार शुद्ध हो,
मेरे कर्म निर्मल हों,
मेरी वाणी मधुर हो।
मैं निर्दोष हूँ — जग निर्दोष है —
सबमें परमात्मा है।
ॐ शांति: शांति: शांति:॥
भगवान की दया और शिष्य की श्रद्धा, इन दो के मेल से साधक का जन्म होता है।जैसे हवा, आंधी-तूफान में तिनके और पेड़-पौधे हिलने लगते हैं, भागने लगते हैं।
लेकिन बड़ा हिमालय कब हिला, कब भागा।
ऐसे संसार के सुख-दुःखों में जो फिसलते रहते हैं, वे लघु हैं।
लेकिन जिनको गुरु की दीक्षा मिल गई, वे धीरे-धीरे फिसलने वाले संसार में भी अडिग से चलते रहते हैं, और ऐसी अधिकता आती है कि मौत के समय भी वे अपनी मौत नहीं मानते।
मौत शरीर की है, और मैं अमर आत्मा हूँ।
ऐसे गुरु के ज्ञान को पाकर वे अमर आत्मा को पा लेते हैं।
जिसका कोई सतगुरु नहीं, उसका कोई सच्चा हितैषी भी नहीं है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ 🌸 सत्संग का अमृत और पात्रता 🌸
🙏 केवल वही व्यक्ति सत्संग का सच्चा अमृत पी सकता है
जिसमें जप, तप, सेवा, वैराग्य और ईश्वर प्राप्ति की तीव्र तड़प हो।
💫 सत्संग केवल सुनने से नहीं, आत्मा से जीने से मिलता है।...✨
#SantShriAsharamjiBapu
@Asharamjibapu__ 🌸 सत्संग का अमृत और पात्रता 🌸
🙏 केवल वही व्यक्ति सत्संग का सच्चा अमृत पी सकता है
जिसमें जप, तप, सेवा, वैराग्य और ईश्वर प्राप्ति की तीव्र तड़प हो।
💫 सत्संग केवल सुनने से नहीं, आत्मा से जीने से मिलता है।...✨
#SantShriAsharamjiBapu
भगवान की दया और शिष्य की श्रद्धा, इन दो के मेल से साधक का जन्म होता है।जैसे हवा, आंधी-तूफान में तिनके और पेड़-पौधे हिलने लगते हैं, भागने लगते हैं।
लेकिन बड़ा हिमालय कब हिला, कब भागा।
ऐसे संसार के सुख-दुःखों में जो फिसलते रहते हैं, वे लघु हैं।
लेकिन जिनको गुरु की दीक्षा मिल गई, वे धीरे-धीरे फिसलने वाले संसार में भी अडिग से चलते रहते हैं, और ऐसी अधिकता आती है कि मौत के समय भी वे अपनी मौत नहीं मानते।
मौत शरीर की है, और मैं अमर आत्मा हूँ।
ऐसे गुरु के ज्ञान को पाकर वे अमर आत्मा को पा लेते हैं।
जिसका कोई सतगुरु नहीं, उसका कोई सच्चा हितैषी भी नहीं है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ ..✨🥀⭐🥀✨..इतना बड़ा त्यौहार हैं दीपावली..
झाडू से लेकर सोना, चांदी, हीरे, मोती, जवाहरात तक.. साइकिल से लेकर BMW तक सबकी बिक्री हुयी
लेकिन किसी निर्दोष जीव की हत्या नही हुयी
इसे ही कहते हैं सनातनी
हिन्दुओं का पर्व..✨🥀⭐🥀✨..
#SantShriAsharamjiBapu
@Asharamjibapu__ ..✨🥀⭐🥀✨..इतना बड़ा त्यौहार हैं दीपावली..
झाडू से लेकर सोना, चांदी, हीरे, मोती, जवाहरात तक.. साइकिल से लेकर BMW तक सबकी बिक्री हुयी
लेकिन किसी निर्दोष जीव की हत्या नही हुयी
इसे ही कहते हैं सनातनी
हिन्दुओं का पर्व..✨🥀⭐🥀✨..
#SantShriAsharamjiBapu
यह नूतन वर्ष हुआ तो सत्यानाश हो जाएगा। इससे तो दिवाली और नूतन वर्ष कोई शराब नहीं, कोई बकरा नहीं। अपना पाप ताप मिटाकर नारायण का स्मरण करने वाली मैया दिवाली, नूतन वर्ष तुझे प्रणाम है । #SantShriAsharamjiBapu