@the_ranthambhor भाई आप सब बैठ कर पहले तय कर लो कोई मीणा बंधु बोल रहा है गुर्जरों से पानी लेके रहेंगे, कोई बोल रहा है 2007, 2008 याद दिल देंगे।
आपको जो करना है करो परंतु बुजुर्गों द्वारा बनाए गए वर्षों पुराने भाईचारे को खत्म न होने दे।
मीणा समाज के भाई बंधुओं से आग्रह है कृपया शांति व्यवस्था बनाए रखे।
अब सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जी आपके, अधिकारी आपके अब आपको गुर्जरो पर गोलियां चलवाने में समस्या नहीं होगी।
@Arjun_Mehar अब 2007 दोहराने में आपको समस्या नहीं होगी।
गुर्जरों पर गोलियां चलवा दो।
@IndiraMeena_ सरकार द्वारा मीणा समाज के अधिकारियों पर भरोसा जताया गया है के वह मीणा समाज में उत्पन्न रोष को शांत कर मामले को सुलझा सकते है।
सरकार का यह कदम मीणा समाज के बढ़िया है।
@Rajasthan_Radio क्यों भाई क्या आपको भरोसा नहीं है के मीणा समाज के अधिकारी इस मुद्दे को सुलझा सकते है?
वैसे भी आप बोल रहे थे के सरकार आपकी नहीं है।
अब तो सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जी आपके, अधिकारी आपके अब आपको गुर्जर पर गोलियां चलवाने में समस्या नहीं होगी।
न किसी समाज के प्रति ज़हर और न ही अमर्यादित भाषा।
अपनी बात को संयम और मर्यादा के साथ रखना, हाकिम बैसला जी के धैर्य और परिपक्व नेतृत्व को दर्शाता है। इतने दबाव के बावजूद वे अपनी बात शांत और संतुलित तरीके से रख रहे हैं।
गुर्जर समाज ने हमेशा भाईचारे को मजबूती से निभाया है और आज भी संयम, संवाद और सामाजिक सौहार्द की राह पर चल रहा है।
भाई, समझ सबको आ रहा है। अगर लोग पानी रोकने जैसे कदम उठा रहे हैं तो उसके पीछे यह भावना है कि उनकी मांगें अभी तक सरकार ने नहीं मानी हैं।
अब मीणा बंधुओं को भी यह सोचना चाहिए कि उनकी मांग सरकार से है, इसलिए सरकार पर ही दबाव बनाया जाए। दोनों समाज संयम बरतें और कानून-व्यवस्था का मामला प्रशासन पर छोड़ें। टकराव से किसी का भला नहीं होगा, नुकसान दोनों पक्षों का होगा।
शायद समझ आपको नहीं आ रहा कि आपका उपयोग क्यों हो रहा है।
@BarwalMuk58662 भाई, हम भी सब देख और सुन रहे हैं। शुरुआत कहीं से भी हुई हो, लेकिन हम नहीं चाहते कि इसका अंत बुरा हो। किसी भी तरफ से मामला खराब हुआ तो नुकसान दोनों समाजों का होगा। इसलिए संयम और शांति बनाए रखें, क्योंकि टकराव में किसी का भला नहीं है।
यदि गुर्जर समाज सरकार से अपने हिस्से के पानी की मांग कर रहा है, तो इससे मीणा बंधुओं को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मीणा बंधुओं को भी अपनी मांग सरकार के समक्ष रखनी चाहिए। पानी उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, और हमारी इच्छा है कि पानी सबको मिले तथा उसका न्यायपूर्ण वितरण हो।