ध्रुव राठी ने पूछा था…
गांधी जी क्या परमिशन लेकर विरोध प्रदर्शन करते थे
हम भी बग़ैर अनुमति के जाएँगे….
तो वो गाँधी थे जर्मन शैफर्ड….
और तुम कसाब हो… गोडसे हो….!!!
गांधी का मक़सद ही अहिंसा था….
और तुम्हारा मक़सद ही हंगामा खड़ा करना है…
गांधी से अपनी तुलना करना…. गांधी को गाली देने जैसा हैं….!!!
कहाँ गाँधी और कहाँ गंदगी….!!!!
How dare common people ask Rajaji for roads?
They should stand with folded hands, praise the Maharaja and be grateful that His Highness even allowed them to speak.
Who told these citizens that this is a democracy?
बैंगलोर के ऑर्थर में उर्दू स्कूल की 70 पर्सेन्ट क्लासरूम की छते गिर चुकी हैँ,
बच्चे गैलरी और टूटी छतों के नीचे पढ़ने पर मजबूर हैं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री योगी जी इस्तीफा कब देंगे?
पहला सुख निरोगी काया का उदाहरण अब अप्रचलित हो गया था,
इसलिए बढ़ते हुए डायिबिटिज को रोकने के लिए चीनी महंगी की है।
ऐसे छोटी छोटी बातों पर आम आदमी ध्यान देगा तो हम 2147 तक भी विश्वगुरु नहीं बन पायेंगे।
मुझे तो लगता है भारत में कैमरे वाले फ़ोन बंद हो जाने चाहिए,
स्कूल में जाकर लाल पत्थर से बनी राजस्थान की धरोहर के गोपनीय राज को उजागर कर दिया है।
मैं तो कहता हूं रासुका लगा दो सब पे जो विश्वगुरु देश की छवि को ख़राब कर रहे हैं।
पहला सुख निरोगी काया का उदाहरण अब अप्रचलित हो गया था,
इसलिए बढ़ते हुए डायिबिटिज को रोकने के लिए चीनी महंगी की है।
ऐसे छोटी छोटी बातों पर आम आदमी ध्यान देगा तो हम 2147 तक भी विश्वगुरु नहीं बन पायेंगे।