IPL से फुर्सत मिल गई हो तो मेरे 3 सवालों का जवाब दीजिए और अगर जवाब नहीं दे पा रहे है तो कम से कम खुद चिंतन कीजिए ....
1. सरकारी वकील आखिर हर केस क्यों हार जाते हैं.? क्या उन्हें केस जीतने की कसम नहीं खिलाई जाती या बस खानापूर्ति करने की तनख्वाह मिलती है.?
2. क्या सरकारी वकील अपनी डिग्रियाँ नालियों से उठाकर लाते हैं , या फिर इनकी योग्यता सिर्फ सरकारी ठप्पे तक सीमित होती है.?
3. अगर ये वकील वाकई काबिल हैं तो फिर न्याय हमेशा अमीर के पक्ष में और गरीब के गले में फंदा क्यों बन जाता है.? इनकी भर्ती में क्या सच में कोई योग्यता देखी जाती है या सिर्फ रिश्ता और रिश्वत चलता है.?