गर्मी के भयानक प्रकोप को देखकर शासन का बेहतरीन निर्णय..बेसिक में स्कूलों का समय हुआ 7:30am से 1:30pm।
वाह!! 2:00pm की गर्मी आधे घण्टे पहले शीतलहर के रूप में होगी।
अति है निरंकुशता की..अधिकारी सरकार को डुबो के ही मानेंगे।
@DrDCSHARMAUPPSS आप कुछ करेंगे या मलाई इस बार भी मोटी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी कह रहे हैं कि हमने प्रधान अध्यापकों के पद समाप्त नहीं किए हैं
हम कह रह कि पद यदि समाप्त नहीं है तो स्वीकृत पदों के सापेक्ष नियुक्त प्रधान अध्यापक को सप्लस क्यों घोषित किया जा रहा है
तो अधिकारी का कहना है कि नियुक्ति बहीं होगी जहाँ पीएस में 150 तथा यूपीएस में 100 छात्र संख्या होगी क्योंकि आर टी ई के अनुसार बहाँ प्र अ नहीं होगा तो ऐसे पदों का शिक्षक क्या करेंगे ।
आर टी इ वर्ष 2009 में आया और उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में लागू किया
2011 से 2012 तक की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री जी से अनुरोध किया गया कि यदि किसी विद्यालय में आपको न्यून तम २ स अ रखने हैं तो एक प्र अ एवं एक स अ रखिए तो उस सरकार ने इस सुझ���व को माना और किसी भी प्र अ को नहीं हटाया गया
2012 से 2017 तक की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री राम गोबिंद चौधरी जी के समय भारत सरकार से आर टी ई के अनुसार शिक्षक तैनाती की बात जब आई तो उन्होंने संघ को वार्ता को बुलाया और चर्चा के बाद निर्णय लिया कि प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधान अध्यापक अवश्य नियुक्त करेंगे उसके बाद उन्होंने प्र अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए प्रा वि के प्र अध्यापक के ���द ��र पदोन्नति हेतु आवश्यक न्यूनतम सेवा अवधि 5 वर्ष को घटाकर 3 वर्ष कराया और लगभग एक लाख शिक्षकों की पदोन्नति हुई
यही बात आज भी विभाग से कह रहे हैं कि प्रत्येक विद्यालय में एक प्र अध्यापक अवश्य रखिए लेकिन यह मानने को तैयार नहीं है
वर्ष 2015 से आज तक एक भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं हुई ।
कोई भी विभाग,संस्था या सरकार बिना मुखिया के नहीं चलता लेकिन यह विद्यालय विना हेड मास्टर के चलायेंगे और हेड काम सहायक अध्यापक से लेंगे वो भी हेड के पद का वेतन दिए बिना ।यह तानाशाही नहीं तो क्या है ।
जब तमाम तथाकथित संघ केवल एक ही मुद्दों पर शिक्षकों को आंदोलन को सपोर्ट करने की बात करते थे तो हमने सदैव कहा कि शिक्षकों की प्रत्येक समस्या के निराकरण को प्राथमिकता में नहीं रखा तो यह सब छीन लेंगे
आज बही दिन हम सबके सामने है
हजारों प्रधान अध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया अर्थात उन विद्यालयों में प्रधान अध्यापक के पद समाप्त कर दिये गये ।आप हेड मास्टर के पद माँग ��हे थे तो उन्होंने हजारों विद्यालय बंद करने का निर्णय ले लिया ।
इसलिए आवश्यक है कि आम शिक्षक को इस मनमानी से अवगत कराए
शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात सहन नहीं किया जायेगा ।
इसको अमा���वीय आदेश कहा जा सकता है क्या ?
हीटवेव को लेकर हर दिन अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी किया जाता है, बचने के नए-नए तरीके बताए जाते है, कोई भी व्यक्ति फला समय से लेकर फला समय तक घर से बाहर न निकले,और इसी बीच एक आदेश निकालकर शिक्षकों को हीटप्रूफ घोषित कर दिया जाता है।
सरकार को अपने कर्म���ारियों के मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
छुट्टियों में शिक्षकों ने हर विभागीय कार्य को पूरा किया है। आगे भी करेंगे। लेकिन बिना छात्रों के स्कूल में बैठ कर ही कार्य होगा ऐसा आदेश द्वेषकारी है। अधिकारी, शिक्षक व सरकार में द्वेष डालना चाहते हैं क्या?
माननीय बेसिक शिक्षामंत्री @thisissanjubjp जी भयंकर हीटवेव और भीषण गर्मी के दृष्टिगत परिषदीय विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित 15 जून तक का ग्रीष्म अवकाश छात्र हित में पूर्ण रूप से 30 जून तक बढ़ाने की कृपा करें।
धन्यवाद।
#ग्रीष्म_अवकाश_30जून_तक
@Info_4Education@thisissanjubjp@UPGovt@DrDCSHARMAUPPSS ये अधिकारियों द्वारा सरकार की छवि को शिक्षकों की नज़र में धूमिल करने ��ा प्रयास है।
छुट्टियों में सभी ने विभाग के हर काम को पूर्ण किया है। जो कि अब भी किया जाएगा। पर बिना बच्चों के स्कूल में बैठ के ही करो, यह आदेश द्वेष पूर्ण भावना से लाया गया है।
क्या शिक्षक लोहे या लकड़ी के बने हैं??
स्कूल बंद आदेश में ये किस अव्यवहारिक नीति के ��नुसार शिक्षण को स्कूल जाने का आदेश पारित कर दिया जाता है।
यही शिक्षकों में मानसिक विद्वेष फैलाता है।
जबकि शिक्षक सभी कार्यों का निष्पादन लगातार कर रहा है।
@DrDCSHARMAUPPSS @IndiaTVHindi
अवकाश की यह व्यवस्था जनपद कौशाम्बी में भी लागू हो।
ज्ञात हो कि कौशाम्बी का अधिकांश स्टाफ सभी विभागों का, प्रयागराज से ही ��ता जाता है।
बा��क, वैन, कार , बस आदि के द्वारा।
इन साधनों के न चल पाने पे असुविधा का सामना करना होगा।
@UPGovt @myogiadityanath @CMOfficeUP @PMOIndia @Aamitabh2