India’s ascendancy is quantifiable 📈 — 7.8% GDP growth in Q1 FY27, transcending RBI’s projections on the strength of robust manufacturing, services & investment. A civilization reclaiming its economic preeminence, incrementally and inexorably.
@narendramodi
A nation’s strength lies in the aspirations of its young minds. It was an honour to felicitate the bright achievers of government schools whose grit and perseverance have set inspiring benchmarks
My deep appreciation to the educators and parents who nurture such talent.
Tuned in to Hon’ble PM Sri Narendra Modi Ji’s #MannKiBaat from Jaipur today.
His insightful reflections on #VocalForLocal, innovation, natural farming, yoga, and self-reliance articulated India’s resolve to build an inclusive, sustainable and self-reliant future.
Privileged to call on the Hon’ble Governor along with fellow members of the Public Accounts Committee. A stimulating exchange enriched by his profound insights and decades of public service.
An eminent parliamentarian and former Leader of the Opposition.
@Gulab_kataria
एशियन गेम्स 2026 के लिए देश का प्रतिनिधित्व करने वाली सभी पहलवान बधाई की पात्र हैं। इन सबने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की इबारत लिखी है। देश को इन बेटियों पर गर्व है और इनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
ट्रायल्स में हार के साथ भले ही विनेश फौगाट का एशियन गेम्स 2026 का सपना अधूरा रह गया। लेकिन वह खूब लड़ी! पूरे ��िस्टम के खिलाफ लड़ती रही। कुश्ती के अखाड़े से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी। विनेश का संघर्ष किसी जीत से कम नहीं है।
ट्रायल में शामिल होने से लेकर 53 किग्रा भार वर्ग में खेलने तक और ��िर एक-एक अंक के लिए उसे लड़ना पड़ा। हार-जीत से इतर विनेश का यह संघर्ष और लड़ने का जज्बा एक मिसाल बन गया है। माँ बनने के चंद महीनों के भीतर मैट पर लौटना और फिर विरोधियों के सारे मंसूबों पर पानी फेरते हुए ट्रायल्स के सेमीफाइनल तक पहुंचना, वाकई अद्भुद है। यह सिर्फ विनेश ही कर सकती है। और अब भी उसने हार नहीं मानी है। @Phogat_Vinesh #wrestling
लोगों तुम्हें शर्म आनी चाहिए हार के बाद जीत भी आती है
सेमीफाइनल ट्रायल में हार गई तो क्या हो गया?
मां बनी 10 महीने पहले ही उसकी C-Section डिलीवरी हुई है
पेरिस ओलंपिक के 20 महीनों बाद मेट पर वापसी करी, चुनाव लड़ा
फिर भी व्यवस्था से लड़ कर मेट पर लडी है
शेरनी @Phogat_Vinesh
सेमीफाइनल में बाहर होने के बाद विनेश ने कहा 'फिर आऊंगी लौटकर' 🎉🙏
बिल्कुल आना भी चाहिए,,, आप हिंदुस्तान में महिला रेसलिंग की आइडल हो बह��
@Phogat_Vinesh
इतनी रोली नहीं करनी चाहिए मीनाक्षी गोयत! 😤
फाइनल में अंतिम पंघाल से हारने के बाद अब WFI पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। कह रही हैं — “इतनी अव्यवस्था किसी खेल संघ में नहीं होनी चाहिए।”
चयन प्रक्रिया, आयोजन और पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा दिए।
एक खिला��़ी जब इस स्तर पर असंतोष जताए तो ये सिर्फ उसकी व्यक्तिगत शिकायत नहीं, बल्कि भारतीय कुश्ती प्रशासन की पूरी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
WFI अगर खिलाड़ियों का विश्वास नहीं जीत पा रही तो अब सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ��े भी तो विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल्स की अनुमति दे दी।
लेकिन सवाल सरकार से आज भी वही है।
देश की होनहार प्रतिभा को अब और कितना रोकेंगे?
एक ओलंपियन खिलाड़ी को बार-बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
ये किसकी मजबूरी है?
खिलाड़ी की या सिस्टम की?
देश की बेटी को खेलने दो।
उसकी मेहनत को मत रोको।
इससे शर्मनाक बात नहीं हो सकती।
जब दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान बहन विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी है, तो अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन WFI अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया इस फैसले को चुनौती देने। बताओं सारी शक्ति लगा रखी है की विनेश का ट्रायल न हो। शर्म आनी चाहिए इन्हें। लेकिन हमे विश्वास ��ै अंततः न्याय मिलेगा। @Phogat_Vinesh
माननीय मंत्रीजी, कृपया दो बातें स्पष्ट करें -
पहला - आपने पूछा कि "कितने बड़े आदमी हो आप?"
सवाल - इस गर्मी में गाड़ी में एसी चला कर बैठने के लिए कितना बड़ा आदमी होना पड़ेगा...??
दूसरा - आपने कहा "आप बैठे हो गाड़ी में अफसर की तरह एसी चलाकर!"
सवाल - क्या बड़े अफसरों को गाड़ी में एसी चलाकर बैठने की छूट है और तेल बचाने का पूरा जिम्मा छोटे कर्मियों और आम लोगों पर ही है...??
दरअसल मंत्रीजी को दोपहर की गर्मी में जनता से ज्ञापन लेने पड़ रहे थे और शायद इसी बात की झल्लाहट इन पुलिसकर्मी पर निकली...!!
@INCIndia@INCRajasthan
क्या गाड़ी में AC चलाकर बैठने का अधिकार सिर्फ अफसरों को है ? एक कांस्टेबल या ड्राइवर के लिए गर्मी में बैठना क्यों ज़रूरी है ? आपके आने से पहले तो तपती गाड़ी बिल्कुल ठंडी होनी चाहिये और खुद इन्हें इंतज़ार में बिना AC रहना है, ऐस��� क्यों ? https://t.co/zAIKb4flIz
माननीय दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान बहन विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति का फैसला स्वागत योग्य है।
बहन विनेश फोगाट को चयन ट्राय��� में सफलता के लिए हमारी अग्रिम शुभकामनाएं हैं। @Phogat_Vinesh
Participated in “Building Viksit Bharat @2047 – Advancing Health & Education Reform” in New Delhi. Thought-provoking deliberations on innovation and systemic reforms reaffirmed that resilient health and education frameworks are indispensable to realizing #ViksitBharat2047.