तरसती है निगाहें अब,
सोना देखने के लिए भी........
आभूषण भारतीय संस्कृति में औरतों का श्रृंगार होता है। आज बढ़ते दामों के कारण औरते तरसती है आभूषण पहनने के लिए भी........
महंगाई है आज हम पर भरी, क्योंकि सरकार है हमारी नकारी।
आज हमारी सरकार जनता से ज्यादा कुछ खास घरानों की सेवा में लगी है।
जनता महंगाई से पीस रही है और वो घराने दिन प्रतिदिन दौलतमंद होते जा रहे हैं।
आज गरीब की भूख के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
रोटी, कपड़ा, मकान, सब महंगा हो रहा हैं।
कैसे इस महंगाई से लड़े आम आदमी जब सरकार ही GST लगा कर इस महंगाई को बढ़ावा दे रही हैं।
एक तरफ देश का आम आदमी भूख से लड़ रहा है, दूसरी तरफ कोई विश्व का दूसरा सबसे धनी व्यक्ति बन रहा है।
महंगाई रे महंगाई!!!
तुने आम आदमी की नींद और चेन चुराई.......
तेरे आने से हमारा सुख चेन सब छीन गया.......
रात हो या दिन हम बस तेरे खयालों में ही खो रहे हैं.......
आज इस महंगाई के दौर में बस
हम दो हमारे दो ही चेन की नींद सो रहे हैं।
बढ़ती मंहगाई से आम आदमी परेशान है। खाद्य वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों से आमजन की जेब पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है।
आम जन को इससे अपनी जरूरत की चीजों में भी कटौती करनी पड़ रही है।
पर सरकार सत्ता के नशे में चूर है!!
बच्चों की भूख से भी खिलवाड़ हो रहा है, इस सियासत के खेल में!!!
आज दूध के दाम आसमान छू रहे हैं, तरसते हैं गरीब के बच्चे दूध के लिए भी इस महंगाई में।
पर सरकार को तो मतलब है बस सत्ता की मलाई चाटने से!!!!
बच्चों की भूख से भी खिलवाड़ हो रहा है, इस सियासत के खेल में!!!
आज दूध के दाम आसमान छू रहे हैं, तरसते हैं गरीब के बच्चे दूध के लिए भी इस महंगाई में।
पर सरकार को तो मतलब है बस सत्ता की मलाई चाटने से!!!!
क्या बढ़ती महंगाई से आम जनता को कभी राहत मिलेगी??
यहां तो सरकार 5 किलो राशन के नाम पर महंगाई छुपा रही है।
क्या यही वो अच्छे दिन है जिसके सपने दिखाकर इन्होंने जनता को ठगा है।
जब विपक्ष में होते थे,
तो LPG सिलेंडर के दाम पर बड़ा सवाल उठाते थे अब सत्ता में आते ही,
इसका जिम्मेदार विपक्ष को बताते हैं
कहां है वो नेता
जो उस भरी धूप में सिर पर सिलेंडर उठाते थे।